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कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों को दिल्ली से बुलावा, 20 किसान यूनियन को मिला पत्र
Mon, 12 Oct 2020 09:39 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2020 09:39 AM IST
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धरने पर बैठे किसान
- फोटो : अमर उजाला
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कृषि कानूनों का विरोध कर रहे पंजाब के किसानों एक बार फिर दिल्ली से बुलावा आया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से 20 किसान यूनियनों को पत्र भेजा गया है। किसान यूनियन के पदाधिकारियों को 14 अक्तूबर को दिल्ली स्थित विभागीय कार्यालय पहुंचने को कहा गया है जहां मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल उनसे बात करेंगे।
संजय अग्रवाल द्वारा भेजे गए पत्र में लिखा है कि केंद्र किसानों से वार्ता करने के लिए उत्सुक है। वार्ता के बाद ही किसी समस्या का उचित हल निकाला जा सकता है। पत्र में वार्ता के लिए यूनियन के 20 प्रतिनिधियों को 14 अक्तूबर को सुबह 11.30 बजे बुलाया है।
पहले 8 अक्तूबर को बुलाया था
केंद्रीय कृषि मंत्रालय के सचिव स्तर के अधिकारी की ओर से आठ अक्तूबर को दिल्ली में कुछ किसानों को वार्ता के लिए बुलाया गया था। किसान यूनियनों ने इस बुलावे को खारिज करते हुए कहा था कि यदि कोई अधिकारी उन्हें इन कानूनों के फायदे बताना चाहता है तो वे उसकी सुनने नहीं जाएंगे।
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दिल्ली से भेजा गया पत्र अभी प्राप्त नहीं हुआ है। जब हमें यह मिलेगा तो ही कुछ कहा जा सकेगा।
- हरदेव सिंह संधू, चेयरमैन, कीरती किसान यूनियन, पंजाब
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संजय अग्रवाल द्वारा भेजे गए पत्र में लिखा है कि केंद्र किसानों से वार्ता करने के लिए उत्सुक है। वार्ता के बाद ही किसी समस्या का उचित हल निकाला जा सकता है। पत्र में वार्ता के लिए यूनियन के 20 प्रतिनिधियों को 14 अक्तूबर को सुबह 11.30 बजे बुलाया है।
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पहले 8 अक्तूबर को बुलाया था
केंद्रीय कृषि मंत्रालय के सचिव स्तर के अधिकारी की ओर से आठ अक्तूबर को दिल्ली में कुछ किसानों को वार्ता के लिए बुलाया गया था। किसान यूनियनों ने इस बुलावे को खारिज करते हुए कहा था कि यदि कोई अधिकारी उन्हें इन कानूनों के फायदे बताना चाहता है तो वे उसकी सुनने नहीं जाएंगे।
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दिल्ली से भेजा गया पत्र अभी प्राप्त नहीं हुआ है। जब हमें यह मिलेगा तो ही कुछ कहा जा सकेगा।
- हरदेव सिंह संधू, चेयरमैन, कीरती किसान यूनियन, पंजाब
इन्हें बुलाया बातचीत के लिए
पत्र में निमंत्रित किसानों में क्रांतिकारी किसान यूनियन के प्रधान डा. दर्शनपाल, जमहूरी किसान सभा के सचिव कुलवंत सिंह संधू, भाकियू डकौंदा प्रधान बूटा सिंह बुर्जगिल, कुल हिंद किसान सभा के सचिव बलदेव सिंह निहालगढ़, कीरती किसान यूनियन के प्रधान निरभाई सिंह धुदिके, पकियू प्रधान रुलदू सिंह, कुल हिंद किसान सभा के सचिव मेजर सिंह पुन्नावल, किसान संघर्ष कमेटी प्रधान इंद्रजीत सिंह कोट, आजाद किसान संघर्ष कमेटी प्रधान हरजिंदर सिंह टांडा, जय किसान आंदोलन से गुरबख्श सिंह बरनाला, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी प्रधान सतनाम सिंह पन्नू, किसान संघर्ष कमेटी प्रधान कंवलप्रीत सिंह पन्नू, भाकियू एकता-उगरांहा प्रधान जोगिंदर सिंह, भाकियू क्रांतिकारी प्रधान सुरजीत सिंह, भाकियू सिद्धूपुर प्रधान जगजीत सिंह, भाकियू कादियां प्रधान हरमीत सिंह, भाकियू राजेवाल प्रधान बलबीर सिंह, भाकियू दाओबा सचिव सतनाम सिंह साहनी, भाकियू मानसा प्रधान बोध सिंह और माझा किसान कमेटी से बलविंदर सिंह औलख का नाम शामिल है।