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Panchkula News: 7.8 करोड़ की ठगी में तीन बहनों की अग्रिम जमानत खारिज
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डीआरडीओ प्रोजेक्ट और दुर्लभ पदार्थ में निवेश का झांसा देकर रकम लेने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। डीआरडीओ से जुड़े प्रोजेक्ट और दुर्लभ रेडियोएक्टिव पदार्थ में निवेश के नाम पर 71 वर्षीय बुजुर्ग से करीब 7.8 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में जिला अदालत ने तीन सगी बहनों सोनिया पाल (45), शैली पाल (40) और नंदिता पाल (38) की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत ने मामले को गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए आरोपियों के बैंक खातों में हुए लेनदेन की जांच जरूरी बताई।
सेक्टर-5 थाने में 21 जून 2026 को दर्ज मामले के अनुसार, तीनों बहनों के पिता और मुख्य आरोपी परमेश्वरी दिन पाल पर खुद को पूर्व वायुसेना कर्मचारी और डीआरडीओ से जुड़ा वैज्ञानिक बताकर रकम लेने का आरोप है। वर्ष 2022 में एंटीक दूरबीन खरीदने के नाम पर 10 लाख रुपये बैंक से और सात लाख रुपये नकद लिए गए। इसके बाद दुर्लभ रेडियोएक्टिव पदार्थ और रॉकेट तकनीक में निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर भी रकम ली गई।
प्लॉट बेचकर लगाई रकम
शिकायत के अनुसार, मुनाफे का भरोसा देकर पीड़ित से कई वर्षों तक निवेश कराया गया। उसने पंचकूला स्थित औद्योगिक प्लॉट करीब सात करोड़ रुपये में बेच दिया और रकम का बड़ा हिस्सा आरोपियों को दे दिया। रिटर्न नहीं मिलने पर परिवार को ठगी का शक हुआ। अभियोजन ने अदालत में आरोपियों के बैंक खातों में रकम पहुंचने के साक्ष्य पेश किए। एक खाते में मुख्य आरोपी के खातों से कुल 12.31 लाख रुपये और सोनिया पाल के खाते में 6.30 लाख रुपये जमा होने की बात सामने आई। अदालत ने कहा कि लेनदेन की वास्तविक प्रकृति जांच का विषय है और आरोपियों से पूछताछ जरूरी है। पुलिस अब बैंक खातों और ठगी में उनकी कथित भूमिका की जांच कर रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। डीआरडीओ से जुड़े प्रोजेक्ट और दुर्लभ रेडियोएक्टिव पदार्थ में निवेश के नाम पर 71 वर्षीय बुजुर्ग से करीब 7.8 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में जिला अदालत ने तीन सगी बहनों सोनिया पाल (45), शैली पाल (40) और नंदिता पाल (38) की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत ने मामले को गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए आरोपियों के बैंक खातों में हुए लेनदेन की जांच जरूरी बताई।
सेक्टर-5 थाने में 21 जून 2026 को दर्ज मामले के अनुसार, तीनों बहनों के पिता और मुख्य आरोपी परमेश्वरी दिन पाल पर खुद को पूर्व वायुसेना कर्मचारी और डीआरडीओ से जुड़ा वैज्ञानिक बताकर रकम लेने का आरोप है। वर्ष 2022 में एंटीक दूरबीन खरीदने के नाम पर 10 लाख रुपये बैंक से और सात लाख रुपये नकद लिए गए। इसके बाद दुर्लभ रेडियोएक्टिव पदार्थ और रॉकेट तकनीक में निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर भी रकम ली गई।
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प्लॉट बेचकर लगाई रकम
शिकायत के अनुसार, मुनाफे का भरोसा देकर पीड़ित से कई वर्षों तक निवेश कराया गया। उसने पंचकूला स्थित औद्योगिक प्लॉट करीब सात करोड़ रुपये में बेच दिया और रकम का बड़ा हिस्सा आरोपियों को दे दिया। रिटर्न नहीं मिलने पर परिवार को ठगी का शक हुआ। अभियोजन ने अदालत में आरोपियों के बैंक खातों में रकम पहुंचने के साक्ष्य पेश किए। एक खाते में मुख्य आरोपी के खातों से कुल 12.31 लाख रुपये और सोनिया पाल के खाते में 6.30 लाख रुपये जमा होने की बात सामने आई। अदालत ने कहा कि लेनदेन की वास्तविक प्रकृति जांच का विषय है और आरोपियों से पूछताछ जरूरी है। पुलिस अब बैंक खातों और ठगी में उनकी कथित भूमिका की जांच कर रही है।
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