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समस्याओं के हल के लिए मुख्य प्रशासक से मिला प्रतिनिधिमंडल
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पंचकूला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक अजीत बालाजी जोशी से हरियाणा स्टेट प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने प्राधिकरण की ओर से बेस प्राइस और रिजर्व प्राइस को लेकर लोगों को हो रही परेशानी के बारे में मुख्य प्रशासक को अवगत कराया।
इस पर मुख्य प्रशासक ने सहमति जताते हुए समस्या के जल्द हल का आश्वासन दिया।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने मुख्य प्रशासक को बताया कि प्राधिकरण की ओर से पूरे हरियाणा में व्यवसायिक और रिहायशी संपत्तियों की ऑनलाइन ऑक्शन की जाती है। इसमें प्राधिकरण की ओर से ऑनलाइन बेस प्राइस दिखाया जाता है। इसके मुताबिक खरीददार ऑनलाइन ऑक्शन में अपनी पसंदीदा संपत्ति खरीदने के लिए आवेदन करता है। संपत्ति खरीदने से पहले खरीदार को 1000 रुपये बुकिंग के तौर पर जमा करवाने होते हैं। इसके बाद वह ऑनलाइन ऑक्शन में हिस्सा ले सकता है। खरीदार बेस प्राइस के मुताबिक अपनी पसंदीदा संपत्ति खरीदने करके लिए ऑक्शन में बैठता है, जिसके लिए पूरा दिन खराब हो जाता है। ऐसे कुछ मामले सामने आए हैं, जिसमें प्राधिकरण से खरीदारों ने बेस प्राइज के मुताबिक ऑक्शन में संपत्तियां खरीदीं और उनका 10 प्रतिशत पैसा भी प्राधिकरण को जमा करवा दिया, लेकिन प्राधिकरण द्वारा कुछ समय बाद खरीददारों को ईमेल करके लिखकर कहा गया कि जो संपत्ति आपने खरीदी है, उसका रिजर्व प्राइस उससे काफी अधिक है।
यदि आप उस रिजर्व प्राइज के मुताबिक संपत्ति खरीदना चाहते हैं, तभी आपकी ऑक्शन सफल मानी जाएगी, अन्यथा इसे रद्द कर दिया जाएगा। अग्रवाल ने कुछ मामले भी सीए के समक्ष रखे। बूथ नंबर 134, 135, 136 सेक्टर 20 का बेस प्राइज 88 लाख रुपये रखा गया था। जिन्हें खरीददारों द्वारा ऑक्शन में 1.35 करोड़ से 1.40 करोड़ रुपये में खरीद लिया। इसका 10 प्रतिशत पैसा भी खरीददारों ने जमा करवा दिया। 15 दिन बाद एचएसवीपी की ओर से ईमेल के जरिए इन्हें कह दिया गया कि इन बूथों का रिजर्व प्राइज 1.66 करोड़ रुपये हैं। अब फिर से एचएसवीपी की ओर से नई ऑक्शन में इस सेक्टर के बूथ नंबर 137, 138 का बेस प्राइज 88 लाख रुपये रखा गया है।
खरीददार को आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ रहा
सुरेश अग्रवाल ने मुख्य प्रशासक से कहा कि जब किसी भी व्यक्ति की ओर से संपत्ति को ऑक्शन में खरीद लिया गया, तो उसके बाद रिजर्व प्राइस बताने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इससे खरीददार को आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ता है। सुरेश अग्रवाल ने ने मांग की कि जब प्राधिकरण द्वारा संपत्ति रिजर्व प्राइज के मुताबिक ही बेची जानी है, तो उसे ऑनलाइन बेस प्राइस दिखाने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इससे लोग गुमराह होते हैं और प्राधिकरण की साइट पर ऑक्शन वाले दिन काफी भीड़ रहती है। लोग बेस प्राइस के मुताबिक संपत्ति की ऑक्शन कर लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें रिजर्व प्राइस की बात कहकर उनकी ऑक्शन को निरस्त कर दिया जाता है, जोकि बहुत गलत है। इसलिए भविष्य में प्राधिकरण द्वारा इस नियम को बदलकर रिजर्व प्राइज ही ऑनलाइन दिखाया जाए, ताकि जो लोग संपत्ति की राशि वहन करने की क्षमता रखते हैं, वह ही ऑनलाइन ऑक्शन में हिस्सा लें। इस अवसर पर हरियाणा स्टेट प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी सुनील तनेजा, परमिंद्र ढींगरा, संदीप मेहता, अक्षय भाटिया भी उपस्थित थे।
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प्रतिनिधिमंडल ने प्राधिकरण की ओर से बेस प्राइस और रिजर्व प्राइस को लेकर लोगों को हो रही परेशानी के बारे में मुख्य प्रशासक को अवगत कराया।
इस पर मुख्य प्रशासक ने सहमति जताते हुए समस्या के जल्द हल का आश्वासन दिया।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने मुख्य प्रशासक को बताया कि प्राधिकरण की ओर से पूरे हरियाणा में व्यवसायिक और रिहायशी संपत्तियों की ऑनलाइन ऑक्शन की जाती है। इसमें प्राधिकरण की ओर से ऑनलाइन बेस प्राइस दिखाया जाता है। इसके मुताबिक खरीददार ऑनलाइन ऑक्शन में अपनी पसंदीदा संपत्ति खरीदने के लिए आवेदन करता है। संपत्ति खरीदने से पहले खरीदार को 1000 रुपये बुकिंग के तौर पर जमा करवाने होते हैं। इसके बाद वह ऑनलाइन ऑक्शन में हिस्सा ले सकता है। खरीदार बेस प्राइस के मुताबिक अपनी पसंदीदा संपत्ति खरीदने करके लिए ऑक्शन में बैठता है, जिसके लिए पूरा दिन खराब हो जाता है। ऐसे कुछ मामले सामने आए हैं, जिसमें प्राधिकरण से खरीदारों ने बेस प्राइज के मुताबिक ऑक्शन में संपत्तियां खरीदीं और उनका 10 प्रतिशत पैसा भी प्राधिकरण को जमा करवा दिया, लेकिन प्राधिकरण द्वारा कुछ समय बाद खरीददारों को ईमेल करके लिखकर कहा गया कि जो संपत्ति आपने खरीदी है, उसका रिजर्व प्राइस उससे काफी अधिक है।
यदि आप उस रिजर्व प्राइज के मुताबिक संपत्ति खरीदना चाहते हैं, तभी आपकी ऑक्शन सफल मानी जाएगी, अन्यथा इसे रद्द कर दिया जाएगा। अग्रवाल ने कुछ मामले भी सीए के समक्ष रखे। बूथ नंबर 134, 135, 136 सेक्टर 20 का बेस प्राइज 88 लाख रुपये रखा गया था। जिन्हें खरीददारों द्वारा ऑक्शन में 1.35 करोड़ से 1.40 करोड़ रुपये में खरीद लिया। इसका 10 प्रतिशत पैसा भी खरीददारों ने जमा करवा दिया। 15 दिन बाद एचएसवीपी की ओर से ईमेल के जरिए इन्हें कह दिया गया कि इन बूथों का रिजर्व प्राइज 1.66 करोड़ रुपये हैं। अब फिर से एचएसवीपी की ओर से नई ऑक्शन में इस सेक्टर के बूथ नंबर 137, 138 का बेस प्राइज 88 लाख रुपये रखा गया है।
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खरीददार को आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ रहा
सुरेश अग्रवाल ने मुख्य प्रशासक से कहा कि जब किसी भी व्यक्ति की ओर से संपत्ति को ऑक्शन में खरीद लिया गया, तो उसके बाद रिजर्व प्राइस बताने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इससे खरीददार को आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ता है। सुरेश अग्रवाल ने ने मांग की कि जब प्राधिकरण द्वारा संपत्ति रिजर्व प्राइज के मुताबिक ही बेची जानी है, तो उसे ऑनलाइन बेस प्राइस दिखाने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इससे लोग गुमराह होते हैं और प्राधिकरण की साइट पर ऑक्शन वाले दिन काफी भीड़ रहती है। लोग बेस प्राइस के मुताबिक संपत्ति की ऑक्शन कर लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें रिजर्व प्राइस की बात कहकर उनकी ऑक्शन को निरस्त कर दिया जाता है, जोकि बहुत गलत है। इसलिए भविष्य में प्राधिकरण द्वारा इस नियम को बदलकर रिजर्व प्राइज ही ऑनलाइन दिखाया जाए, ताकि जो लोग संपत्ति की राशि वहन करने की क्षमता रखते हैं, वह ही ऑनलाइन ऑक्शन में हिस्सा लें। इस अवसर पर हरियाणा स्टेट प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी सुनील तनेजा, परमिंद्र ढींगरा, संदीप मेहता, अक्षय भाटिया भी उपस्थित थे।
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