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कृषि मंत्री बोले- प्रदेश की गोशालाओं को बनाया जाएगा आत्मनिर्भर
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डीसी को ज्ञापन सौंपते हुए।
- फोटो : PKL OFFICE
पिंजौर। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश की गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके लिए कामधेनु गोशाला पिंजौर ने उदाहरण प्रस्तुत किया है। दलाल ने यह बात कामधेनु गोशाला सेवा सदन पिंजौर में हरियाणा गोवंश अनुसंधान केंद्र में दौरा करने के दौरान कही।
इस दौरान उन्होंने गोशाला में पौधरोपण कर गायों को चारा व गुड़ भी खिलाया। कामधेनु गोशाला अन्य गोशालाओं के लिए रोल मॉडल है। उन्होंने हरियाणा गोवंश अनुसंधान केंद्र का दौरा करने के उपरांत बताया कि इस केंद्र में जैविक खाद, भ्रूण प्रात्यारोपण केंद्र, गो कृपा अमृतम बैक्टिरियल कल्चर, अर्क गोमूत्र, गोबर से गमले, ईट तैयार की जा रही हैं। यह पहली गोशाला है, जिसमें भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक अपनाई जा रही है। उन्होंने गोशालाओं के प्रबंधकों को कहा कि खाद के लाभ के बारे में किसानों को जागरूक करने का काम करें। इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के चेयरमैन सरवन कुमार गर्ग सहित कामधेनु गोशाला सेवा सदन पदाधिकारी अशोक अग्रवाल, नवराज राय धीर रोहित सिंगला, प्रदीप गोयल, भगीरथ लाडी, विकास गोयल आदि मौजूद रहे।
वैदिक पेंट का प्लांट जल्द होगा तैयार
प्रबंधकों ने बताया कि इस केंद्र में गोवंश के गोबर से बनने वाले वैदिक पेंट का प्लांट आने वाले 15 से 20 दिनों में तैयार हो जाएगा। इससे वैदिक पेंट बनना शुरू हो जाएगा। मंत्री को अवगत करवाया गया कि इस गोशाला में 1100 गोवंश है, जिसमें 800 गाय और 300 सांड़ हैं। सभी गोवंश देशी नस्ल, हरयाण व साहीवाल नस्ल की है। गोशाला का उद्देश्य देशी नस्ल को बढ़ावा देना है।
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इस दौरान उन्होंने गोशाला में पौधरोपण कर गायों को चारा व गुड़ भी खिलाया। कामधेनु गोशाला अन्य गोशालाओं के लिए रोल मॉडल है। उन्होंने हरियाणा गोवंश अनुसंधान केंद्र का दौरा करने के उपरांत बताया कि इस केंद्र में जैविक खाद, भ्रूण प्रात्यारोपण केंद्र, गो कृपा अमृतम बैक्टिरियल कल्चर, अर्क गोमूत्र, गोबर से गमले, ईट तैयार की जा रही हैं। यह पहली गोशाला है, जिसमें भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक अपनाई जा रही है। उन्होंने गोशालाओं के प्रबंधकों को कहा कि खाद के लाभ के बारे में किसानों को जागरूक करने का काम करें। इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के चेयरमैन सरवन कुमार गर्ग सहित कामधेनु गोशाला सेवा सदन पदाधिकारी अशोक अग्रवाल, नवराज राय धीर रोहित सिंगला, प्रदीप गोयल, भगीरथ लाडी, विकास गोयल आदि मौजूद रहे।
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वैदिक पेंट का प्लांट जल्द होगा तैयार
प्रबंधकों ने बताया कि इस केंद्र में गोवंश के गोबर से बनने वाले वैदिक पेंट का प्लांट आने वाले 15 से 20 दिनों में तैयार हो जाएगा। इससे वैदिक पेंट बनना शुरू हो जाएगा। मंत्री को अवगत करवाया गया कि इस गोशाला में 1100 गोवंश है, जिसमें 800 गाय और 300 सांड़ हैं। सभी गोवंश देशी नस्ल, हरयाण व साहीवाल नस्ल की है। गोशाला का उद्देश्य देशी नस्ल को बढ़ावा देना है।
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