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जब अलॉटी नहीं तो किराएदार कैसे आ गए
Panchkula
Updated Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
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पंचकूला। सेक्टर-16 स्थित शोरूम में स्टे के लिए किराएदार की ओर से डाली गई अर्जी पर वीरवार को जूनियर डिवीजन की सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हुडा ने अपना जवाब दाखिल किया। उसके मुताबिक अलॉटी की ओर से किस्त नहीं देने पर ही प्लाट को रिज्यूम करने के नोटिस जारी किए गए हैं। जब अलॉटी रुपये ही नहीं दे पाया तो उसकी प्रापर्टी कैसे हो सकती है। अलॉटी की प्रापर्टी ही नहीं रही तो उस पर किराएदार कैसे आ सकता है। किराएदार का बैठना गैरकानूनी है। हुडा का जवाब सुनने के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई शुक्रवार तय कर दी।
सेक्टर-16 स्थित एससीएफ 262 के एक किराएदार व्यापारी आरके मेडिस ने स्टे के लिए अदालत में याचिका दायर में की थी। मामले की सुनवाई पंचकूला अदालत की जूनियर डिवीजन के सिविल कोर्ट में चल रही है। स्टे की अर्जी पर वीरवार को हुडा ने जवाब दाखिल किया। हुडा के मुताबिक पूरी किस्त देने के बाद ही प्रापर्टी अलॉटी को ट्रांसफर की जाती है, लेकिन किस्त नहीं भरने पर अलॉटी प्रापर्टी का मालिक नहीं हो सकता। सेक्टर 16 के शोरूम से अलॉटी का दावा 2000 में खारिज हो चुका है और इसी दौरान रिज्यूम करने का नोटिस जारी किया गया। अलॉटी की ओर से ट्रायल कोर्ट में केस डाला गया। ट्रायल कोर्ट ने अलॉटी के हक में फैसला दे दिया। बाद में इस फैसले के खिलाफ हुडा सेशन कोर्ट में गया।
सेशन कोर्ट ने हुडा के हक में फैसला दिया और उसके बाद हुडा ने फिर से शोरूम को रिज्यूम करने के नोटिस जारी किए। सेशन कोर्ट जब हुडा के हक में फैसला दे चुका है तो अलॉटी प्रापर्टी का मालिक नहीं हो सकता है। प्रापर्टी हुडा की है तो ऐसे में किराएदार कैसे रखा जा सकता है। अब इस मामले की सुनवाई आज होगी। व्यापारियों की निगाहें अदालत के फैसले पर टिक गईं हैं।
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सेक्टर-16 स्थित एससीएफ 262 के एक किराएदार व्यापारी आरके मेडिस ने स्टे के लिए अदालत में याचिका दायर में की थी। मामले की सुनवाई पंचकूला अदालत की जूनियर डिवीजन के सिविल कोर्ट में चल रही है। स्टे की अर्जी पर वीरवार को हुडा ने जवाब दाखिल किया। हुडा के मुताबिक पूरी किस्त देने के बाद ही प्रापर्टी अलॉटी को ट्रांसफर की जाती है, लेकिन किस्त नहीं भरने पर अलॉटी प्रापर्टी का मालिक नहीं हो सकता। सेक्टर 16 के शोरूम से अलॉटी का दावा 2000 में खारिज हो चुका है और इसी दौरान रिज्यूम करने का नोटिस जारी किया गया। अलॉटी की ओर से ट्रायल कोर्ट में केस डाला गया। ट्रायल कोर्ट ने अलॉटी के हक में फैसला दे दिया। बाद में इस फैसले के खिलाफ हुडा सेशन कोर्ट में गया।
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सेशन कोर्ट ने हुडा के हक में फैसला दिया और उसके बाद हुडा ने फिर से शोरूम को रिज्यूम करने के नोटिस जारी किए। सेशन कोर्ट जब हुडा के हक में फैसला दे चुका है तो अलॉटी प्रापर्टी का मालिक नहीं हो सकता है। प्रापर्टी हुडा की है तो ऐसे में किराएदार कैसे रखा जा सकता है। अब इस मामले की सुनवाई आज होगी। व्यापारियों की निगाहें अदालत के फैसले पर टिक गईं हैं।
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