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कार्रवाई : बरवाला में जेसीबी से उखाड़ीं नींव, नगर योजनाकार विभाग की कार्रवाई, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूद में हुई कार्रवाई
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बरवाला। बरवाला-रामगढ़ मार्ग पर वीरवार को बुद्धिराजा पेट्रोल पंप के सामने अवैध निर्माण के लिए भरी नीवों को जेसीबी की मदद से उखाड़ा गया। यह कार्रवाई जिला नगर योजनाकार नेहा यादव और ड्यूटी मजिस्ट्रेट आनंद रावल की मौजूदगी में की गई। इस दौरान बरवाला पुलिस चौकी इंचार्ज मुकेश कुमार सहित भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा।
जिला नगर योजनाकार नेेहा यादव ने बताया कि नियंत्रित क्षेत्र में कॉलोनी विकसित करने से पहले निदेशक नगर और ग्राम आयोजन विभाग हरियाणा चंडीगढ़ द्वारा विभागीय अनुमति ली जानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भू मालिकों द्वारा प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर बिना किसी सरकारी अनुमति के अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। लोगोें को बहला-फुसलाकर प्लाट बेच दिए जाते हैं। ऐसे भू-मालिकों, प्रॉपर्टी डीलर और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ अर्बन एरिया एक्ट-1975 पेरीफेरी नियंत्रित क्षेत्र 1952 और नियंत्रित क्षेत्र 1963 के तहत विभाग सख्त कानूनी कार्रवाई करता है। ऐसा करने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाती है। इसमें तीन साल का कारावास और जुर्माने का भी प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने अवैध कॉलोनियों में बसे लोगों को मूलभूत जरूरतें जैसे बिजली, पानी, सड़क, सीवर लाइन आदि का डाटा तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार द्वारा नगर और ग्राम आयोजना विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करके ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए जिला नगर योजनाकार कार्यालय पंचकूला में भी संपर्क कर सकते हैं।
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जिला नगर योजनाकार नेेहा यादव ने बताया कि नियंत्रित क्षेत्र में कॉलोनी विकसित करने से पहले निदेशक नगर और ग्राम आयोजन विभाग हरियाणा चंडीगढ़ द्वारा विभागीय अनुमति ली जानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भू मालिकों द्वारा प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर बिना किसी सरकारी अनुमति के अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। लोगोें को बहला-फुसलाकर प्लाट बेच दिए जाते हैं। ऐसे भू-मालिकों, प्रॉपर्टी डीलर और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ अर्बन एरिया एक्ट-1975 पेरीफेरी नियंत्रित क्षेत्र 1952 और नियंत्रित क्षेत्र 1963 के तहत विभाग सख्त कानूनी कार्रवाई करता है। ऐसा करने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाती है। इसमें तीन साल का कारावास और जुर्माने का भी प्रावधान है।
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उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने अवैध कॉलोनियों में बसे लोगों को मूलभूत जरूरतें जैसे बिजली, पानी, सड़क, सीवर लाइन आदि का डाटा तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार द्वारा नगर और ग्राम आयोजना विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करके ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए जिला नगर योजनाकार कार्यालय पंचकूला में भी संपर्क कर सकते हैं।
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