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चंडीगढ़ः काउंसिलिंग से पहले मेडिकल कॉलेज ने खारिज किए 25 आवेदन, मां-बाप बोले- धांधली हुई
Mon, 22 Jul 2019 09:48 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jul 2019 09:48 AM IST
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जीएमसीएच 32 अस्पताल
- फोटो : file photo
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सेक्टर-32 मेडिकल कालेज ने काउंसलिंग की तैयारी शुरू कर दी है। 23 जुलाई को होने वाली काउंसलिंग से पहले रविवार को संस्थान ने उन 25 कैंडिडेट के आवेदन खारिज कर दिए, जिन्होंने यूटी के अलावा दूसरे राज्यों के मेडिकल कालेज में आवेदन कर रखे थे। एडमिशन प्रक्रिया के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से आवेदन करने वाले कैंडिडेट से एक शपथ पत्र मांगा गया था, जिसमें उन्होंने बताना था कि वे सिर्फ यूटी के कालेज में ही आवेदन कर रहे हैं।
मेडिकल कालेज की हाई पावर कमेटी ने जब जांच की तो पता चला कि कई कैंडिडेट ने मेडिकल कालेज के साथ दूसरे स्टेट के कालेज में भी आवेदन कर रखा है। खारिज किए कैंडिडेट की काउंसलिंग 23 जुलाई को होनी थी। पिछले कई सालों से मेडिकल कालेज में होने वाली काउंसलिंग विवादों में आ जाती है। हाल ही में सुप्रीमकोर्ट ने हाईकोर्ट के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें एमबीबीएस में उन्हीं कैंडिडेट को दाखिला मिलना था, जिन्होंने चंडीगढ़ से ही दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं की परीक्षा पास की हो।
सुप्रीमकोर्ट के नए आदेश के मुताबिक जिन कैंडिडेट ने 12वीं चंडीगढ़ से पास की है, उन्हें मेडिकल कालेज में दाखिला मिलेगा। उसके बाद मेडिकल कालेज ने 23 जुलाई को काउंसलिंग तय कर रखी है। उसी की तैयारी में जांच हुई तो पता चला कि कई कैंडिडेट ने यूटी के साथ दूसरे राज्यों के मेडिकल कालेज में एडमिशन के लिए अप्लाई कर रखा था।
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पैरेंट्स का आरोप, इसमें भी हुई है धांधली
इस दौरान कुछ पैरेंट्स का आरोप है कि कैंडिडेट के आवेदन खारिज करने के मामले में भी धांधली की गई है। कुछ ऐसे भी कैंडिडेट हैं, जिन्होंने दो जगह आवेदन कर रखे हैं, लेकिन उनकी एप्लीकेशन खारिज नहीं की गई। क्योंकि ये नामी लोगों के बच्चे हैं। पैरेंट्स का कहना है कि इस मामले को लेकर वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे क्योंकि उनके साथ न्याय नहीं किया जा रहा है।
मेडिकल कालेज की हाई पावर कमेटी ने अभ्यर्थियों की जांच की है। उसके बाद ही आवेदन खारिज किए गए हैं। काउंसलिंग तय समय पर की जानी है।
- प्रोफेसर बीएस चवन, प्रिंसिपल मेडिकल कालेज सेक्टर 32
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मेडिकल कालेज की हाई पावर कमेटी ने जब जांच की तो पता चला कि कई कैंडिडेट ने मेडिकल कालेज के साथ दूसरे स्टेट के कालेज में भी आवेदन कर रखा है। खारिज किए कैंडिडेट की काउंसलिंग 23 जुलाई को होनी थी। पिछले कई सालों से मेडिकल कालेज में होने वाली काउंसलिंग विवादों में आ जाती है। हाल ही में सुप्रीमकोर्ट ने हाईकोर्ट के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें एमबीबीएस में उन्हीं कैंडिडेट को दाखिला मिलना था, जिन्होंने चंडीगढ़ से ही दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं की परीक्षा पास की हो।
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सुप्रीमकोर्ट के नए आदेश के मुताबिक जिन कैंडिडेट ने 12वीं चंडीगढ़ से पास की है, उन्हें मेडिकल कालेज में दाखिला मिलेगा। उसके बाद मेडिकल कालेज ने 23 जुलाई को काउंसलिंग तय कर रखी है। उसी की तैयारी में जांच हुई तो पता चला कि कई कैंडिडेट ने यूटी के साथ दूसरे राज्यों के मेडिकल कालेज में एडमिशन के लिए अप्लाई कर रखा था।
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पैरेंट्स का आरोप, इसमें भी हुई है धांधली
इस दौरान कुछ पैरेंट्स का आरोप है कि कैंडिडेट के आवेदन खारिज करने के मामले में भी धांधली की गई है। कुछ ऐसे भी कैंडिडेट हैं, जिन्होंने दो जगह आवेदन कर रखे हैं, लेकिन उनकी एप्लीकेशन खारिज नहीं की गई। क्योंकि ये नामी लोगों के बच्चे हैं। पैरेंट्स का कहना है कि इस मामले को लेकर वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे क्योंकि उनके साथ न्याय नहीं किया जा रहा है।
मेडिकल कालेज की हाई पावर कमेटी ने अभ्यर्थियों की जांच की है। उसके बाद ही आवेदन खारिज किए गए हैं। काउंसलिंग तय समय पर की जानी है।
- प्रोफेसर बीएस चवन, प्रिंसिपल मेडिकल कालेज सेक्टर 32