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युवक का किडनैप कर फिरौती मांगने वाले तीनों आरोपी बरी
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छात्र का अपहरण कर फिरौती मांगने वाले तीन बरी
आरोपियों के खिलाफ पुलिस अदालत में नहीं साबित कर सकी आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। रामदरबार फेज-2 निवासी 9वीं के छात्र का अपहरण कर दो लाख की फिरौती मांगने वाले तीन युवकों को सुबूतों के अभाव में जिला अदालत ने बरी कर दिया है। इनकी पहचान रामदरबार फेज-2 निवासी रोहित (24), राजकुमार (27), और जीरकपुर निवासी सतीश (19) के रूप में हुई है। इससे पहले जुवेनाइल कोर्ट एक नाबालिग को भी सुबूतों के अभाव में बरी कर चुकी है।
बचाव पक्ष के वकील इंद्रजीत बस्सी ने अदालत को बताया कि शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार के बेटे का न तो अपहरण किया और न फिरौती मांगी गई थी। इसके अलावा जुवेनाइल कोर्ट में पीड़ित ने अपहरण की बात से इनकार कर दिया था। पीड़ित ने कहा था कि वह खुद ही युवकों के साथ गया था। पीड़ित ने जुवेनाइल कोर्ट में सिर्फ आरोपी नाबालिग का ही नाम लिया था, जबकि अन्य युवकों का जुवेनाइल कोर्ट में कोई जिक्र नहीं किया गया था।
20 अक्तूबर 2017 को सेक्टर-31 थाना पुलिस ने छात्र को आरोपियों के चंगुल से छुड़वाने का दावा किया था। पुलिस ने बताया था कि रामदरबार फेज-2 निवासी शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार मीट शॉप का काम करते हैं। दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया और उसने पूछा कि वह अंकित के पिता बोल रहे हैं, हां कहने पर उसने कहा कि बेटे का शव भेज रहे हैं। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सेक्टर-31 थाना पुलिस ने आरोपियाें के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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आरोपियों के खिलाफ पुलिस अदालत में नहीं साबित कर सकी आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। रामदरबार फेज-2 निवासी 9वीं के छात्र का अपहरण कर दो लाख की फिरौती मांगने वाले तीन युवकों को सुबूतों के अभाव में जिला अदालत ने बरी कर दिया है। इनकी पहचान रामदरबार फेज-2 निवासी रोहित (24), राजकुमार (27), और जीरकपुर निवासी सतीश (19) के रूप में हुई है। इससे पहले जुवेनाइल कोर्ट एक नाबालिग को भी सुबूतों के अभाव में बरी कर चुकी है।
बचाव पक्ष के वकील इंद्रजीत बस्सी ने अदालत को बताया कि शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार के बेटे का न तो अपहरण किया और न फिरौती मांगी गई थी। इसके अलावा जुवेनाइल कोर्ट में पीड़ित ने अपहरण की बात से इनकार कर दिया था। पीड़ित ने कहा था कि वह खुद ही युवकों के साथ गया था। पीड़ित ने जुवेनाइल कोर्ट में सिर्फ आरोपी नाबालिग का ही नाम लिया था, जबकि अन्य युवकों का जुवेनाइल कोर्ट में कोई जिक्र नहीं किया गया था।
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20 अक्तूबर 2017 को सेक्टर-31 थाना पुलिस ने छात्र को आरोपियों के चंगुल से छुड़वाने का दावा किया था। पुलिस ने बताया था कि रामदरबार फेज-2 निवासी शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार मीट शॉप का काम करते हैं। दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया और उसने पूछा कि वह अंकित के पिता बोल रहे हैं, हां कहने पर उसने कहा कि बेटे का शव भेज रहे हैं। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सेक्टर-31 थाना पुलिस ने आरोपियाें के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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