{"_id":"67f97d8fbe8924b7030d80d8","slug":"conflict-between-villagers-and-administration-over-the-appointment-of-mid-day-meal-workers-in-dhaman-panchkula-news-c-87-1-spkl1029-121485-2025-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: धामन में मिड डे मील वर्कर की नियुक्ति पर ग्रामीणों और प्रशासन में तकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: धामन में मिड डे मील वर्कर की नियुक्ति पर ग्रामीणों और प्रशासन में तकरार
विज्ञापन
मोरनी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धामन में मिड डे मील वर्कर की नियुक्ति को लेकर उपजा विवाद शुक्रवार को भी शांत नहीं हो सका। ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन के बीच तनातनी के चलते बीते दो दिन पहले ग्रामीणों द्वारा स्कूल की किचन पर ताला जड़ दिया गया था, जो शुक्रवार को भी बंद रहा।
हालांकि स्कूल में कक्षाएं सामान्य रूप से चलीं और बच्चों को राशन वितरण भी किया गया, लेकिन मिड डे मील योजना की नियमित व्यवस्था ठप पड़ी रही। शुक्रवार को पंचायत के सरपंच खेमराज शर्मा की मौजूदगी में एक मीटिंग भी की गई।
धामन स्कूल में मिड डे मील वर्कर की एक पोस्ट लंबे समय से खाली पड़ी है। गांव के कुछ लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने स्कूल के लिए जमीन दान की थी, इसलिए नियुक्ति में उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए। स्कूल प्रबंधन और प्रशासन सरकारी नियमों का हवाला देते हुए कह रहे हैं कि मिड डे मील वर्कर की नियुक्ति में पहले अनुसूचित जाति की महिला, फिर विधवा, फिर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और सबसे अंत में सामान्य वर्ग की महिला को प्राथमिकता दी जाती है। अनुसूचित जाति से संबंधित एक महिला की ओर से से आवेदन भी किया जा चुका है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
हालांकि स्कूल में कक्षाएं सामान्य रूप से चलीं और बच्चों को राशन वितरण भी किया गया, लेकिन मिड डे मील योजना की नियमित व्यवस्था ठप पड़ी रही। शुक्रवार को पंचायत के सरपंच खेमराज शर्मा की मौजूदगी में एक मीटिंग भी की गई।
विज्ञापन
धामन स्कूल में मिड डे मील वर्कर की एक पोस्ट लंबे समय से खाली पड़ी है। गांव के कुछ लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने स्कूल के लिए जमीन दान की थी, इसलिए नियुक्ति में उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए। स्कूल प्रबंधन और प्रशासन सरकारी नियमों का हवाला देते हुए कह रहे हैं कि मिड डे मील वर्कर की नियुक्ति में पहले अनुसूचित जाति की महिला, फिर विधवा, फिर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और सबसे अंत में सामान्य वर्ग की महिला को प्राथमिकता दी जाती है। अनुसूचित जाति से संबंधित एक महिला की ओर से से आवेदन भी किया जा चुका है। संवाद
विज्ञापन