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किरायेर ने एनआरआईकी जाली दस्तावेजों से हड़प्पी दुकान
Updated Tue, 14 Aug 2018 10:20 PM IST
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जाली दस्तावेजों से हड़पी एनआरआई की दुकान
दो सगे भाइयों खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। थाना सिटी साउथ पुलिस ने 42 साल से इंग्लैंड रहते एनआरआई की जाली दस्तावेज तैयार करके दुकान हड़पने के आरोप में दो सगे भाइयों समेत चार खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। इसके अलावा केस में एक कंप्यूटर माहिर को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस के मुताबिक मूल रूप में गांव सिंघांवाला के रहने वाले एनआरआई रणधीर सिंह गिल के स्थानीय तपतेज सिंह मार्केट में तकरीबन 50 लाख रुपये कीमत की दुकान तकरीबन 15 साल पहले लखविंदर सिंह पुत्र दलजीत सिंह निवासी मोहल्ला सोढिया वाला मोगा को उसके मुखत्यारे आम जसकरन सिंह ने किराये पर दी थी। जिला पुलिस प्रमुख को दी शिकायत में पीड़ित एनआरआई ने कहा कि वह 42 साल से इंग्लैंड रहता है। किराएदार लखविंदर सिंह ने उसको सिर्फ एक साल किराया दिया और बाद में किराया देने से टाल मटोल करने लग पड़ा। इस बाद पीड़ित ने 2017 में रेट कंट्रोलर की अदालत में किराएदार खिलाफ केस कर दिया, जो पीड़ित के पक्ष में हो गया। एनआरआई ने आरोप लगाया कि किराएदार लखविंदर सिंह ने उसकी दुकान हड़पने की नीयत से उसके मुखत्यारे आम जसकरन सिंह के जाली दस्तखत करके अपने भाई अमरिंदर सिंह के हक में कंप्यूटर माहिर सतपाल सिंह निवासी मेन बाजार सिविल अस्पताल मोगा, साहिल पुत्र सूरज भान निवासी हरकृष्ण नगर मोगा की मिली भुगत से इकरार नामा तैयार कर लिया।
इस इकरारनामे पर हस्ताक्षरों का मिलान एक्सपर्ट से करवाया गया तो उसने किसी असली हस्ताक्षर से ट्रेस करके हस्ताक्षर किए जाने की रिपोर्ट दी। फिंगर प्रिंट माहिर अनिल गुप्ता की इस रिपोर्ट बाद पंचायत जरिये आरोपियों को दुकान खाली करने के लिए कहा तो उन्होंने किसी झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। जिला पुलिस प्रमुख के आदेश पर इस शिकायत की प्राथमिक पड़ताल बाद उक्त दोनों सगे भाइयों लखविंदर सिंह, अमरिंदर सिंह और कंप्यूटर माहिर सतपाल सिंह ओर साहिल खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
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दो सगे भाइयों खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। थाना सिटी साउथ पुलिस ने 42 साल से इंग्लैंड रहते एनआरआई की जाली दस्तावेज तैयार करके दुकान हड़पने के आरोप में दो सगे भाइयों समेत चार खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। इसके अलावा केस में एक कंप्यूटर माहिर को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस के मुताबिक मूल रूप में गांव सिंघांवाला के रहने वाले एनआरआई रणधीर सिंह गिल के स्थानीय तपतेज सिंह मार्केट में तकरीबन 50 लाख रुपये कीमत की दुकान तकरीबन 15 साल पहले लखविंदर सिंह पुत्र दलजीत सिंह निवासी मोहल्ला सोढिया वाला मोगा को उसके मुखत्यारे आम जसकरन सिंह ने किराये पर दी थी। जिला पुलिस प्रमुख को दी शिकायत में पीड़ित एनआरआई ने कहा कि वह 42 साल से इंग्लैंड रहता है। किराएदार लखविंदर सिंह ने उसको सिर्फ एक साल किराया दिया और बाद में किराया देने से टाल मटोल करने लग पड़ा। इस बाद पीड़ित ने 2017 में रेट कंट्रोलर की अदालत में किराएदार खिलाफ केस कर दिया, जो पीड़ित के पक्ष में हो गया। एनआरआई ने आरोप लगाया कि किराएदार लखविंदर सिंह ने उसकी दुकान हड़पने की नीयत से उसके मुखत्यारे आम जसकरन सिंह के जाली दस्तखत करके अपने भाई अमरिंदर सिंह के हक में कंप्यूटर माहिर सतपाल सिंह निवासी मेन बाजार सिविल अस्पताल मोगा, साहिल पुत्र सूरज भान निवासी हरकृष्ण नगर मोगा की मिली भुगत से इकरार नामा तैयार कर लिया।
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इस इकरारनामे पर हस्ताक्षरों का मिलान एक्सपर्ट से करवाया गया तो उसने किसी असली हस्ताक्षर से ट्रेस करके हस्ताक्षर किए जाने की रिपोर्ट दी। फिंगर प्रिंट माहिर अनिल गुप्ता की इस रिपोर्ट बाद पंचायत जरिये आरोपियों को दुकान खाली करने के लिए कहा तो उन्होंने किसी झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। जिला पुलिस प्रमुख के आदेश पर इस शिकायत की प्राथमिक पड़ताल बाद उक्त दोनों सगे भाइयों लखविंदर सिंह, अमरिंदर सिंह और कंप्यूटर माहिर सतपाल सिंह ओर साहिल खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
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