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भूखंड बेचने के विवाद में नगर परिषद प्रधान कलानी पद से निलंबित
Updated Thu, 19 Jul 2018 10:16 PM IST
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जमीन बेचने के विवाद में नगर परिषद प्रधान निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। धर्मनगरी स्थित पार्क वाली साढ़े तीन कनाल जगह बेचने के मामले में नगर काउंसिल प्रधान प्रमिल कलानी को पद से हटाने के आदेश जारी हुए हैं। निकाय विभाग के मुख्य सचिव ए. वेणु प्रसाद की ओर से वीरवार को जारी आदेश में प्रमिल कलानी को अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने के आरोप में पद से हटाया गया है।
मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट कहा गया है कि प्रधान प्रमिल कलानी की अध्यक्षता में धर्मनगरी में पार्क वाली जगह बेची गई। इसकी शिकायत मिलने पर उन्हें इस मामले की सुनवाई के लिए पहले 12 मार्च व उसके बाद 30 अप्रैल 2018 को निजी सुनवाई के लिए बुलाया गया लेकिन दोनों ही तिथियों पर नगर काउंसिल प्रधान उपस्थित नहीं हुए। धर्मनगरी निवासी सुनील डोडा पुत्र केएल डोडा ने स्थानीय निकाय विभाग को शिकायत भेजकर आरोप लगाया था कि नगर काउंसिल ने 25 मई 2015 को प्रस्ताव नंबर-41 के तहत धर्मनगरी स्थित साढ़े तीन कनाल जगह मार्केट रेट फिक्स करवाए बिना नरेश छाबड़ा को बेच दी। शिकायत के आधार पर निकाय विभाग ने 27 सितंबर 2017 को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। इधर तत्कालीन जिला उपायुक्त ने उक्त भूखंड बेचने वाले प्रस्ताव नंबर 41 को रद्द कर दिया। इस पर नगर काउंसिल ने 12 जुलाई 2017 को नया प्रस्ताव पारित कर पार्क वाली जगह के खरीददार को उसकी मूल राशि 18 प्रतिशत ब्याज समेत लौटाने का प्रस्ताव पास किया। इस कारण नगर काउंसिल को बिना वजह से इस कार्रवाई से गुजरते हुए आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसके लिए प्रमिल कलानी को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रधान पद से हटाने के आदेश जारी हुए हैं।
प्रमिल कलानी ने बताया कि जब उक्त भूखंड को बेचने का प्रस्ताव पारित करते समय बैठक में कांग्रेस के 5 पार्षद मौजूद थे। नगर परिषद स्टाफ ने उन्हें यह नहीं बताया कि बेची जा रही जगह पार्क की है। वहीं सस्पेंड करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि नोटिस मिलने के बाद उन्होंने स्वयं सचिव से मिलकर सभी दस्तावेज उपलब्ध करवाए थे। इसके साथ ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा भी दिया था लेकिन उन्हें सस्पेंड करने नीयत से उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। धर्मनगरी स्थित पार्क वाली साढ़े तीन कनाल जगह बेचने के मामले में नगर काउंसिल प्रधान प्रमिल कलानी को पद से हटाने के आदेश जारी हुए हैं। निकाय विभाग के मुख्य सचिव ए. वेणु प्रसाद की ओर से वीरवार को जारी आदेश में प्रमिल कलानी को अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने के आरोप में पद से हटाया गया है।
मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट कहा गया है कि प्रधान प्रमिल कलानी की अध्यक्षता में धर्मनगरी में पार्क वाली जगह बेची गई। इसकी शिकायत मिलने पर उन्हें इस मामले की सुनवाई के लिए पहले 12 मार्च व उसके बाद 30 अप्रैल 2018 को निजी सुनवाई के लिए बुलाया गया लेकिन दोनों ही तिथियों पर नगर काउंसिल प्रधान उपस्थित नहीं हुए। धर्मनगरी निवासी सुनील डोडा पुत्र केएल डोडा ने स्थानीय निकाय विभाग को शिकायत भेजकर आरोप लगाया था कि नगर काउंसिल ने 25 मई 2015 को प्रस्ताव नंबर-41 के तहत धर्मनगरी स्थित साढ़े तीन कनाल जगह मार्केट रेट फिक्स करवाए बिना नरेश छाबड़ा को बेच दी। शिकायत के आधार पर निकाय विभाग ने 27 सितंबर 2017 को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। इधर तत्कालीन जिला उपायुक्त ने उक्त भूखंड बेचने वाले प्रस्ताव नंबर 41 को रद्द कर दिया। इस पर नगर काउंसिल ने 12 जुलाई 2017 को नया प्रस्ताव पारित कर पार्क वाली जगह के खरीददार को उसकी मूल राशि 18 प्रतिशत ब्याज समेत लौटाने का प्रस्ताव पास किया। इस कारण नगर काउंसिल को बिना वजह से इस कार्रवाई से गुजरते हुए आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसके लिए प्रमिल कलानी को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रधान पद से हटाने के आदेश जारी हुए हैं।
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प्रमिल कलानी ने बताया कि जब उक्त भूखंड को बेचने का प्रस्ताव पारित करते समय बैठक में कांग्रेस के 5 पार्षद मौजूद थे। नगर परिषद स्टाफ ने उन्हें यह नहीं बताया कि बेची जा रही जगह पार्क की है। वहीं सस्पेंड करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि नोटिस मिलने के बाद उन्होंने स्वयं सचिव से मिलकर सभी दस्तावेज उपलब्ध करवाए थे। इसके साथ ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा भी दिया था लेकिन उन्हें सस्पेंड करने नीयत से उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया।
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