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Panchkula News: वेंडिंग साइट की ड्रॉ की लिस्ट में निगम अधिकारी ने स्वयं और बाहरियों का नाम किया शामिल, मेयर ने सहयोगी समेत दोनों को किया निलंबित
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पंचकूला। नगर निगम पंचकूला में कार्यरत सोशल मोबिलाइजेशन एवं इंस्टीट्यूट डेवलपमेंट अधिकारी (एसएमआईडी) राजेंद्र पूनिया और उनके सहयोगी मीनाक्षी को महापौर कुलभूषण गोयल ने निलंबित कर दिया है। शहर में बने वेंडिंग जोन में अपात्र लोगों को साइट दिलवाने के प्रयास में इन दोनों को निलंबित किया गया है। बुधवार को नगर निगम द्वारा शहर में अलग-अलग स्थान पर बनी वेंडिंग साइट पर ड्रा निकालना सुनिश्चित किया गया था। इसके तहत नगर निगम के महापौर कुलभूषण गोयल, हरेंद्र मलिक भी दस्तावेजों की जांच के लिए पहुंचे थे। सेक्टर-15 में साइट लेने के लिए वेंडर्स में काफी हड़बड़ी मची थी।
कुछ वेंडर्स ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके सेक्टर-15 में साइट लेने के लिए अपना नाम डलवा लिया था। इन लोगों ने यहां पर पहले कभी किसी प्रकार की कोई रेहड़ी फड़ी नहीं लगाई थी। सेक्टर-15 में साइट लेने के लिए स्वयं को सेक्टर-15 का वेंडर बताकर ड्रा के लिए राजेंद्र पूनिया से अपना नाम प्रस्तावित करवा दिया। कुछ लोगों ने जब ड्रा के लिए आए आवेदनों को देखा, तो उसमें पाया कि बहुत सारे लोग ऐसे थे, जो सेक्टर-15 में रेहड़ी फड़ी लगाते ही नहीं थे। बाद में लोगों ने आपत्ति जताई।
पार्षद हरेंद्र मलिक ने भी समर्थन किया तो महापौर ने संबंधित अधिकारियों को आपत्ति की जांच के लिए कहा। अधिकारियों ने माना कि एसएमआईडी राजेंद्र पूनिया ने अवैध तौर पर सेक्टर-15 में अपात्र लोगों को साइट अलाट करने के उद्देश्य से दूसरे स्थान के लोगों के नाम शामिल किए हैं। आरोप है कि राजेंद्र पूनिया ने इन लोगों के नाम सेक्टर-15 की लिस्ट में शामिल किया गया। इसके बाद महापौर ने राजेंद्र पूनिया और उसकी सहयोगी मीनाक्षी को निलंबित करने के निर्देश दे दिए। राजेंद्र पूनिया को इससे पहले भी प्रदेश के पूर्व शहरी निकाय मंत्री सुभाष सुधा ने निलंबित किया था।
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कुछ वेंडर्स ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके सेक्टर-15 में साइट लेने के लिए अपना नाम डलवा लिया था। इन लोगों ने यहां पर पहले कभी किसी प्रकार की कोई रेहड़ी फड़ी नहीं लगाई थी। सेक्टर-15 में साइट लेने के लिए स्वयं को सेक्टर-15 का वेंडर बताकर ड्रा के लिए राजेंद्र पूनिया से अपना नाम प्रस्तावित करवा दिया। कुछ लोगों ने जब ड्रा के लिए आए आवेदनों को देखा, तो उसमें पाया कि बहुत सारे लोग ऐसे थे, जो सेक्टर-15 में रेहड़ी फड़ी लगाते ही नहीं थे। बाद में लोगों ने आपत्ति जताई।
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पार्षद हरेंद्र मलिक ने भी समर्थन किया तो महापौर ने संबंधित अधिकारियों को आपत्ति की जांच के लिए कहा। अधिकारियों ने माना कि एसएमआईडी राजेंद्र पूनिया ने अवैध तौर पर सेक्टर-15 में अपात्र लोगों को साइट अलाट करने के उद्देश्य से दूसरे स्थान के लोगों के नाम शामिल किए हैं। आरोप है कि राजेंद्र पूनिया ने इन लोगों के नाम सेक्टर-15 की लिस्ट में शामिल किया गया। इसके बाद महापौर ने राजेंद्र पूनिया और उसकी सहयोगी मीनाक्षी को निलंबित करने के निर्देश दे दिए। राजेंद्र पूनिया को इससे पहले भी प्रदेश के पूर्व शहरी निकाय मंत्री सुभाष सुधा ने निलंबित किया था।
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