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3 महीने से फरार था हत्या का आरोपी, पुलिस गिरफ्तार कर लेती तो जिंदा होता अमित
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चंडीगढ़। सेक्टर-40 मिनी मार्केट में शुक्रवार दिनदहाड़े 25 वर्षीय अमित कटोच उर्फ हन्नी की हत्या का मुख्य आरोपी रजत तिवारी पिछले तीन महीने से किडनैपिंग के एक मामले में फरार चल रहा था। रजत और उसके साथियों ने स्विफ्ट कार में हर्ष गोयल का अपहरण किया था। बीते 3 अप्रैल को मुख्य आरोपी रजत तिवारी के खिलाफ सेक्टर-34 थाने में केस दर्ज हुआ था। इस मामले में पुलिस अगर उसे गिरफ्तार कर लेती तो अमित कटोच आज जीवित होता, लेकिन पुलिस की लापरवाही से आरोपी शहर में ही घूमते रहे और शुक्रवार को अमित की हत्या कर दी। बता दें कि वारदात के 36 घंटे बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
इस पूरे मामले में चंडीगढ़ पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बीते 3 अप्रैल को केस दर्ज होने के बाद भी पुलिस रजत को गिरफ्तार नहीं कर पाई। वह तब से खुलेआम शहर में घूम रहा था। हैरानी की बात है कि शहर की स्मार्ट पुलिस ने किडनैपिंग जैसे मामले में भी रजत तिवारी को गिरफ्तार करने की जहमत नहीं उठाई, जिसकी वजह से एक युवक की हत्या हो गई।
उधर, शनिवार को मृतक अमित का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। जवान बेटे की मौत के बाद से अमित के घर पर मातम पसरा हुआ है। गौरतलब है कि रंजिशन चार युवकों ने शुक्रवार को सेक्टर 40 मिनी मार्केट में दिनदहाड़े अमित पर चाकुओं से हमला कर हत्या कर दी थी। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। सीसीटीवी में आरोपी चाकुओं से हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। मामले में सेक्टर-39 थाना पुलिस ने खरड़ के रहने वाले रजत तिवारी व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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आरोपी हत्या के प्रयास के मामले में भी हो चुका है गिरफ्तार
अमित की हत्या करने वाले रजत तिवारी के ऊपर किडनैपिंग के अलावा हत्या के प्रयास का भी आरोप है। इस मामले में वह जेल की हवा भी खा चुका है। रजत तिवारी ने सेक्टर-39 थाना पुलिस अंतर्गत होमगार्ड रामपाल को पुलिस नाके पर बाइक से टक्कर मार दी थी। उस दौरान बाइक पर तीन युवक सवार थे। इस मामले में उसके खिलाफ आईपीसी की धारा (307) के तहत केस दर्ज हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने 28 मई को उसे गिरफ्तार कर लिया था।
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इस पूरे मामले में चंडीगढ़ पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बीते 3 अप्रैल को केस दर्ज होने के बाद भी पुलिस रजत को गिरफ्तार नहीं कर पाई। वह तब से खुलेआम शहर में घूम रहा था। हैरानी की बात है कि शहर की स्मार्ट पुलिस ने किडनैपिंग जैसे मामले में भी रजत तिवारी को गिरफ्तार करने की जहमत नहीं उठाई, जिसकी वजह से एक युवक की हत्या हो गई।
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उधर, शनिवार को मृतक अमित का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। जवान बेटे की मौत के बाद से अमित के घर पर मातम पसरा हुआ है। गौरतलब है कि रंजिशन चार युवकों ने शुक्रवार को सेक्टर 40 मिनी मार्केट में दिनदहाड़े अमित पर चाकुओं से हमला कर हत्या कर दी थी। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। सीसीटीवी में आरोपी चाकुओं से हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। मामले में सेक्टर-39 थाना पुलिस ने खरड़ के रहने वाले रजत तिवारी व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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आरोपी हत्या के प्रयास के मामले में भी हो चुका है गिरफ्तार
अमित की हत्या करने वाले रजत तिवारी के ऊपर किडनैपिंग के अलावा हत्या के प्रयास का भी आरोप है। इस मामले में वह जेल की हवा भी खा चुका है। रजत तिवारी ने सेक्टर-39 थाना पुलिस अंतर्गत होमगार्ड रामपाल को पुलिस नाके पर बाइक से टक्कर मार दी थी। उस दौरान बाइक पर तीन युवक सवार थे। इस मामले में उसके खिलाफ आईपीसी की धारा (307) के तहत केस दर्ज हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने 28 मई को उसे गिरफ्तार कर लिया था।