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पीजीआई के इमरजेंसी में मरीजों का गर्मी से बुरा हाल, घर से लाकर लगाए पंखे
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चंडीगढ़। देश के श्रेष्ठ चिकित्सा संस्थानों में गिने जाने वाले पीजीआई के एमरजेंसी में भर्ती मरीजों को गर्मी से राहत के लिए घर से पंखे लाकर लगाने पड़ रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि मौजूदा समय में जब चंडीगढ़ के छोटे-छोटे अस्पताल सेंट्रलाइज्ड एसी हो चुके हैं तब पीजीआई जैसे संस्थान में वॉल सीलिंग फैन की मदद से गर्मी से राहत दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इतना ही नहीं इस समस्या के संदर्भ में पीजीआई प्रशासन मरीजों के मानक से कई गुना ज्यादा संख्या होने का हवाला दे रहा है। जबकि इन ज्यादा मरीजों को ध्यान में रखकर ही पीजीआई जैसे संस्थान को मोटा बजट प्रदान किया जा रहा है।
मरीज के साथ कर्मचारी भी परेशान
पीजीआई की इमरजेंसी में गर्मी के बीच भर्ती मरीजों के साथ ही उनकी देखभाल करने वाले स्टाफ और डॉक्टर भी इस समस्या से बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि ड्यूटी होने के कारण गर्मी और उमस के बीच काम करना उनकी मजबूरी है। पीजीआई प्रशासन को इसे लेकर अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
पुरानी बिल्डिंग में सेंट्रलाइज्ड एसी संभव नहीं
पीजीआई के जितने भी विभाग है, उनमें सेंट्रलाइज्ड एसी की व्यवस्था है। यहां तक की न्यू ओपीडी बिल्डिंग भी इस तकनीक से लैस है। लेकिन इमरजेंसी को लेकर अनदेखी की जा रही है। इस संबंध में पीजीआई प्रशासन पुराने भवन का हवाला देते हुए वहां इस सुविधा केबहाल न होने की बात कर रहा है।
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111 बेड, लेकिन 250 से ज्यादा मरीज भर्ती
पीजीआई की इमरजेंसी में 111 बेड की सुविधा है, लेकिन वहां 250 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। अतिरिक्त मरीजों को गैलरी और ओवर फ्लो एरिया में रखा गया है, जहां वे इलाज के लिए तमाम परेशानियों झेल रहे हैं।
कोट-
इमरजेंसी और ट्रामा सेंटर में क्षमता से कई गुना ज्यादा मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। हो सकता है वे उस एरिया में भर्ती हो जहां मरीजों केलिए जगह न बनाया गया हो। वे ओवर फ्लो एरिया में होंगे। फिर भी उसे चेक करवा लिया जायेगा।
-प्रो. जगतराम, पीजीआई निदेशक
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मरीज के साथ कर्मचारी भी परेशान
पीजीआई की इमरजेंसी में गर्मी के बीच भर्ती मरीजों के साथ ही उनकी देखभाल करने वाले स्टाफ और डॉक्टर भी इस समस्या से बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि ड्यूटी होने के कारण गर्मी और उमस के बीच काम करना उनकी मजबूरी है। पीजीआई प्रशासन को इसे लेकर अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
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पुरानी बिल्डिंग में सेंट्रलाइज्ड एसी संभव नहीं
पीजीआई के जितने भी विभाग है, उनमें सेंट्रलाइज्ड एसी की व्यवस्था है। यहां तक की न्यू ओपीडी बिल्डिंग भी इस तकनीक से लैस है। लेकिन इमरजेंसी को लेकर अनदेखी की जा रही है। इस संबंध में पीजीआई प्रशासन पुराने भवन का हवाला देते हुए वहां इस सुविधा केबहाल न होने की बात कर रहा है।
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111 बेड, लेकिन 250 से ज्यादा मरीज भर्ती
पीजीआई की इमरजेंसी में 111 बेड की सुविधा है, लेकिन वहां 250 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। अतिरिक्त मरीजों को गैलरी और ओवर फ्लो एरिया में रखा गया है, जहां वे इलाज के लिए तमाम परेशानियों झेल रहे हैं।
कोट-
इमरजेंसी और ट्रामा सेंटर में क्षमता से कई गुना ज्यादा मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। हो सकता है वे उस एरिया में भर्ती हो जहां मरीजों केलिए जगह न बनाया गया हो। वे ओवर फ्लो एरिया में होंगे। फिर भी उसे चेक करवा लिया जायेगा।
-प्रो. जगतराम, पीजीआई निदेशक