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Panchkula News: रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से महज 40 मीटर दूरी पर बिक रहा चिट्टा

Sat, 17 Jun 2023 01:36 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jun 2023 01:36 AM IST
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Chitta being sold just 40 meters away from platform number one of the railway station
माई सिटी रिपोर्टर पंचकूला। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 से महज 40 मीटर की दूरी पर नशीले पदार्थों की बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही है। यहां रोजाना करीब एक लाख रुपये का नशा बिकता है। स्टेशन के रेलवे यार्ड में एक शेड हैं, जहां नशे का खेल खुलेआम चलता है। यहां चिट्टा, गांजा और शराब आसानी से नशेड़ियों को मिल जाता है। इसका खुलासा शुक्रवार को अमर उजाला के स्टिंग ऑपरेशन में हुआ। संवाददाता ने लोगों की शिकायत के बाद मौके का जायजा लिया और उसके बाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-6 से दो अलग अलग डमी कस्टमर बनाकर नशा खरीदने के लिए भेजा।
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पहली बार दिन में करीब 1:07 मिनट पर रेलवे यार्ड के पास बने झुग्गी में डमी कस्टमर चिट्टा खरीदने पहुंचा। मौके पर 500 रुपये में चिट्टा की डील फाइनल हुई। शेड के नीचे सफेद पन्नी में एक व्यक्ति खुलेआम चिट्टा लेकर बैठा था। जैसे ही डमी कस्टमर ने चिट्टा का रेट पूछा जवाब मिला 500 रुपये में एक टेबलेट मिलेगा। डमी कस्टमर ने 500 रुपये का नोट अपनी जेब से निकालकर उसे थमाया। पैसा मिलते ही व्यक्ति ने मसूर की दाल के बराबर चिट्टा उसे दे दिया। वहीं दूसरी डील गांजा और शराब के लिए हुई। दिन में करीब 1:13 पर डमी कस्टमर उसी स्थान पर पहुंचा। जहां झाड़ियों में बैठे नाबालिग से 150 रुपये में गांजे की पुड़िया और 200 रुपये में शराब की एक बोतल की डील फाइनल हुई। पहले से झाड़ियों में बैठे नाबालिग ने डमी कस्टमर से पैसे लिया और महज दो मिनट के अंदर गांजे की पुड़िया और शराब की बोतल उसके हाथ में थमा दिया।
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शाम को लग जाती है भीड़
रेलवे यार्ड में पूरे दिन नशा बेचने का खेल चलता है, लेकिन शाम ढलते ही शेड के आसपास नशेड़ियों का मजमा लग जाता है। खुलेआम पुलिस के नाम के नीचे नशा बिकता है और जीआरपी पुलिस और पीसीआर वाले मुलाजिम मूकदर्शक बने रहते हैं। स्थानीय लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पिछले एक माह से नशे का कारोबार यहां फल फूल रहा है। इसके तार मौलीजागरां से जुड़े हैं। पांच से छह लोग सफेद रंग की गाड़ी में आते हैं और प्लेटफार्म नंबर 6 के आखिरी छोर पर झाड़ियों के पास अपने वाहन पार्क कर देते हैं और थैले में नशा लेकर रेलवे लाइन क्रॉस कर रेलवे यार्ड में बने शेड के पास पहुंच जाते हैं। इसके शराब के गत्ते झाड़ियों में इनके साथ काम करने वाले मुलाजिमों ने छूपा रखें हैं, जो दिन रात स्टॉक की निगरानी करते हैं।
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प्लेटफार्म नंबर एक से महज 40 मीटर दूरी पर बिक रहा चिट्टा
प्लेटफार्म नंबर एक से वंदे भारत, शताब्दी, जनशताब्दी जैसी ट्रेनें चलती हैं। हजारों की संख्या में लोगों का यहां से यात्रियों का आना जाता होता है। यहां वीवीआईपी मुवमेंट के दौरान अधिकारी और नेता भी इसी प्लेटफार्म पर उतरते हैं। बावजूद इसके प्लेटफार्म से महज 40 मीटर की दूरी पर नशा बिक रहा है और उसे रोकने में जीआरपी नाकाम है।


कोटरेलवे यार्ड में बिक रहे नशा का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। तत्काल एसएचओ को मौके पर भेज चेक करवाता हूं। अगर इस तरह की कोई भी गतिविधियां पाई गईं तो उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - धीरज कुमार, उप पुलिस अधीक्षक, जीआरपी।
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