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तीन महीने कैद के बाद वापिस लौटी गुरबख्श कौर
Updated Sat, 04 Nov 2017 10:27 PM IST
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सऊदी अरब में तीन माह की कैद के बाद लौटी महिला
नवांशहर के गढ़ी फतेह खां निवासी महिला को ट्रेवल एजेंटों ने दिया धोखा
मलयेशिया की जगह सऊदी अरब भेजा, बेटी रीना अब भी लापता
अमर उजाला ब्यूरो
नवांशहर।
मलयेशिया की जगह सऊदी अरब भेजी गई गांव गढ़ी फतेह खां निवासी मां-बेटी में से गुरबख्श कौर शनिवार को अपने गांव पहुंच गई। जबकि उनके साथ गई बेटी रीना (21) अब भी लापता है। गुरबख्श कौर को यह नहीं मालूम कि उनकी बेटी इस समय कहां है, क्योंकि दिल्ली से गुरबख्श कौर को अकेले भेज दिया गया था। सऊदी अरब में तीन महीने कैद में बाद वापस लौटने पर पत्रकारों से बातचीत में गुरबख्श कौर ने बताया कि वह अपनी बेटी के साथ मलेशिया जाना चाहती थीं, जहां ट्रेवल एजेंट ने उन्हें पैकिंग का काम दिलाने की बात कही थी। लेकिन जब वे दिल्ली एजेंट के पास पहुंचीं, तो पहले तो उन्हें तीन दिन दिल्ली में ही रखा गया। बाद में मलेशिया की जगह सऊदी अरब भेज दिया गया। वहां पर उन्हें एक घर में काम के लिए भेज दिया गया। जहां करीब ढाई महीने तक उसे कैंद में रखा गया। उसके साथ मारपीट से लेकर तंग और परेशान तक किया जाता रहा। इसका उन्होंने काफी विरोध किया, तो घर वालों ने उनके हाथ में चाकू पकड़ा घर से बाहर निकाल दिया। बाद में पुलिस वहां पर आ गई। पुलिस उसे अपने साथ ले गई और करीब एक सप्ताह जेल में रखा गया। इस दौरान केंद्र सरकार की दखल और कुछ भारतीय लड़कों की मदद के बाद उन्हें टिकट दिलवाकर भारत भेजा। घर पहुंचने पर प्रशासन की ओर से एसडीएम नवांशहर आदित्य उप्पल ने गुरबख्श कौर से बातचीत की तथा उन्हें आश्वासन दिलाया कि जिस तरह से सरकार वापस लाने में कामयाब हुई है, उसी तरह से उनकी बेटी को भी जल्द ही भारत लाया जाएगा।
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नवांशहर के गढ़ी फतेह खां निवासी महिला को ट्रेवल एजेंटों ने दिया धोखा
मलयेशिया की जगह सऊदी अरब भेजा, बेटी रीना अब भी लापता
अमर उजाला ब्यूरो
नवांशहर।
मलयेशिया की जगह सऊदी अरब भेजी गई गांव गढ़ी फतेह खां निवासी मां-बेटी में से गुरबख्श कौर शनिवार को अपने गांव पहुंच गई। जबकि उनके साथ गई बेटी रीना (21) अब भी लापता है। गुरबख्श कौर को यह नहीं मालूम कि उनकी बेटी इस समय कहां है, क्योंकि दिल्ली से गुरबख्श कौर को अकेले भेज दिया गया था। सऊदी अरब में तीन महीने कैद में बाद वापस लौटने पर पत्रकारों से बातचीत में गुरबख्श कौर ने बताया कि वह अपनी बेटी के साथ मलेशिया जाना चाहती थीं, जहां ट्रेवल एजेंट ने उन्हें पैकिंग का काम दिलाने की बात कही थी। लेकिन जब वे दिल्ली एजेंट के पास पहुंचीं, तो पहले तो उन्हें तीन दिन दिल्ली में ही रखा गया। बाद में मलेशिया की जगह सऊदी अरब भेज दिया गया। वहां पर उन्हें एक घर में काम के लिए भेज दिया गया। जहां करीब ढाई महीने तक उसे कैंद में रखा गया। उसके साथ मारपीट से लेकर तंग और परेशान तक किया जाता रहा। इसका उन्होंने काफी विरोध किया, तो घर वालों ने उनके हाथ में चाकू पकड़ा घर से बाहर निकाल दिया। बाद में पुलिस वहां पर आ गई। पुलिस उसे अपने साथ ले गई और करीब एक सप्ताह जेल में रखा गया। इस दौरान केंद्र सरकार की दखल और कुछ भारतीय लड़कों की मदद के बाद उन्हें टिकट दिलवाकर भारत भेजा। घर पहुंचने पर प्रशासन की ओर से एसडीएम नवांशहर आदित्य उप्पल ने गुरबख्श कौर से बातचीत की तथा उन्हें आश्वासन दिलाया कि जिस तरह से सरकार वापस लाने में कामयाब हुई है, उसी तरह से उनकी बेटी को भी जल्द ही भारत लाया जाएगा।