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नागरिक अस्पताल का हाल : डॉक्टर ने पांच मिनट में निपटाया, पूरा दिन लाइन में गुजर गया

Tue, 19 Mar 2024 01:29 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 19 Mar 2024 01:29 AM IST
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Condition of Civil Hospital: Doctor solved the problem in five minutes, whole day was spent in queue
माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। सेक्टर-6 का नागरिक अस्पताल दिनोंदिन लाइन अस्पताल बनता जा रहा है। मरीजों और तीमारदारों के अनुसार डॉक्टर तो बीमार से केवल तीन से पांच मिनट मिलते हैं, लेकिन इसके बाद दिनभर कम से कम पांच घंटे लाइन में गुजर जाते हैं। इसके बाद भी अनेक टेस्ट बाहर से करवाने पड़ते हैं। इस प्रकार सभी टेस्ट देखने के बाद ही डॉक्टर दवाई लिखते हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि संबंधित मरीज और तीमारदार पर क्या बीतती होगी, जो जल्दी ठीक होने के चक्कर में अस्पताल पहुंचते हैं।
यहां लाइन में लगकर पूरा दिन निकल जाता है। मरीजों के अनुसार सिविल अस्पताल में सोमवार को अधिक भीड़ होने की वजह से रजिस्ट्रेशन की पर्ची कटवाने में करीब 45 मिनट लगे। इसके बाद ओपीडी में दिखाने के लिए एमडी मेडिसिन, ईएनटी, आई, हड्डी रोग, यूरोलॉजी की ओपीडी में आधे घंटे लाइन में लगे रहे। डॉक्टर के बीपी चेक करवाने की सलाह देने के बाद फिर लाइन में लगना पड़ा। इसके बाद फिर डॉक्टर से मिले तो उन्होंने दूसरे टेस्ट लिख दिए।
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टेस्ट के लिए एक घंटे से ज्यादा लाइन में लगकर टेस्ट के लिए पर्ची मिली। इसके बाद सैंपल लेने के लिए फिर एक घंटे लाइन में लगना पड़ा। यहां जो टेस्ट नहीं हुए उनको बाहर से करवाना पड़ा। इस प्रकार दोबारा ओपीडी में आने में पांच घंटे का समय लग रहा है। इस कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। खाली पेट के टेस्ट के लिए ओपीडी में समय अधिक होने के बाद मरीजों को दूसरे दिन का समय दिया गया है। इस कारण वह अगले दिन लाइन में लगने के बाद अपना इलाज करवा पाएंगे।
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कैल्शियम और मल्टी विटामिन की रही कमी
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में मेडिकल स्टोर में कैल्शियम और मल्टीविटामिन दवाएं नहीं मिल रहीं थी। दवाएं खत्म होने के बाद लोगों को बाहर से महंगे दामों में खरीदनी पड़ी है। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। गायनी ओपीडी में इलाज के लिए महिला सरोज बाला, सूचिता ने बताया कि मल्टीविटामिन बाहर से दो-दो पत्ते पांच सौ रुपये में खरीदनी पड़ी है। इस कारण समस्या का सामना करना पड़ा है।


अल्ट्रासाउंड की दो माह बाद डेट मिली
अस्पताल में पेट दर्द के बाद इलाज कराने के लिए आए थे। अल्ट्रासाउंड की दो माह बाद डेट मिली है। बाहर से प्राइवेट अल्ट्रासाउंड करवाने पर आठ सौ रुपये खर्च करने पड़े। इस कारण इलाज में पांच घंटे से ज्यादा का समय लगा। अन्य टेस्ट की रिपोर्ट भी एक बार में नहीं मिली। - दीपक कुमार, मरीज

पांच घंटे इलाज में लगे
रायपुररानी से सुबह इलाज करवाने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे थे। इस दौरान डॉक्टर ने सीबीसी सहित अन्य टेस्ट लिखे। रिपोर्ट तीन बजे के बाद आई। डॉक्टर ने रिपोर्ट देखने के बाद दवाई दी। पांच घंटे से अधिक समय इलाज में लगा। इस कारण दिक्कत हुई है। - सुनील कुमार, मरीज



अस्पताल में मरीजों की संख्या सोमवार को अधिक हो जा रही है। इसके साथ मौसम में बदलाव आने के कारण सभी ओपीडी में मरीज बढ़ गए हैं। इलाज के लिए सभी दवाओं और टेस्ट की सुविधा के लिए जल्द ही व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे। - डॉ. उमेश मोदी, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6
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