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लाठीचार्ज का आदेश देने वाले करनाल एसडीएम पर गिरी गाज, मुख्यालय भेजा

Thu, 02 Sep 2021 02:38 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 02 Sep 2021 02:38 AM IST
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action on Karnal SDM, who ordered the lathi charge, sent to headquarters
चंडीगढ़। करनाल में लाठीचार्ज का आदेश देने वाले एसडीएम आयुष सिन्हा का तीखी भाषा इस्तेमाल करना उन्हें महंगा पड़ा है। हरियाणा सरकार ने एसडीएम का तबादला कर उन्हें मुख्यालय भेजा है। सिन्हा को चंडीगढ़ में सिटीजन रिसोर्स इन्फार्मेशन डिपार्टमेंट (क्रिड) में अतिरिक्त सचिव लगाया है। उन पर कार्रवाई को लेकर विपक्ष से लेकर किसान तक अड़े थे, जिसके चलते सरकार को यह निर्णय लेना पड़ा।
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सत्ता के गलियारे से मिली जानकारी के मुताबिक मीडिया में वायरल वीडियो के बाद एसडीएम को बदलना जरूरी हो गया था। आयुष सिन्हा को यदि फील्ड में कहीं और तैनात किया जाता तो भी उनके लिए नौकरी करना आसान नहीं होता। चारों तरफ किसानों के आंदोलन को देखते हुए सिन्हा को फील्ड में तैनात न कर सरकार ने मुख्यालय भेजना मुनासिब समझा।
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हालांकि मुख्यमंत्री मनोहर लाल एसडीएम के पक्ष में थे, लेकिन इस बात से सहमत थे कि एसडीएम ने सही भाषा का चयन नहीं किया। सीएम ने कहा था, विपक्ष से पहले मैं इस बात को कह रहा हूं कि उक्त अधिकारी की भाषा उचित नहीं थी। हालांकि बचाव के लिए सीएम ने यह भी कहा था कि लाठीचार्ज का घटनास्थल एसडीएम के ड्यूटी क्षेत्र से बहुत दूर थे। दोनाें मामलों में 12 किलोमीटर की दूरी थी। उधर, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाल इस प्रकरण पर भले ही कुछ भी कहें, लेकिन मीडिया में एसडीएम पर कार्रवाई का बयान देकर अंदरखाते वे भी सरकार पर दबाव बना रहे थे।
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एसडीएम ने क्या कहा था
एसडीएम आयुष सिन्हा का किसानों से संघर्ष के दौरान वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में एसडीएम पुलिस कर्मियों को लाठीचार्ज का आदेश दे रहे हैं। यह भी कह रहे हैं कि डरने की जरूरत नहीं है, सिर पर मारना। ड्यूटी मजिस्ट्रेट मैं हूं और मैं आदेश दे रहा हूं। इसके बाद वे पुलिस कर्मियों से हामी भी भरवा रहे थे कि कोई आगे बढ़े तो जाने नहीं देना। लाठीचार्ज के बाद यह वीडियो वायरल हो गया और सरकार के लिए आफत का सबब बन गया।
लगातार होती रही बयानबाजी
शुरुआत के दो दिन तो यही चलता रहा कि लाठीचार्ज के मामले में क्या करना है। घटना के अगले दिन अचानक उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बयान दे दिया कि एसडीएम की भाषा ठीक नहीं है। इस पर कार्रवाई जरूर होगी। उसके बाद उपमुख्यमंत्री का बयान आया कि हमला करेंगे तो पुलिस माला नहीं पहनाएगी। अभी पक्ष और विपक्ष की बयानबाजी चल ही रही थी कि इस बीच सरकार ने मामले में कार्रवाई करते हुए तबादला आदेश जारी कर दिए।

सीएम ने अपने स्तर पर लिया फैसला
पिछली बार भी दुष्यंत चौटाला ने किसानों पर कुरुक्षेत्र में हुए लाठीचार्ज के बाद सीएम से मुलाकात कर कार्रवाई के लिए कहा था। सरकार ने दुष्यंत की बात को ऊपर रखते हुए कार्रवाई की भी थी और उक्त अधिकारी बदल दिया था, क्योंकि उस समय जजपा का फील्ड में विरोध अधिक था। इस बार मुख्यमंत्री ने अपने स्तर पर इस मामले में कार्रवाई की है। वहीं, भारतीय किसान यूनियन के प्रधान रत्नमान ने कहा कि भविष्य में यह अधिकारी पब्लिक डीलिंग वाले पद पर नहीं होना चाहिए। क्योंकि इस एसडीएम की मानसिकता आम आदमी के प्रति ठीक नहीं है।
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