{"_id":"613d0ed98ebc3e5fa07876af","slug":"court-399-cases-were-settled-in-national-lok-adalat-organized-in-22-districts-and-33-sub-divisions-of-the-state-justice-rajan-gupta-of-punjab-haryana-high-court-presided-over-pkl-office-news-pkl426458715","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट : राष्ट्रीय लोक अदालत में 399 मामलों का हुआ निपटारा, प्रदेश के 22 जिलों और 33 उपमंडल में हुआ आयोजन, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजन गुप्ता ने की अध्यक्षता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट : राष्ट्रीय लोक अदालत में 399 मामलों का हुआ निपटारा, प्रदेश के 22 जिलों और 33 उपमंडल में हुआ आयोजन, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजन गुप्ता ने की अध्यक्षता
विज्ञापन
पंचकूला। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति और हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष राजन गुप्ता की अध्यक्षता में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रदेश के 22 जिलों और 33 उपमंडल में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। जिसमें सिविल, आपराधिक, वैवाहिक, बैंक वसूली आदि से संबंधित और सभी एडीआर केंद्रों पर कार्यरत स्थायी लोक अदालतों के मामलों निपटारा किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 399 मामलों का निपटारा किया गया।
न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित न्यायाधीश भारतीय उच्चतम न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और राजन गुप्ता कार्यकारी अध्यक्ष हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लोक अदालतों की निगरानी की। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने सफल राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस बात पर भी जोर कि लोक अदालत बिना किसी अतिरिक्त लागत या शुल्क के मामलों के त्वरित और अंतिम सहमति के निपटान को सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी वैकल्पिक विवाद समाधान विधि है। न्यायमूर्ति ने अधिक से अधिक मामलों को निपटाने का आह्वान किया। लोक अदालत वैकल्पिक विवाद समाधान की एक प्रणाली है, जो भारत में उत्पन्न हुई और बदलते समय के साथ एक प्रणाली के रूप में स्थापित हुई है।
शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में 236 पूर्व मुकदमेबाजी के मामलों को उठाया गया। 120 मामलों का निपटारा किया गया और कुल 14.48 लाख रुपये की राशि का निपटान किया गया। इसके अलावा 2409 लंबित मामलों को उठाया गया और 279 मामलों में निर्णय लिया गया। 27.77 लाख रुपये की कुल राशि का निपटान किया गया। पूर्व मुकदमेबाजी और लंबित दोनों चरणों में 399 मामलों का निपटारा किया गया इसमें पक्षों के बीच 42.25 लाख रुपये की कुल राशि का निपटान हुआ।
विज्ञापन
प्रदेश में कुल 16995 केसों का उठाया गया
पंचकूला। आज राष्ट्रीय लोक अदालत में 16995 पूर्व मुकदमे बाजी के मामलों को उठाया गया। इसमें 6497 मामलों का निपटारा किया गया। कुल 136311205 रुपये की राशि का निपटान किया गया। इसके अलावा 60537 लंबित मामलों को उठाया गया और 28365 मामलों में निर्णय लिया गया। 734991469 रुपये की कुल राशि का निपटान किया गया। पूर्व मुकदमे बाजी और लंबित दोनों चरणों में 34862 मामलों की कुल संख्या का निपटारा किया गया, जिससे पक्षों के बीच 871302674 रुपये की कुल राशि का निपटान हुआ।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित न्यायाधीश भारतीय उच्चतम न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और राजन गुप्ता कार्यकारी अध्यक्ष हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लोक अदालतों की निगरानी की। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने सफल राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस बात पर भी जोर कि लोक अदालत बिना किसी अतिरिक्त लागत या शुल्क के मामलों के त्वरित और अंतिम सहमति के निपटान को सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी वैकल्पिक विवाद समाधान विधि है। न्यायमूर्ति ने अधिक से अधिक मामलों को निपटाने का आह्वान किया। लोक अदालत वैकल्पिक विवाद समाधान की एक प्रणाली है, जो भारत में उत्पन्न हुई और बदलते समय के साथ एक प्रणाली के रूप में स्थापित हुई है।
विज्ञापन
शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में 236 पूर्व मुकदमेबाजी के मामलों को उठाया गया। 120 मामलों का निपटारा किया गया और कुल 14.48 लाख रुपये की राशि का निपटान किया गया। इसके अलावा 2409 लंबित मामलों को उठाया गया और 279 मामलों में निर्णय लिया गया। 27.77 लाख रुपये की कुल राशि का निपटान किया गया। पूर्व मुकदमेबाजी और लंबित दोनों चरणों में 399 मामलों का निपटारा किया गया इसमें पक्षों के बीच 42.25 लाख रुपये की कुल राशि का निपटान हुआ।
विज्ञापन
प्रदेश में कुल 16995 केसों का उठाया गया
पंचकूला। आज राष्ट्रीय लोक अदालत में 16995 पूर्व मुकदमे बाजी के मामलों को उठाया गया। इसमें 6497 मामलों का निपटारा किया गया। कुल 136311205 रुपये की राशि का निपटान किया गया। इसके अलावा 60537 लंबित मामलों को उठाया गया और 28365 मामलों में निर्णय लिया गया। 734991469 रुपये की कुल राशि का निपटान किया गया। पूर्व मुकदमे बाजी और लंबित दोनों चरणों में 34862 मामलों की कुल संख्या का निपटारा किया गया, जिससे पक्षों के बीच 871302674 रुपये की कुल राशि का निपटान हुआ।