{"_id":"5d7802e98ebc3e93a553cf85","slug":"ccet-panchkula-news-pkl3502158127","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़: खाने में कीड़े निकलने पर गुस्साए विद्यार्थी धरने पर बैठे, वार्डन बोले- 5000 दो अच्छा लो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़: खाने में कीड़े निकलने पर गुस्साए विद्यार्थी धरने पर बैठे, वार्डन बोले- 5000 दो अच्छा लो
Wed, 11 Sep 2019 12:04 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Sep 2019 12:04 PM IST
विज्ञापन
विरोध प्रदर्शन करती छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ सेक्टर 26 स्थित चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग (सीसीटीई) के छात्र छात्राएं मंगलवार रात को आक्रोशित होकर धरने पर बैठ गए। छात्र छात्राओं का आरोप था कि एक साल से खाने में कीड़े व मक्खियां निकल रहीं हैं। शिकायत करने पर न कॉलेज प्रशासन सुनता है और न मेस के कर्मचारी, बल्कि धमकाकर शांत करा दिया जाता है। आखिरकार छात्र छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। रात 10 बजे डीएसडब्ल्यू डॉ. राजेश कुमार के आश्वासन पर छात्र माने।
छात्र छात्राओं ने बताया कि बीते एक साल से खाने में कीड़े और मक्खियां निकल रहीं हैं। एक तो सड़ी गली सब्जी और बेकार दाल के साथ कच्ची रोटियां मिलतीं हैं, वहीं दूसरी ओर खाने में मक्खियां और कीड़े निकलते हैं। ऐसे में बीते सोमवार को खाने में मक्खियां निकल आईं। मेस के कर्मचारियों से कहा तो उन्होंने उसे रखकर दूसरा खाना लेने को कह दिया। मंगलवार को कुछ छात्र छात्राओं ने पूरे दिन खाना नहीं खाया। उसके बाद रात को उनका गुस्सा फूट पड़ा।
छात्र छात्राओं के प्रदर्शन की भनक लगते ही मेस कर्मचारियों ने बाहर से दरवाजे बंद कर दिए, लेकिन छात्र छात्राओं ने किसी तरह से बाहर से दरवाजा खुलवाया और बाहर धरने पर बैठ गए। सुरक्षाकर्मियों ने प्रोफेसरों को भी सूचना दी। डीएसडब्ल्यू के आश्वासन के बाद छात्र छात्राएं अपने हॉस्टल में चले गए।
विज्ञापन
देर रात बाहर से मंगवाया दूध, ब्रेड, बटर
रात 10 बजे धरना खत्म हुआ तो भूखे छात्र छात्राओं ने मेस में खाना खाने से मना कर दिया। उसके बाद डीएसडब्ल्यू ने बाहर से तत्काल दूध, ब्रेड व बटर मंगवाया। अपने सामने छात्र छात्राओं को बंटवाया। उसके बाद कहा कि सुबह से कोई समस्या आए तो उन्हें जो करना है कर सकते हैं। अभी फिलहाल हमें जांच का मौका दें।
विज्ञापन
छात्र छात्राओं ने बताया कि बीते एक साल से खाने में कीड़े और मक्खियां निकल रहीं हैं। एक तो सड़ी गली सब्जी और बेकार दाल के साथ कच्ची रोटियां मिलतीं हैं, वहीं दूसरी ओर खाने में मक्खियां और कीड़े निकलते हैं। ऐसे में बीते सोमवार को खाने में मक्खियां निकल आईं। मेस के कर्मचारियों से कहा तो उन्होंने उसे रखकर दूसरा खाना लेने को कह दिया। मंगलवार को कुछ छात्र छात्राओं ने पूरे दिन खाना नहीं खाया। उसके बाद रात को उनका गुस्सा फूट पड़ा।
विज्ञापन
छात्र छात्राओं के प्रदर्शन की भनक लगते ही मेस कर्मचारियों ने बाहर से दरवाजे बंद कर दिए, लेकिन छात्र छात्राओं ने किसी तरह से बाहर से दरवाजा खुलवाया और बाहर धरने पर बैठ गए। सुरक्षाकर्मियों ने प्रोफेसरों को भी सूचना दी। डीएसडब्ल्यू के आश्वासन के बाद छात्र छात्राएं अपने हॉस्टल में चले गए।
विज्ञापन
देर रात बाहर से मंगवाया दूध, ब्रेड, बटर
रात 10 बजे धरना खत्म हुआ तो भूखे छात्र छात्राओं ने मेस में खाना खाने से मना कर दिया। उसके बाद डीएसडब्ल्यू ने बाहर से तत्काल दूध, ब्रेड व बटर मंगवाया। अपने सामने छात्र छात्राओं को बंटवाया। उसके बाद कहा कि सुबह से कोई समस्या आए तो उन्हें जो करना है कर सकते हैं। अभी फिलहाल हमें जांच का मौका दें।
हॉस्टल वार्डन बोले, पांच हजार दो खाने की क्वालिटी अच्छी मिलेगी
जानकारी मिलते ही हॉस्टल वार्डन डॉ. धीरेेेंद्र मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाने लगे। छात्र छात्राओं ने कहा कि हमें कीड़े वाला खाना नहीं खाना, तो हॉस्टल वार्डन बोले कि 5 हजार रुपये दो, खाने की क्वालिटी अच्छी मिलने लगेगी। छात्र छात्राओं ने बताया कि वर्तमान में छात्रों से 2100 और छात्राओं से 1700 रुपये पहले ही लिए जा रहे हैं। खाने के नाम पर क्या दिया जा रहा है, पता नहीं। उसके बाद हॉस्टल वार्डन चले गए।
प्रिंसिपल को मौके पर बुलाने के लिए अड़े छात्र छात्राएं
हंगामा बढ़ता देख सुरक्षाकर्मियों ने डीएसडब्ल्यू डॉ. राजेश कुमार को जानकारी दी। किसी ने प्रिंसिपल को भी जानकारी दे दी। प्रिंसिपल का फोन आते ही डीएसडब्ल्यू मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्र छात्राओं को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने एक न सुनी। सभी प्रिंसिपल को मौके पर बुलाने के लिए अड़े रहे। हालांकि रात 10 बजे आश्वासन के बाद छात्र मान गए।
पांच साल से एक ही ठेकेदार को दिया जाता है टेंडर
आक्रोशित छात्र छात्राओं ने बताया कि पिछले पांच साल से एक ही ठेकेदार को टेंडर दिया जा रहा है। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ठेकेदार के कर्मचारी भी मनमानी करते हुए रौब झाड़ते हैं। वहीं बीड़ी पीकर फेंक देते हैं। इन सभी समस्याओं के बावजूद किसी ने न तो टेंडर रद्द किया और न ही कोई सुनवाई की गई।
प्रिंसिपल को मौके पर बुलाने के लिए अड़े छात्र छात्राएं
हंगामा बढ़ता देख सुरक्षाकर्मियों ने डीएसडब्ल्यू डॉ. राजेश कुमार को जानकारी दी। किसी ने प्रिंसिपल को भी जानकारी दे दी। प्रिंसिपल का फोन आते ही डीएसडब्ल्यू मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्र छात्राओं को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने एक न सुनी। सभी प्रिंसिपल को मौके पर बुलाने के लिए अड़े रहे। हालांकि रात 10 बजे आश्वासन के बाद छात्र मान गए।
पांच साल से एक ही ठेकेदार को दिया जाता है टेंडर
आक्रोशित छात्र छात्राओं ने बताया कि पिछले पांच साल से एक ही ठेकेदार को टेंडर दिया जा रहा है। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ठेकेदार के कर्मचारी भी मनमानी करते हुए रौब झाड़ते हैं। वहीं बीड़ी पीकर फेंक देते हैं। इन सभी समस्याओं के बावजूद किसी ने न तो टेंडर रद्द किया और न ही कोई सुनवाई की गई।
प्रिंसिपल ने बनाई कमेटी, जल्द मांगी रिपोर्ट
जानकारी मिलने के बाद प्रिंसिपल डॉ. मनप्रीत सिंह ने तत्काल तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। इसमें डीएसडब्ल्यू के साथ ही एक शिक्षक वार्डन व एक शिक्षिका वार्डन शामिल है। उन्हें जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है। उसके बाद ठेकेदार पर पेनल्टी के साथ कार्रवाई होगी।
नए हॉस्टल में शिफ्ट होंगी लड़कियां, नए मेस में मिलेगा खाना
प्रिंसिपल ने बताया कि लड़कियों के लिए नया हॉस्टल तैयार है। नया मेस भी बन गया है। हालांकि फरवरी में लड़कियों को शिफ्ट करना था, लेकिन किसी कारणों से नहीं हो सका। इस माह में लड़कियों को हर हाल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। नए हॉस्टल में मॉड्यूलर किचिन है। इस ठेकेदार का टेंडर खत्म होने वाला है। नए ठेकेदारों से आवेदन मांगे हैं।
अभी तक मुझे कभी जानकारी नहीं मिली थी। जानकारी मिलने के बाद डीएसडब्ल्यू को भेजा है। जांच कमेटी बना दी है। यदि खाने में गड़बड़ी मिली तो टेंडर रद्द करेंगे।
- डॉ. मनप्रीत सिंह, प्रिंसिपल, सीसीटीई
नए हॉस्टल में शिफ्ट होंगी लड़कियां, नए मेस में मिलेगा खाना
प्रिंसिपल ने बताया कि लड़कियों के लिए नया हॉस्टल तैयार है। नया मेस भी बन गया है। हालांकि फरवरी में लड़कियों को शिफ्ट करना था, लेकिन किसी कारणों से नहीं हो सका। इस माह में लड़कियों को हर हाल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। नए हॉस्टल में मॉड्यूलर किचिन है। इस ठेकेदार का टेंडर खत्म होने वाला है। नए ठेकेदारों से आवेदन मांगे हैं।
अभी तक मुझे कभी जानकारी नहीं मिली थी। जानकारी मिलने के बाद डीएसडब्ल्यू को भेजा है। जांच कमेटी बना दी है। यदि खाने में गड़बड़ी मिली तो टेंडर रद्द करेंगे।
- डॉ. मनप्रीत सिंह, प्रिंसिपल, सीसीटीई