{"_id":"60b14b518ebc3e751e1c7661","slug":"allegations-government-leaving-shabby-hospitals-built-by-former-cm-bhajanlal-former-deputy-cm-raised-questions-on-the-health-system-of-the-bjp-jjp-government-pkl-office-news-pkl4148472182","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरोप : पूर्व सीएम भजनलाल के बनाए अस्पतालों को जर्जर छोड़ रही सरकार; पूर्व डिप्टी सीएम ने भाजपा-जजपा सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरोप : पूर्व सीएम भजनलाल के बनाए अस्पतालों को जर्जर छोड़ रही सरकार; पूर्व डिप्टी सीएम ने भाजपा-जजपा सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
विज्ञापन
पंचकूला। प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन ने भाजपा-जजपा सरकार पर प्रदेशवासियों और खासकर ग्रामीणों को उपलब्ध करवाई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं पर सवालिया निशान लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर निंदा की है। चंद्रमोहन का कहना है कि सन 1983 में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भजनलाल ने अपने कार्यकाल के दौरान हिसार के गांव सतरोड़ में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण 4 एकड़ जमीन में करवाया था। इस पीएचसी से आसपास के दर्जनों ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदेश सरकार द्वारा दी जाती थी।
लेकिन, 2017 में प्रदेश सरकार की नकारा नीतियों, भेदभाव पूर्ण रवैए व रखरखाव न करने के कारण इमारत को जर्जर हालत में छोड़ दिया गया, इससे डॉक्टरों को भजनलाल द्वारा बनवाए 4 एकड़ के पीएचसी को छोड़कर गांव की चौपाल के एक कमरे से ही काम चलाना पढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि चंद्रमोहन द्वारा इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देना लाजमी है, क्योंकि भूतपूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रह चुके भजनलाल द्वारा उनके कार्यकाल के दौरान बनाए अस्पतालों का भाजपा-जजपा सरकार द्वारा हाल बेहाल हो चुका है। चंद्रमोहन ने कहा कि वैसे तो इस पीएचसी को अपग्रेड करके सीएचसी या जनरल अस्पताल का दर्जा दिया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा न करके प्रदेश सरकार ने इसे खत्म करने का काम किया है।
गांव की चौपाल को एक कमरे तक किया सीमित
चंद्रमोहन ने कहा कि जहां एक तरफ दूरदर्शी सोच के धनी स्वर्गीय भजनलाल ने 10 बेड समेत अन्य सुविधाओं के साथ 4 एकड़ में पीएचसी अस्पताल तैयार करवाया था, वहीं मनोहर-दुष्यंत की डबल इंजन सरकार ने गांव की चौपाल के एक कमरे तक इस पीएचसी को सीमित कर दिया है।
विज्ञापन
2017 में बिल्डिंग हुई जर्जर
चंद्रमोहन ने कहा कि वर्ष 2017 में जर्जर घोषित हो चुके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दोबारा निर्माण कीमांग पंचायत द्वारा सरकार से लगातार की जा रही है, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। प्रदेश सरकार द्वारा ध्यान न देने से इस पीएचसी को खंडहर बनाया जा रहा है, जबकि तीन दशकों से इस पीएचसी से प्रतिवर्ष हजारों मरीज सुविधाएं लेते रहे हैं।
विज्ञापन
लेकिन, 2017 में प्रदेश सरकार की नकारा नीतियों, भेदभाव पूर्ण रवैए व रखरखाव न करने के कारण इमारत को जर्जर हालत में छोड़ दिया गया, इससे डॉक्टरों को भजनलाल द्वारा बनवाए 4 एकड़ के पीएचसी को छोड़कर गांव की चौपाल के एक कमरे से ही काम चलाना पढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि चंद्रमोहन द्वारा इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देना लाजमी है, क्योंकि भूतपूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रह चुके भजनलाल द्वारा उनके कार्यकाल के दौरान बनाए अस्पतालों का भाजपा-जजपा सरकार द्वारा हाल बेहाल हो चुका है। चंद्रमोहन ने कहा कि वैसे तो इस पीएचसी को अपग्रेड करके सीएचसी या जनरल अस्पताल का दर्जा दिया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा न करके प्रदेश सरकार ने इसे खत्म करने का काम किया है।
विज्ञापन
गांव की चौपाल को एक कमरे तक किया सीमित
चंद्रमोहन ने कहा कि जहां एक तरफ दूरदर्शी सोच के धनी स्वर्गीय भजनलाल ने 10 बेड समेत अन्य सुविधाओं के साथ 4 एकड़ में पीएचसी अस्पताल तैयार करवाया था, वहीं मनोहर-दुष्यंत की डबल इंजन सरकार ने गांव की चौपाल के एक कमरे तक इस पीएचसी को सीमित कर दिया है।
विज्ञापन
2017 में बिल्डिंग हुई जर्जर
चंद्रमोहन ने कहा कि वर्ष 2017 में जर्जर घोषित हो चुके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दोबारा निर्माण कीमांग पंचायत द्वारा सरकार से लगातार की जा रही है, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। प्रदेश सरकार द्वारा ध्यान न देने से इस पीएचसी को खंडहर बनाया जा रहा है, जबकि तीन दशकों से इस पीएचसी से प्रतिवर्ष हजारों मरीज सुविधाएं लेते रहे हैं।