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पंजाब के 13 आईपीएस पहुंचे कैट
Updated Wed, 26 Jul 2017 01:51 AM IST
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पंजाब के 13 आईपीएस पहुंचे कैट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब के 13 आईपीएस अफसरों ने विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) गठित करने और वर्ष 1999 की तारीख से उन्हें वरिष्ठता सूची में शामिल करने की मांग को लेकर केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने भारत सरकार, यूपीएससी, पंजाब सरकार और डीजीपी पंजाब को पार्टी बनाया है। ट्रिब्यूनल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर 15 नवंबर को जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिकाकर्ता वर्तमान में आईजी और डीआईजी के पद पर कार्यरत हैं।
याचिका के अनुसार याचिकाकर्ताओं ने पंजाब पुलिस में शुरुआत में डीएसपी के पद पर ज्वाइन किया था। इसके बाद उन्हें स्टेट पुलिस सर्विस कैडर से इंडियन पुलिस सर्विस (आईपीएस) कैडर में प्रमोट किया गया था। उन्हें 2001 से 2010 की लिस्ट के तहत प्रमोट किया गया था। 19 दिसंबर 2011 को वरिष्ठता सूची जारी की गई थी।
याचिकाकर्ताओं ने इस संबंध में 4 जनवरी 2016 को जारी आदेश को खारिज करने की मांग की है। इसमें उन्होंने 2001 के बाद से प्रमोट किया गया है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार उन्हें स्टेट पुलिस सर्विस से आईपीएस में प्रमोट करने वाली सीनियोरिटी के लिए चयनित सूची में 1999 से प्रमोट किया जाए। उनकी इस मांग को प्रतिवादी पक्ष के समक्ष उठाया था, लेकिन उनकी इस मांग को खारिज कर दिया गया था।
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आदेश में कहा गया था कि नियमानुसार पहले से अनुमोदित चयन सूची की समीक्षा करने के लिए कोई भी प्रावधान नहीं है। इस तथ्य के बावजूद आवेदक उन लोगों के सीनियर बन गए हैं जिन्हें 1999 के अनुसार चयन सूची के अनुसार पदोन्नत किया गया था। याचिका में कहा गया है कि प्रतिवादी पक्ष ने खुद चयन सूची की कई बार समीक्षा की थी और आवेदकों के साथ भेदभाव करते हुए बिना किसी कारण और मनमाने तरीके से उनकी अपील खारिज कर दी। याचिकाकर्ताओं ने पीपीएस कैडर से आईपीएस कैडर में पदोन्नति के संबंध में वर्ष 1999 से चयन सूची की समीक्षा के लिए प्रतिवादी पक्ष को आदेश देने की मांग की है। साथ ही आवेदकों को नियुक्ति तिथियों से आईपीएस को पदोन्नति/नियुक्ति और सभी लाभ देने की अपील की है। इसमें वरिष्ठता, सेवा निरंतरता, वेतन वृद्धि, वेतन का एरियर, 18 फीसदी ब्याज भी शामिल है।
बाक्स
इन्होंने की याचिका दायर
ट्रिब्यूनल में याचिका दायर करने वालों में आईजी साइबर क्राइम एसपीएस परमार, आईजी स्पेशल टास्क फोर्स बलकार सिंह सिद्घू, आईजी ट्रैफिक मनीष चावला, डीआईजी प्रशासन, पंजाब आर्म्ड पुलिस सुरेंद्र कुमार कालिया, डीआईजी केबी सिंह, आईजी जीआरपी गुरिंदर सिंह ढिल्लो, डीआईजी क्राइम गुरशरण सिंह संधू, आईजी आईआरबी अमर सिंह चहल, डीआईजी बॉर्डर रेंज अरुण कुमार मित्तल, डीआईजी जालंधर रेंज जसकरण सिंह, एआईजी क्राइम अमृत बरार, डीआईजी आईआरबी रणबीर सिंह, डीआईजी प्रशासन तुलसी राम शामिल हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब के 13 आईपीएस अफसरों ने विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) गठित करने और वर्ष 1999 की तारीख से उन्हें वरिष्ठता सूची में शामिल करने की मांग को लेकर केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने भारत सरकार, यूपीएससी, पंजाब सरकार और डीजीपी पंजाब को पार्टी बनाया है। ट्रिब्यूनल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर 15 नवंबर को जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिकाकर्ता वर्तमान में आईजी और डीआईजी के पद पर कार्यरत हैं।
याचिका के अनुसार याचिकाकर्ताओं ने पंजाब पुलिस में शुरुआत में डीएसपी के पद पर ज्वाइन किया था। इसके बाद उन्हें स्टेट पुलिस सर्विस कैडर से इंडियन पुलिस सर्विस (आईपीएस) कैडर में प्रमोट किया गया था। उन्हें 2001 से 2010 की लिस्ट के तहत प्रमोट किया गया था। 19 दिसंबर 2011 को वरिष्ठता सूची जारी की गई थी।
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याचिकाकर्ताओं ने इस संबंध में 4 जनवरी 2016 को जारी आदेश को खारिज करने की मांग की है। इसमें उन्होंने 2001 के बाद से प्रमोट किया गया है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार उन्हें स्टेट पुलिस सर्विस से आईपीएस में प्रमोट करने वाली सीनियोरिटी के लिए चयनित सूची में 1999 से प्रमोट किया जाए। उनकी इस मांग को प्रतिवादी पक्ष के समक्ष उठाया था, लेकिन उनकी इस मांग को खारिज कर दिया गया था।
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आदेश में कहा गया था कि नियमानुसार पहले से अनुमोदित चयन सूची की समीक्षा करने के लिए कोई भी प्रावधान नहीं है। इस तथ्य के बावजूद आवेदक उन लोगों के सीनियर बन गए हैं जिन्हें 1999 के अनुसार चयन सूची के अनुसार पदोन्नत किया गया था। याचिका में कहा गया है कि प्रतिवादी पक्ष ने खुद चयन सूची की कई बार समीक्षा की थी और आवेदकों के साथ भेदभाव करते हुए बिना किसी कारण और मनमाने तरीके से उनकी अपील खारिज कर दी। याचिकाकर्ताओं ने पीपीएस कैडर से आईपीएस कैडर में पदोन्नति के संबंध में वर्ष 1999 से चयन सूची की समीक्षा के लिए प्रतिवादी पक्ष को आदेश देने की मांग की है। साथ ही आवेदकों को नियुक्ति तिथियों से आईपीएस को पदोन्नति/नियुक्ति और सभी लाभ देने की अपील की है। इसमें वरिष्ठता, सेवा निरंतरता, वेतन वृद्धि, वेतन का एरियर, 18 फीसदी ब्याज भी शामिल है।
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इन्होंने की याचिका दायर
ट्रिब्यूनल में याचिका दायर करने वालों में आईजी साइबर क्राइम एसपीएस परमार, आईजी स्पेशल टास्क फोर्स बलकार सिंह सिद्घू, आईजी ट्रैफिक मनीष चावला, डीआईजी प्रशासन, पंजाब आर्म्ड पुलिस सुरेंद्र कुमार कालिया, डीआईजी केबी सिंह, आईजी जीआरपी गुरिंदर सिंह ढिल्लो, डीआईजी क्राइम गुरशरण सिंह संधू, आईजी आईआरबी अमर सिंह चहल, डीआईजी बॉर्डर रेंज अरुण कुमार मित्तल, डीआईजी जालंधर रेंज जसकरण सिंह, एआईजी क्राइम अमृत बरार, डीआईजी आईआरबी रणबीर सिंह, डीआईजी प्रशासन तुलसी राम शामिल हैं।