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जल्द मिलेंगे इतने सस्ते घर
अमर उजाला पंचकूला
Updated Sun, 13 Oct 2013 01:59 AM IST
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प्रदेश भर के मध्यम एवं निम्न मध्यम वर्गीय लोगों को अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम-2013 का बहुत फायदा मिलेगा।
इस स्कीम के तहत बिल्डरों को भी कुछ रियायतें देने का प्रावधान हैं, जिससे आम लोगों का खुद का आशियाना खरीदने का ख्वाब पूरा हो सके।
पंचकूला एक्सटेंशन-टू स्थित कोट विला, गोआला सहित अन्य इलाकों में इस योजना के तहत फ्लैट्स मुहैया कराए जाएंगे। इनकी कीमत 20 लाख रुपये तक हो सकती है।
वर्ल्ड हैबिटैट-डे के मौके पर इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स की ओर से ‘हाउसिंग फॉर ऑल-प्रॉसपेक्टस एंड चैलेंजेज’ विषय पर हुए सेमिनार में इस बारे में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट के महानिदेशक अनुराग अग्रवाल ने बताया।
सेमिनार में अनुराग अग्रवाल ने अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम-2013 की खूबियां बताते हुए कहा कि इससे न केवल आम लोगों को फायदा होगा, बल्कि बिल्डरों को राहत देने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि इस स्कीम के सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद इसके संबंध में सुझाव भी दें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका फायदा मिल सके।
कार्यक्रम के आयोजक और इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स के चेयरमैन जसवंत सिंह ने भी इस स्कीम के फायदों का जिक्र किया।
गौरतलब है कि इस स्कीम के तहत गुड़गांव में करीब 300 एकड़ जमीन पर फ्लैट तैयार किए जाने की योजना है।
इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों ने गुड़गांव में आवेदन किए हैं, जिसका उन्हें आने वाले वर्षों में फायदा मिल सकता है।
पंचकूला के लिए इस स्कीम के तहत आवेदन मंगाए जा रहे हैं। सेंटर फॉर रिसर्च इन रूरल एंड इंडस्ट्रीयल डवलेपमेंट के डीजी डॉ. सुच्चा सिंह गिल ने 12 वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान कृषि क्षेत्र के जीडीपी में कम होते शेयर और इस पर बढ़ती निर्भरता पर चर्चा की।
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उन्होंने कहा कि आबादी और मकानों की जरूरत के बीच संतुलन के लिए नीति बनाने की जरूरत है। इस मौके पर इंस्टीट्यूट ऑफ प्लानिंग एंड इनवायरमेंट रिसर्च के सेक्रेटरी जनरल के. सुरजीत सिंह ने नेशनल हाउसिंग एंड हैबीटैट पॉलिसी-2007 का जिक्र किया।
इसके साथ ही उन्होंने परपंरागत टाउन प्लानिंग के तौर-तरीके में बदलाव को भी जरूरी बताया। कार्यक्रम में जेके गुप्ता ने राइट टू ओनरशिप ऑफ प्रॉपर्टी पर चर्चा की।
इस दौरान गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी की प्रो. किरण संधू ने कहा कि नीतियां ऐसी होनी चाहिए, जिसका समाज के सभी वर्गों को फायदा मिल सके। नई नीति का आम लोगों को फायदा मिलेगा।
यह मिलेगी सुविधा
-आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम की शुरुआत की गई है।
-टू बीएचके मकानों की सुविधा
-रियायती दरों पर होंगे उपलब्ध
मिले हैं केवल दो आवेदन
फिलहाल आवेदकों की संख्या दो होने की वजह से अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम-2013 को आगे बढ़ाने में थोड़ी देर हो सकती है। डीजी ने कहा कि अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत बिल्डरों को फ्लोर एरिया रेशो और डेनसिटी में भी राहत दी जाएगी, ताकि इन योजनाओं को सिरे चढ़ाने में किसी तरह की दिक्कत न हो।
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इस स्कीम के तहत बिल्डरों को भी कुछ रियायतें देने का प्रावधान हैं, जिससे आम लोगों का खुद का आशियाना खरीदने का ख्वाब पूरा हो सके।
पंचकूला एक्सटेंशन-टू स्थित कोट विला, गोआला सहित अन्य इलाकों में इस योजना के तहत फ्लैट्स मुहैया कराए जाएंगे। इनकी कीमत 20 लाख रुपये तक हो सकती है।
वर्ल्ड हैबिटैट-डे के मौके पर इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स की ओर से ‘हाउसिंग फॉर ऑल-प्रॉसपेक्टस एंड चैलेंजेज’ विषय पर हुए सेमिनार में इस बारे में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट के महानिदेशक अनुराग अग्रवाल ने बताया।
सेमिनार में अनुराग अग्रवाल ने अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम-2013 की खूबियां बताते हुए कहा कि इससे न केवल आम लोगों को फायदा होगा, बल्कि बिल्डरों को राहत देने का प्रावधान है।
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उन्होंने कहा कि इस स्कीम के सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद इसके संबंध में सुझाव भी दें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका फायदा मिल सके।
कार्यक्रम के आयोजक और इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स के चेयरमैन जसवंत सिंह ने भी इस स्कीम के फायदों का जिक्र किया।
गौरतलब है कि इस स्कीम के तहत गुड़गांव में करीब 300 एकड़ जमीन पर फ्लैट तैयार किए जाने की योजना है।
इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों ने गुड़गांव में आवेदन किए हैं, जिसका उन्हें आने वाले वर्षों में फायदा मिल सकता है।
पंचकूला के लिए इस स्कीम के तहत आवेदन मंगाए जा रहे हैं। सेंटर फॉर रिसर्च इन रूरल एंड इंडस्ट्रीयल डवलेपमेंट के डीजी डॉ. सुच्चा सिंह गिल ने 12 वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान कृषि क्षेत्र के जीडीपी में कम होते शेयर और इस पर बढ़ती निर्भरता पर चर्चा की।
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उन्होंने कहा कि आबादी और मकानों की जरूरत के बीच संतुलन के लिए नीति बनाने की जरूरत है। इस मौके पर इंस्टीट्यूट ऑफ प्लानिंग एंड इनवायरमेंट रिसर्च के सेक्रेटरी जनरल के. सुरजीत सिंह ने नेशनल हाउसिंग एंड हैबीटैट पॉलिसी-2007 का जिक्र किया।
इसके साथ ही उन्होंने परपंरागत टाउन प्लानिंग के तौर-तरीके में बदलाव को भी जरूरी बताया। कार्यक्रम में जेके गुप्ता ने राइट टू ओनरशिप ऑफ प्रॉपर्टी पर चर्चा की।
इस दौरान गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी की प्रो. किरण संधू ने कहा कि नीतियां ऐसी होनी चाहिए, जिसका समाज के सभी वर्गों को फायदा मिल सके। नई नीति का आम लोगों को फायदा मिलेगा।
यह मिलेगी सुविधा
-आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम की शुरुआत की गई है।
-टू बीएचके मकानों की सुविधा
-रियायती दरों पर होंगे उपलब्ध
मिले हैं केवल दो आवेदन
फिलहाल आवेदकों की संख्या दो होने की वजह से अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम-2013 को आगे बढ़ाने में थोड़ी देर हो सकती है। डीजी ने कहा कि अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत बिल्डरों को फ्लोर एरिया रेशो और डेनसिटी में भी राहत दी जाएगी, ताकि इन योजनाओं को सिरे चढ़ाने में किसी तरह की दिक्कत न हो।