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फिरौती का धंधा न चला तो नशा बेचने लगा था दिलप्रीत
Updated Fri, 13 Jul 2018 01:33 AM IST
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फिरौती का धंधा नहीं चला तो नशे
का कारोबार करने लगा था दिलप्रीत
सबहेड
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दिलप्रीत ने गर्लफ्रेंड रुपिंदर कौर को निसान टेरानो कार तोहफे में दी थी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चंडीगढ़ में एनकाउंटर के दौरान पकड़े गए गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह को पैसे की काफी जरूरत थी क्योंकि उसके गिरोह के सदस्य लोगों से फिरौती वसूलने में काफी समय से नाकाम चल रहे थे। यह बात पंजाब के विशेष आपरेशन सेल (एसएसओसी) के एआईजी वरिंदरपाल सिंह ने बताई।
गैंगस्टर दिलप्रीत से जुड़े मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने दावा किया है कि पिछले साल दिसंबर में दिलप्रीत सिंह की अपने खास साथी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा जो महाराष्ट्र के नांदेड़ में सक्रिय है, से अनबन हो गई थी। एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रिंदा ने अपनी एक पुरानी गर्लफ्रेंड मनप्रीत कौर के साथ शादी कर ली थी, जिसे बाद में कोलकाता में गिरफ्तार कर लिया गया। तब रिंदा ने अपनी पत्नी को छुड़ाने के लिए दिलप्रीत से कुछ पैसों की मांग की थी लेकिन दिलप्रीत उसकी कोई मदद नहीं कर सका। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दिलप्रीत सिंह का अब रिंदा के कोई लिंक है या नहीं। रिंदा पर महाराष्ट्र में कत्ल और फिरौती के कभी मामले दर्ज हैं और जब तक उसका साथ दिलप्रीत से रहा, वह उससे अपनी गतिविधियों की जानकारी साझा करता रहा था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब दिलप्रीत के गिरोह के सदस्यों से फिरौती वसूलने का काम नहीं हो सका तो दिलप्रीत नशे के कारोबार से जुड़ गया था। तब नशीले पदार्थों की महाराष्ट्र से पंजाब को सप्लाई की जा रही थी। गिरोह का सदस्य आकाशदीप सिंह नशे की खेप को पंजाब में दिलप्रीत तक लाता था। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि दिलप्रीत का गिरोह अपने खर्च चलाने के लिए नशे का कारोबार करने पर मजबूर था। हालांकि पुलिस का यह भी कहना है कि दिलप्रीत ने रुपिंदर कौर को एक निसान टेरानो कार तोहफे में दी थी जो उसने नशे के कारोबार से कमाए पैसे से खरीदी थी। वैसे उसने यह कार किस्तों पर ली थी।
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उल्लेखनीय है कि दिलप्रीत उस समय सुर्खियों में आया जब उसने गत अप्रैल माह में पंजाबी गायक परमीश वर्मा पर हमले की जिम्मेदारी कबूली। उसी समय से पुलिस उसके पीछे लग गई थी।
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का कारोबार करने लगा था दिलप्रीत
सबहेड
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दिलप्रीत ने गर्लफ्रेंड रुपिंदर कौर को निसान टेरानो कार तोहफे में दी थी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चंडीगढ़ में एनकाउंटर के दौरान पकड़े गए गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह को पैसे की काफी जरूरत थी क्योंकि उसके गिरोह के सदस्य लोगों से फिरौती वसूलने में काफी समय से नाकाम चल रहे थे। यह बात पंजाब के विशेष आपरेशन सेल (एसएसओसी) के एआईजी वरिंदरपाल सिंह ने बताई।
गैंगस्टर दिलप्रीत से जुड़े मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने दावा किया है कि पिछले साल दिसंबर में दिलप्रीत सिंह की अपने खास साथी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा जो महाराष्ट्र के नांदेड़ में सक्रिय है, से अनबन हो गई थी। एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रिंदा ने अपनी एक पुरानी गर्लफ्रेंड मनप्रीत कौर के साथ शादी कर ली थी, जिसे बाद में कोलकाता में गिरफ्तार कर लिया गया। तब रिंदा ने अपनी पत्नी को छुड़ाने के लिए दिलप्रीत से कुछ पैसों की मांग की थी लेकिन दिलप्रीत उसकी कोई मदद नहीं कर सका। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दिलप्रीत सिंह का अब रिंदा के कोई लिंक है या नहीं। रिंदा पर महाराष्ट्र में कत्ल और फिरौती के कभी मामले दर्ज हैं और जब तक उसका साथ दिलप्रीत से रहा, वह उससे अपनी गतिविधियों की जानकारी साझा करता रहा था।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब दिलप्रीत के गिरोह के सदस्यों से फिरौती वसूलने का काम नहीं हो सका तो दिलप्रीत नशे के कारोबार से जुड़ गया था। तब नशीले पदार्थों की महाराष्ट्र से पंजाब को सप्लाई की जा रही थी। गिरोह का सदस्य आकाशदीप सिंह नशे की खेप को पंजाब में दिलप्रीत तक लाता था। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि दिलप्रीत का गिरोह अपने खर्च चलाने के लिए नशे का कारोबार करने पर मजबूर था। हालांकि पुलिस का यह भी कहना है कि दिलप्रीत ने रुपिंदर कौर को एक निसान टेरानो कार तोहफे में दी थी जो उसने नशे के कारोबार से कमाए पैसे से खरीदी थी। वैसे उसने यह कार किस्तों पर ली थी।
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उल्लेखनीय है कि दिलप्रीत उस समय सुर्खियों में आया जब उसने गत अप्रैल माह में पंजाबी गायक परमीश वर्मा पर हमले की जिम्मेदारी कबूली। उसी समय से पुलिस उसके पीछे लग गई थी।