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विडंबनाः गोशालाओं में सवा साल में ही 10722 गोवंश की मौत, आरटीआई से हुआ खुलासा

Thu, 23 Jan 2020 10:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2020 10:48 PM IST
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death of cow dynasty 10722 in quarter past one year
सिरसा जिले की गोशालाओं में सवा साल में ही 10,772 गोवंश की मौत हो गई है। यह आंकड़ा अप्रैल 2017 से जुलाई 2018 के बीच का है। सूचना के मुताबिक हर माह औसतन 673 गोवंश ने दम तोड़ा। पानीपत के सूचना अधिकार प्रहरी पीपी कपूर की ओर से आरटीआई में मांगी गई जानकारी प्राप्त होने पर यह खुलासा हुआ है। कपूर ने बताया कि गौ सेवा आयोग से आरटीआई में मिली जानकारी अनुसार सिरसा जिले की कुल 117 गोशालाओं में ये मौतें हुई हैं। प्रति गोशाला हर साल लाखों खर्च करने के बावजूद इतनी बड़ी तादाद में गोवंश की मौत के बाद व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। हाल में हिसार में भी सैकड़ों गोवंश की मौत हो गई थी। उसके बाद भी सिस्टम सतर्क होता नहीं दिख रहा है।
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सूचना अधिकार प्रहरी ने इतनी संख्या में गोवंश के मरने की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, साथ ही हरियाणा गोसेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। कपूर के अनुसार 5 सितंबर 2019 को गोसेवा आयोग में आरटीआई लगाकर प्रदेश की सभी गोशालाओं में मरे गोवंश की संख्या, लावारिस गोवंश की संख्या, जिला स्तरीय स्ट्रे कैटल फ्री कमेटियों के एक्शन प्लान, गो रक्षकों की कुल संख्या, शेष पकड़े जाने वाले आवारा पशुओं की संख्या की सूचना मांगी थी। लेकिन, आयोग ने बिना कोई ठोस सूचना दिए आवेदन पत्र को महानिदेशक पश्ुापालन, सभी अतिरिक्त उपायुक्तों, सभी शहरी स्थानीय निकायों को भेजकर अपना पल्ला झाड़ लिया। सघन पशुधन विकास परियोजना सिरसा के उपनिदेशक ने 18 अक्टूबर 2019 को पत्र के जरिए जिला सिरसा की गोशालाओं में अप्रैल 2017 से जुलाई 2018 की अवधि में मरे गोवंश के आंकड़े उपलब्ध कराए थे। कपूर का कहना है कि सात अगस्त 2018 को सिटी मजिस्ट्रेट व 21 नवंबर 2018 को एडीसी सिरसा की अध्यक्षता में बेसहारा पशु कल्याण समिति की उच्च स्तरीय बैठकें भी हुईं, मगर दोनों बैठकों में बेसहारा गोवंश की मौत पर कोई चर्चा नहीं की गई। पशुपालन एवं डेयरी विभाग पानीपत के उपनिदेशक ने सूचित किया है कि गोशाला प्रबंधकों के पास गोवंश की मौतों का कोई आंकड़ा नहीं है। कपूर ने सरकार से गोवंश के मरने की उच्च स्तरीय जांच व प्रदेश को लावारिस पशुओं से मुक्त कराने की मांग की है।
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एक गोवंश पर एक साल में 300 रुपये देता है गो सेवा आयोग
योगेश विश्नोई ने बताया कि गो सेवा आयोग एक गोवंश पर एक साल में 300 रुपये देता है। यह राशि छह-छह माह पर दो बार में मिलती है। गोपाष्टमी पर प्रति गोशाला 31000 रुपये मिलते हैं।
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जिले में करीब 132 गोशालाएं हैं। गोशालाओं में गाय व गोवंश तब आता है जब वे बूढ़े हो जाते हैं। उनका शरीर कमजोर हो जाता है। ऐसा नहीं है कि किसी गोशाला में इलाज के अभाव में गोवंश दम तोड़ता है। वास्तव में गोवंश अपनी उम्र के आखिरी पड़ाव में गोशाला में आता है। तब उसकी मौत हो जाती है।
- योगेश बिश्नोई, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, हरियाणा गोवंश गोशाला सेवा संघ
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