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Panchkula News: पूर्व विधायक की बेटी से छेड़छाड़ के मामले में 70 वर्षीय आरोपी बरी
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अदालत ने कहा- आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं, अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में रहा विफल
सुनवाई के दौरान पेड़-पौधों और हेज हटाने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद होने की बात भी सामने आई
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा के एक पूर्व विधायक की बेटी से छेड़छाड़, पीछा करने और धमकी देने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने 70 वर्षीय आरोपी को बरी कर दिया। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
मामले में सेक्टर-5 थाना पुलिस ने 27 अगस्त 2022 को केस दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसका पड़ोसी उसे परेशान करता, अश्लील टिप्पणियां करता और गाने गाता था। शिकायत के समय महिला छह माह की गर्भवती थी और उसके पति अधिकतर समय शहर से बाहर रहते थे।
बाद के बयान में जुड़े अतिरिक्त आरोप
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मूल शिकायत में अश्लील टिप्पणी का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। बाद में दर्ज बयान में फ्लाइंग किस करने, आंख मारने और सीटी बजाने जैसे आरोप जोड़े गए। अदालत ने यह भी पाया कि शिकायत में कथित घटनाओं की तारीख, समय और स्थान स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं थे। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच घर के सामने पेड़-पौधों और हेज हटाने को लेकर विवाद होने की बात भी सामने आई। उपलब्ध साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।
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सुनवाई के दौरान पेड़-पौधों और हेज हटाने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद होने की बात भी सामने आई
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा के एक पूर्व विधायक की बेटी से छेड़छाड़, पीछा करने और धमकी देने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने 70 वर्षीय आरोपी को बरी कर दिया। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
मामले में सेक्टर-5 थाना पुलिस ने 27 अगस्त 2022 को केस दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसका पड़ोसी उसे परेशान करता, अश्लील टिप्पणियां करता और गाने गाता था। शिकायत के समय महिला छह माह की गर्भवती थी और उसके पति अधिकतर समय शहर से बाहर रहते थे।
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बाद के बयान में जुड़े अतिरिक्त आरोप
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मूल शिकायत में अश्लील टिप्पणी का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। बाद में दर्ज बयान में फ्लाइंग किस करने, आंख मारने और सीटी बजाने जैसे आरोप जोड़े गए। अदालत ने यह भी पाया कि शिकायत में कथित घटनाओं की तारीख, समय और स्थान स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं थे। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच घर के सामने पेड़-पौधों और हेज हटाने को लेकर विवाद होने की बात भी सामने आई। उपलब्ध साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।
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