महाशिवरात्रि पर शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक

Panchkula Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
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पंचकूला। सावन माह की महाशिवरात्रि पर शहर के शिव मंदिरों में भक्तों की सुबह से ही कतार लगी रही है। ट्राइसिटी के सबसे प्राचीन मंदिर सकेतड़ी में भी भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान सैकड़ों शिवभक्त कावड़ियों ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। दूर-दराज से आए हजारों लोगों ने भगवान शिव को मनाया। मंदिर प्रबंधन द्वारा खीर व पूड़े का प्रसाद विशेष रूप से तैयार किया गया था। मंदिर के प्रधान मदन लाल ने बताया कि सुबह से शाम तक तकरीबन 70 हजार श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक करवाया।
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शहर के सेक्टर नौ, 15, 19 व 21 में स्थित शिव मंदिर में भक्तों ने शिव का जलाभिषेक किया। कई मंदिरों में भंडारे का भी आयोजन किया गया। माजरी चौक स्थित शिव मंदिर में विशाल भंडारा लगाया गया। इसके अलावा अन्य सेक्टरों के मंदिरों में भी सवेरे से भक्तों की भीड़ जुटी रही। शास्त्रों की मानें तो समुद्र का मंथन भी सावन माह में ही हुआ था। इस मंथन में 14 प्रकार के तत्व निकले। इसमें जहर को छोड़कर 13 तत्वों को राक्षसों में वितरण किया गया, जबकि भगवान शिव जहर को पी गए। उन्होंने इसे अपने कंठ में संग्रह कर लिया। इस प्रकार उनका नाम नीलकंठ पड़ा। जहर के प्रभाव से बचने के लिए भगवान शिव ने अपने मस्तक पर चंद्रमा को धारण कर लिया। इसके बाद सभी देवता जहर के प्रभाव से बचाव के लिए भगवान शिव के लिए गंगा से पानी के लिए प्रार्थना करने लगे। यह घटना सावन माह में हुई। इसके बाद से ही शिवभक्त भगवान शिव की गंगाजल से पूजा करते हैं।
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