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Condition: Rajiv-Indira Colony Rehabilitation Scheme: Flat will be available for Rs 11.50 lakh
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पंचकूला। राजीव-इंदिरा कॉलोनी पुनर्वास योजना के तहत लाभार्थियों को एक फ्लैट के बदले साढ़े 11 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ेगा। यह कीमत हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने तय की है। फ्लैट की कीमत लाभपात्र किश्तों में अदा करेंगे, लेकिन उन्हें इस सुविधा के बदले ब्याज के तौर पर कुछ अतिरिक्त शुल्क भी अदा करना पड़ेगा। सबसे बड़ा सवाल ये है कि इतनी बड़ी रकम का कॉलोनी में रहने वाले लोग कैसे भुगतान करेंगे। जबकि वह प्रतिदिन जो कमाते हैं उससे ही परिवार चलाते हैं। यही कारण है कि राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों को सरकार की यह योजना पसंद नहीं आ रही है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 14 मंजिल के एक टॉवर में एक फ्लैट करीब 30 स्कवायर मीटर कारपेट एरिया में बनेगा।
कॉलोनी के लोग एचएसवीपी के पास प्लॉट के लिए 1.10 करोड़ रुपये कई साल पहले जमा करवा चुके हैं। सबसे विभाग ने पहले 33 लाख 21 हजार 500 रुपये प्लॉट के लिए जमा करवाए। इसके बाद 76 लाख 75 हजार 500 रुपये फ्लैट के लिए जमा करवाए। लेकिन, आजतक न तो प्लॉट मिला और फ्लैट। सरकार की योजना के अनुसार कॉलोनी के लोगों के पुनर्वास के लिए शहर के दो सेक्टरों में कुल 74 सौ फ्लैट का निर्माण होना है। इसके लिए एचएसवीपी ने टेंडर लगाने की तैयारी कर ली है। सेक्टर-28 सेक्टर में 42 सौ फ्लैट के बनाने की योजना है, जबकि सेक्टर-20 में 32 सौ फ्लैट बनेंगे। लेकिन, कॉलोनी के लोग सरकार के इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। इतना ही नहीं सरकार के इस फैसले का सेक्टर के लोग भी विरोध कर रहे हैं।
फ्लैट बनने से सेक्टर में बढ़ जाएगी परेशानी
सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए के उपप्रधान योगिंदर क्वात्रा ने बताया कि वर्तमान में इस सेक्टर की आबादी करीब 45 से 50 हजार है। यदि यहां पर 32 सौ आशियाना फ्लैट और बन जाएंगे तो यहां की आबादी करीब 65 से 70 हजार हो जाएगी। जबकि, इस सेक्टरों की आबादी पहले ही बहुत ज्यादा है। यही कारण है कि इस सेक्टर में दो वार्ड हैं। एचएसवीपी ने यहां पर पहले ही 1240 फ्लैट का एक आशियाना बना रखा है, जिसमें करीब छह हजार लोग रहते हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के नियमानुसार किसी भी अर्बन इस्टेट में रिहायशी आबादी और खाली जगह पार्क, सड़क अन्य पब्लिक यूटिलिटी का अनुपात 65.35 से ऊपर नहीं होता है। जबकि, सेक्टर-20 में ये अनुपात पहले से ही 80.20 को पार कर चुका है।
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9.60 एकड़ नेचुरल फॉरेस्ट की जगह पर बनेगा फ्लैट
सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए के महासचिव अविनाश मलिक ने बताया कि 9.60 एकड़ के नेचुरल फॉरेस्ट है, जोकि यहां के लोगों के लिए ऑक्सीजन के रूप में वरदान साबित हो रहा है। लेकिन, सरकार अब इस फॉरेस्ट को खत्म करनी की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन पिछले कई सालों से सुविधाओं में बढ़ोत्तरी नहीं कर रहा है। ऐसे में यहां 32 सौ फ्लैट और बनाकर लोगों को शिफ्ट किया गया तो पहले से बदहाल सीवरेज सिस्टम जवाब दे जाएगा। सड़क पर वाहन लेकर चलना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में सीनियर सिटीजन स्वयं को असहाय महसूस करेंगे।
कॉलोनी के लोग आज सौंपेंगे डीसी को ज्ञापन
राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोग उपायुक्त महावीर कौशिक को आज ज्ञापन सौंपेंगे। राजीव-इंदिरा कॉलोनी लेबर वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव डॉ. राम प्रसाद का आरोप है कि सरकार उनके साथ धोखा कर रही है। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने पैसे प्लॉट के लिए जमा करवाए तो वह अब फ्लैट क्यों दे रही है। एक फ्लैट में वह पूरे परिवार के साथ कैसे गुजारा करेंगे। यदि उन्हें प्लॉट मिलता है तो वह उसके ऊपर एक कमरा बनाकर किसी तरह रह सकते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के आदेश पर एचएसवीपी ने बुढ़नपुर में प्लॉट के लिए जगह चिह्नित की थी। विभागीय अधिकारियों ने अलॉटमेंट लेटर भी जारी कर दिया था। लेकिन बाद में वह अपने फैसले से पीछे हट गए।
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कॉलोनी के लोग एचएसवीपी के पास प्लॉट के लिए 1.10 करोड़ रुपये कई साल पहले जमा करवा चुके हैं। सबसे विभाग ने पहले 33 लाख 21 हजार 500 रुपये प्लॉट के लिए जमा करवाए। इसके बाद 76 लाख 75 हजार 500 रुपये फ्लैट के लिए जमा करवाए। लेकिन, आजतक न तो प्लॉट मिला और फ्लैट। सरकार की योजना के अनुसार कॉलोनी के लोगों के पुनर्वास के लिए शहर के दो सेक्टरों में कुल 74 सौ फ्लैट का निर्माण होना है। इसके लिए एचएसवीपी ने टेंडर लगाने की तैयारी कर ली है। सेक्टर-28 सेक्टर में 42 सौ फ्लैट के बनाने की योजना है, जबकि सेक्टर-20 में 32 सौ फ्लैट बनेंगे। लेकिन, कॉलोनी के लोग सरकार के इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। इतना ही नहीं सरकार के इस फैसले का सेक्टर के लोग भी विरोध कर रहे हैं।
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फ्लैट बनने से सेक्टर में बढ़ जाएगी परेशानी
सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए के उपप्रधान योगिंदर क्वात्रा ने बताया कि वर्तमान में इस सेक्टर की आबादी करीब 45 से 50 हजार है। यदि यहां पर 32 सौ आशियाना फ्लैट और बन जाएंगे तो यहां की आबादी करीब 65 से 70 हजार हो जाएगी। जबकि, इस सेक्टरों की आबादी पहले ही बहुत ज्यादा है। यही कारण है कि इस सेक्टर में दो वार्ड हैं। एचएसवीपी ने यहां पर पहले ही 1240 फ्लैट का एक आशियाना बना रखा है, जिसमें करीब छह हजार लोग रहते हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के नियमानुसार किसी भी अर्बन इस्टेट में रिहायशी आबादी और खाली जगह पार्क, सड़क अन्य पब्लिक यूटिलिटी का अनुपात 65.35 से ऊपर नहीं होता है। जबकि, सेक्टर-20 में ये अनुपात पहले से ही 80.20 को पार कर चुका है।
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9.60 एकड़ नेचुरल फॉरेस्ट की जगह पर बनेगा फ्लैट
सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए के महासचिव अविनाश मलिक ने बताया कि 9.60 एकड़ के नेचुरल फॉरेस्ट है, जोकि यहां के लोगों के लिए ऑक्सीजन के रूप में वरदान साबित हो रहा है। लेकिन, सरकार अब इस फॉरेस्ट को खत्म करनी की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन पिछले कई सालों से सुविधाओं में बढ़ोत्तरी नहीं कर रहा है। ऐसे में यहां 32 सौ फ्लैट और बनाकर लोगों को शिफ्ट किया गया तो पहले से बदहाल सीवरेज सिस्टम जवाब दे जाएगा। सड़क पर वाहन लेकर चलना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में सीनियर सिटीजन स्वयं को असहाय महसूस करेंगे।
कॉलोनी के लोग आज सौंपेंगे डीसी को ज्ञापन
राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोग उपायुक्त महावीर कौशिक को आज ज्ञापन सौंपेंगे। राजीव-इंदिरा कॉलोनी लेबर वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव डॉ. राम प्रसाद का आरोप है कि सरकार उनके साथ धोखा कर रही है। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने पैसे प्लॉट के लिए जमा करवाए तो वह अब फ्लैट क्यों दे रही है। एक फ्लैट में वह पूरे परिवार के साथ कैसे गुजारा करेंगे। यदि उन्हें प्लॉट मिलता है तो वह उसके ऊपर एक कमरा बनाकर किसी तरह रह सकते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के आदेश पर एचएसवीपी ने बुढ़नपुर में प्लॉट के लिए जगह चिह्नित की थी। विभागीय अधिकारियों ने अलॉटमेंट लेटर भी जारी कर दिया था। लेकिन बाद में वह अपने फैसले से पीछे हट गए।