{"_id":"6adbc72609ae9fa3080e849c","slug":"bail-denied-to-spo-accused-of-extorting-22000-rupees-by-leveraging-the-authority-of-his-police-uniform-panchkula-news-c-87-1-pan1011-142955-2026-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: पुलिस की वर्दी का रौब दिखाकर 22 हजार वसूलने के आरोपी एसपीओ की जमानत खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: पुलिस की वर्दी का रौब दिखाकर 22 हजार वसूलने के आरोपी एसपीओ की जमानत खारिज
विज्ञापन
पंचकूला। पुलिस की वर्दी का रौब दिखाकर एक व्यक्ति से 22 हजार रुपये वसूलने और उसका मोबाइल फोन छीनने के आरोप में गिरफ्तार स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) बलिहार सिंह को अदालत से राहत नहीं मिली। शिकायतकर्ता के साथ समझौता होने और उसकी ओर से जमानत पर कोई आपत्ति नहीं जताने के बावजूद अदालत ने आरोपी की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि पुलिस पद का कथित दुरुपयोग कर वसूली करने जैसे गंभीर आरोपों में केवल समझौते के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती। आरोपी फिलहाल जेल में बंद है।
माजरी चौक पर बुलाकर मांगे थे 25 हजार रुपये
शिकायतकर्ता विपिन कुमार ने आरोप लगाया था कि दो सितंबर 2026 की रात करीब 9:40 बजे उसे शिवम नाम के व्यक्ति का फोन आया और माजरी चौक पर अंग्रेजी शराब की दो बोतलें लेकर बुलाया गया। वहां पहुंचने पर एक काली कार में तीन युवक मिले, जिनमें हरियाणा पुलिस की वर्दी पहने बलिहार सिंह भी शामिल था। आरोप है कि पुलिस का रौब दिखाकर मामला दर्ज करने की धमकी दी गई और 25 हजार रुपये मांगे गए।
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने एक हजार रुपये नकद लिए। इसके अलावा मोबाइल से चार हजार, 15 हजार और दो हजार रुपये के तीन ऑनलाइन भुगतान बलिहार सिंह के फोन नंबर पर करवाए गए। इस तरह कुल 22 हजार रुपये लेने और मोबाइल फोन छीनने का आरोप लगाया गया।
विज्ञापन
पुलिस पद के दुरुपयोग को माना गंभीर
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि बलिहार सिंह पूर्व सैनिक है, उसे पेंशन मिलती है और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। सह आरोपी प्रदीप उर्फ प्रतीक को जमानत मिलने का तर्क भी दिया गया। वहीं, अभियोजन पक्ष ने गवाहों को प्रभावित करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ और फरार होने की आशंका जताते हुए जमानत का विरोध किया।
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने समझौते की जानकारी देते हुए जमानत पर आपत्ति नहीं जताई। हालांकि, अदालत ने इसे राहत देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं माना। मामले में सह आरोपी प्रदीप को जमानत मिल चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी शिवम की गिरफ्तारी लंबित होने के दौरान जांच जारी थी। बलिहार सिंह को चार सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन
माजरी चौक पर बुलाकर मांगे थे 25 हजार रुपये
शिकायतकर्ता विपिन कुमार ने आरोप लगाया था कि दो सितंबर 2026 की रात करीब 9:40 बजे उसे शिवम नाम के व्यक्ति का फोन आया और माजरी चौक पर अंग्रेजी शराब की दो बोतलें लेकर बुलाया गया। वहां पहुंचने पर एक काली कार में तीन युवक मिले, जिनमें हरियाणा पुलिस की वर्दी पहने बलिहार सिंह भी शामिल था। आरोप है कि पुलिस का रौब दिखाकर मामला दर्ज करने की धमकी दी गई और 25 हजार रुपये मांगे गए।
विज्ञापन
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने एक हजार रुपये नकद लिए। इसके अलावा मोबाइल से चार हजार, 15 हजार और दो हजार रुपये के तीन ऑनलाइन भुगतान बलिहार सिंह के फोन नंबर पर करवाए गए। इस तरह कुल 22 हजार रुपये लेने और मोबाइल फोन छीनने का आरोप लगाया गया।
विज्ञापन
पुलिस पद के दुरुपयोग को माना गंभीर
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि बलिहार सिंह पूर्व सैनिक है, उसे पेंशन मिलती है और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। सह आरोपी प्रदीप उर्फ प्रतीक को जमानत मिलने का तर्क भी दिया गया। वहीं, अभियोजन पक्ष ने गवाहों को प्रभावित करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ और फरार होने की आशंका जताते हुए जमानत का विरोध किया।
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने समझौते की जानकारी देते हुए जमानत पर आपत्ति नहीं जताई। हालांकि, अदालत ने इसे राहत देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं माना। मामले में सह आरोपी प्रदीप को जमानत मिल चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी शिवम की गिरफ्तारी लंबित होने के दौरान जांच जारी थी। बलिहार सिंह को चार सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।