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मनचलों को अब लात घूंसों से सिखाएंगे सबक
Panchkula
Updated Mon, 07 Jan 2013 05:30 AM IST
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पंचकूला। शहर की लड़कियां अब मनचलों को लात-घूंसों से सबक सिखाएंगी। महिलाओं और लड़कियों को सेल्फ डिफेंस में ट्रेंड करने का जिम्मा पंचकूला के मार्शल आर्ट विशेषज्ञ बिक्रम एस थापा ने लिया है, जो लड़कियों को ऐसे गुर सिखाएंगे कि कुछ ही मिनटों में मनचलों का काम तमाम कर देंगी। थापा आठ जनवरी से सेक्टर 16 स्थित एसीओ नंबर 193 च्वाई क्वांग डू मार्शल आर्ट स्कूल आफ एजुकेशन में मुफ्त में सेल्फ डिफेंस की कोचिंग देंगे। वे अब तक करीब 500 लड़कियों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दे चुके हैं। इन क्लासेज में कोई भी एंट्री ले सकता है। विशेष क्लासेज के लिए कोई भी फीस नहीं ली जाएगी।
बिक्रम थापा ने कहना है कि बढ़ते अपराधों को देखते हुए लड़कियों और महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही कदम उठाना होगा। हर वक्त न तो पुलिस मौजूद रहेगी न ही उनके अभिभावक। दिल्ली गैंग रेप और ईव टीजिंग के बढ़ते मामलों को लेकर लड़कियों के लिए सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग बहुत जरूरी है। अभिभावकों को खुद चाहिए कि वे अपनी लड़कियों को बाहर इस ट्रेनिंग कैंप में भेजें, ताकि उन्हें ट्रेनिंग दी जा सके। इच्छुक लड़कियां सात जनवरी तक इंस्टीट्यूट में नाम दर्ज करवा सकती हैं।
एक सप्ताह में बना देंगे मास्टर
आठ जनवरी से अकादमी में ट्रेनिंग देने का काम शुरू हो जाएगा। एक सप्ताह की इस ट्रेनिंग का समय सुबह सात से आठ, शाम 4.30 बजे से 5.30 बजे, शाम 5.30 बजे से लेकर 6.30 बजे, 6.30 बजे से लेकर 7.30 बजे और 7.30बजे से लेकर 8.30 बजे तक होगा। इसमें 3 साल से लेकर 50 साल आयु वर्ग के लोग हिस्सा ले सकते हैं। थापा के मुताबिक मार्शल आर्ट की वे ऐसी तकनीक सिखाएंगे, जिसमें लड़कियां लूटपाट औक छेड़खानी की घटनाओं से आसानी से निपट सकेंगी।
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हरियाणा सरकार को लिखा पत्र
थापा ने हरियाणा सरकार और यूटी गवर्नर को एक पत्र लिखकर मार्शल आर्ट को बेसिक एजुकेशन का पार्ट बनाकर पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस प्रपोजल के तहत वे स्कूल की छात्राओं को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग स्कूल समय में मात्र 45 मिनट में देंगे। उन्होंने कहा कि इतनी देर की ट्रेनिंग में ही वे बच्चे को पूरी तरह से मजबूत कर देंगे।
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बिक्रम थापा ने कहना है कि बढ़ते अपराधों को देखते हुए लड़कियों और महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही कदम उठाना होगा। हर वक्त न तो पुलिस मौजूद रहेगी न ही उनके अभिभावक। दिल्ली गैंग रेप और ईव टीजिंग के बढ़ते मामलों को लेकर लड़कियों के लिए सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग बहुत जरूरी है। अभिभावकों को खुद चाहिए कि वे अपनी लड़कियों को बाहर इस ट्रेनिंग कैंप में भेजें, ताकि उन्हें ट्रेनिंग दी जा सके। इच्छुक लड़कियां सात जनवरी तक इंस्टीट्यूट में नाम दर्ज करवा सकती हैं।
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एक सप्ताह में बना देंगे मास्टर
आठ जनवरी से अकादमी में ट्रेनिंग देने का काम शुरू हो जाएगा। एक सप्ताह की इस ट्रेनिंग का समय सुबह सात से आठ, शाम 4.30 बजे से 5.30 बजे, शाम 5.30 बजे से लेकर 6.30 बजे, 6.30 बजे से लेकर 7.30 बजे और 7.30बजे से लेकर 8.30 बजे तक होगा। इसमें 3 साल से लेकर 50 साल आयु वर्ग के लोग हिस्सा ले सकते हैं। थापा के मुताबिक मार्शल आर्ट की वे ऐसी तकनीक सिखाएंगे, जिसमें लड़कियां लूटपाट औक छेड़खानी की घटनाओं से आसानी से निपट सकेंगी।
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हरियाणा सरकार को लिखा पत्र
थापा ने हरियाणा सरकार और यूटी गवर्नर को एक पत्र लिखकर मार्शल आर्ट को बेसिक एजुकेशन का पार्ट बनाकर पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस प्रपोजल के तहत वे स्कूल की छात्राओं को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग स्कूल समय में मात्र 45 मिनट में देंगे। उन्होंने कहा कि इतनी देर की ट्रेनिंग में ही वे बच्चे को पूरी तरह से मजबूत कर देंगे।