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बेटे की हादसे में मौत, पिता ने मुआवजा जारी करने के लिए लगाई हाईकोर्ट से गुहार
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नोएडा के ध्यानार्थ
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) द्वारा मुआवजे की एफडी के रूप में मौजूद राशि को जारी न करने के आदेश को मृतक के पिता ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने अब एमएसीटी पलवल को मुआवजे की एफडी के रूप में मौजूद राशि को जारी करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए पलवल निवासी अयूब खान ने हाईकोर्ट को बताया कि उसके बेटे की वाहन दुर्घटना में मौत हो गई थी। मुआवजे के लिए उसने एमएसीटी पलवल में याचिका दाखिल की थी। इसके बाद सितंबर 2021 को याचिका मंजूर करते हुए एमएसीटी ने उन्हें सवा ग्यारह लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था। इस राशि में से आधी याचिकाकर्ता को तुरंत जारी करने का आदेश दिया गया था तथा बाकी की राशि को तीन साल के लिए एफडी करने का आदेश दिया था। याची ने इसके बाद ट्रिब्यूनल में अर्जी देकर कहा था कि वह बेहद गरीब है और परिवार के पालन पोषण के लिए पैसे की जरूरत है। ऐसे में एफडी की राशि को जारी करने का आदेश दिया जाए। ट्रिब्यूनल ने इस अर्जी को खारिज कर दिया था। अर्जी खारिज होने के चलते याची को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। याची की खराब आर्थिक स्थिति देखने केबाद अब हाईकोर्ट ने एमएसीटी पलवल को आदेश दिया है कि वह जल्द से जल्द एफडी की राशि याची के पक्ष में जारी करें।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) द्वारा मुआवजे की एफडी के रूप में मौजूद राशि को जारी न करने के आदेश को मृतक के पिता ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने अब एमएसीटी पलवल को मुआवजे की एफडी के रूप में मौजूद राशि को जारी करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए पलवल निवासी अयूब खान ने हाईकोर्ट को बताया कि उसके बेटे की वाहन दुर्घटना में मौत हो गई थी। मुआवजे के लिए उसने एमएसीटी पलवल में याचिका दाखिल की थी। इसके बाद सितंबर 2021 को याचिका मंजूर करते हुए एमएसीटी ने उन्हें सवा ग्यारह लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था। इस राशि में से आधी याचिकाकर्ता को तुरंत जारी करने का आदेश दिया गया था तथा बाकी की राशि को तीन साल के लिए एफडी करने का आदेश दिया था। याची ने इसके बाद ट्रिब्यूनल में अर्जी देकर कहा था कि वह बेहद गरीब है और परिवार के पालन पोषण के लिए पैसे की जरूरत है। ऐसे में एफडी की राशि को जारी करने का आदेश दिया जाए। ट्रिब्यूनल ने इस अर्जी को खारिज कर दिया था। अर्जी खारिज होने के चलते याची को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। याची की खराब आर्थिक स्थिति देखने केबाद अब हाईकोर्ट ने एमएसीटी पलवल को आदेश दिया है कि वह जल्द से जल्द एफडी की राशि याची के पक्ष में जारी करें।
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