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20 की धोखाधड़ी के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
Updated Wed, 05 Jul 2017 07:19 PM IST
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20 लाख की ठगी के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सरकारी बैंक से 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में जिला अदालत ने आरोपी सेक्टर-45सी निवासी अमरजीत सिंह गिल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अमरजीत के खिलाफ सेक्टर-45सी स्थित इंडियन बैंक की ओर से सेक्टर-34 थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया गया था।
पुलिस को दी शिकायत में इंडियन बैंक के ब्रांच मैनेजर ने कहा था कि सेक्टर-45सी निवासी अमरजीत सिंह गिल का उनके बैंक में मई 2010 से खाता है। 17 सितंबर 2016 को उन्होंने बैंक में 32 लाख रुपये का आईसीआईसीआई बैंक का एक चेक जमा करवाया। चेक पर किसी पीसी गुप्ता के हस्ताक्षर थे। पैसे अमरजीत सिंह के खाते में ट्रांसफर होने के बाद बैंक ने चेक को कलेक्शन के लिए आईसीआईसीआई बैंक के पास भेजा। वहां से बताया गया कि चेक साइन अलग होने के कारण गलती से अमरजीत सिंह के खाते में पैसे ट्रांसफर हो गए थे।
अमरजीत जानता था कि उनके आईसीआईसीआई बैंक का खाता खाली है और पिछले दो साल से उसमें कोई ट्रांजेक्शन भी नहीं हुआ था। इसके बावजूद उसने धोखाधड़ी करने के मकसद से चेक लगाया। बैंक की गलती से पैसे उनके खाते में ट्रांसफर हो गए। हालांकि बाद में जब तक बैंक को पता चलता आरोपी खाते से 20 लाख रुपये निकाल चुका था। इसे लेकर बैंक अधिकारियों ने अमरजीत सिंह से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने पैसे नहीं लौटाए। जांच और लीगल राय लेने के बाद बैंक की ओर से सेक्टर-34 थाने में बैंक से धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कराया गया था।
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- बैंक से धोखाधड़ी कर निकाल लिए थे पैसे
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सरकारी बैंक से 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में जिला अदालत ने आरोपी सेक्टर-45सी निवासी अमरजीत सिंह गिल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अमरजीत के खिलाफ सेक्टर-45सी स्थित इंडियन बैंक की ओर से सेक्टर-34 थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया गया था।
पुलिस को दी शिकायत में इंडियन बैंक के ब्रांच मैनेजर ने कहा था कि सेक्टर-45सी निवासी अमरजीत सिंह गिल का उनके बैंक में मई 2010 से खाता है। 17 सितंबर 2016 को उन्होंने बैंक में 32 लाख रुपये का आईसीआईसीआई बैंक का एक चेक जमा करवाया। चेक पर किसी पीसी गुप्ता के हस्ताक्षर थे। पैसे अमरजीत सिंह के खाते में ट्रांसफर होने के बाद बैंक ने चेक को कलेक्शन के लिए आईसीआईसीआई बैंक के पास भेजा। वहां से बताया गया कि चेक साइन अलग होने के कारण गलती से अमरजीत सिंह के खाते में पैसे ट्रांसफर हो गए थे।
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अमरजीत जानता था कि उनके आईसीआईसीआई बैंक का खाता खाली है और पिछले दो साल से उसमें कोई ट्रांजेक्शन भी नहीं हुआ था। इसके बावजूद उसने धोखाधड़ी करने के मकसद से चेक लगाया। बैंक की गलती से पैसे उनके खाते में ट्रांसफर हो गए। हालांकि बाद में जब तक बैंक को पता चलता आरोपी खाते से 20 लाख रुपये निकाल चुका था। इसे लेकर बैंक अधिकारियों ने अमरजीत सिंह से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने पैसे नहीं लौटाए। जांच और लीगल राय लेने के बाद बैंक की ओर से सेक्टर-34 थाने में बैंक से धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कराया गया था।
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- बैंक से धोखाधड़ी कर निकाल लिए थे पैसे