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डीएसडब्ल्यू के नाक के नीचे बिक रहा जंक फूड

Sat, 23 Mar 2019 01:20 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Sat, 23 Mar 2019 01:20 AM IST
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डीएसडब्ल्यू के नाक के नीचे बिक रहा जंक फूड
पीयू में यूजीसी नियमों की उड़ी रहीं धज्जियां, डीएसडब्ल्यू की नाक के तले बिक रहा जंक फूड
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- डीएसडब्ल्यू ऑफिस के नीचे ही बिक रहा कोल्ड ड्रिंक
- पीयू मार्केट में चिप्स, कुरकुरे और फास्ट फूड भी बिक रहे खुलेआम

रिशु राज सिंह
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में जंक फूड को लेकर यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यूजीसी ने अगस्त 2018 में सर्कुलर जारी किया था कि यूनिवर्सिटी में जंक फूड पर पूरी तरह से बैन लगना चाहिए, लेकिन कैंपस में अब भी सफेद ब्रेड वाले सैंडविच, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक व अन्य सामान धड़ल्ले से बिक रहा है। स्टूडेंट्स सेंटर में हर दुकान पर चिप्स, कुरकुरे समेत हर तरह का जंक फूड बिक रहा है।
कैंपस में कोल्ड ड्रिंक पर पूरी तरह से बैन लगाया है, लेकिन स्टूडेंट्स सेंटर और सभी हॉस्टल की हर कैंटीन में खुलेआम इनकी बिक्री हो रही है। डीएसडब्ल्यू इमैनुएल नाहर की माने तो स्टूडेंट सेंटर पर बिक रहे कोल्ड ड्रिंक स्पेशल हैं, डाइटिशियन द्वारा रेगुलर चेकिंग की जाती है। हालांकि दुकानों पर बिकने वाली कोल्ड ड्रिंक में ऐसा कुछ अलग नहीं है।कोल्ड ड्रिंक ठीक डीएसडब्ल्यू ऑफिस के नीचे ही बिक रही हैं। वहीं यूनिवर्सिटी ने बिना सब्जियों वाले बर्गर, नूडल्स आदि पर रोक लगाई है। मैगी भी सिर्फ आटा या मल्टी ग्रेन ही बिकेगी लेकिन नूडल्स को दुकानदारों ने अपने मेन्यु में अभी भी जगह दी हुई है। वहीं हॉस्टलों की कैंटीनों में सूत्रों की माने तो कोल्ड ड्रिंक सामने नहीं रख कर बल्कि अन्य तरीकों से बेचा जा रहा है।
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स्टूडेंट सेंटर में बैन, पीयू बाजार में खुलेआम बिक्री
स्टूडेंट सेंटर पर चिप्स, कुरकुरे आदि पूरी तरह से बैन हैं, जिसकी वजह से किसी भी दुकान पर चिप्स आदि दिखाई नहीं देंगे, लेकिन पीयू की मार्केट में तमाम तरह के चिप्स, कुरकुरे व अन्य तरह के सामान बेचे जा रहे हैं। कोल्ड ड्रिंक्स व अन्य सामान भी बिक रहे हैं। ऐसे में सिर्फ स्टूडेंट सेंटर पर जंक फूड बैन करने का क्या फायदा। यूजीसी के निर्देशों के अनुसार पूरे कैंपस में जंक फूड को बैन करने के निर्देश हैं, लेकिन पीयू सिर्फ स्टूडेंट सेंटर पर जंक फूड बैन कर अपनी पीठ थपथपा रही है।
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यूजीसी की गाइडलाइंस
स्वास्थ्य मंत्रालय के रिसर्च में पाया गया कि जंक फूड शरीर को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इनसे मोटापा ही नहीं बढ़ रहा बल्कि रोग भी पनप रहे हैं। इसलिए यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटी को जंक फूड बैन करने संबंधी निर्देश जारी किए हैं। 1 अक्टूबर को जारी आदेश में कहा गया कि हॉस्टल मेस संचालक, विभागों में बनी कैंटीन कोल्ड ड्रिंक, चिप्स, बर्गर, कुरकुरे, हॉट डॉग्स और पिज्जा की बिक्री न करें। इसके अलावा व्हाइट ब्रेड पर भी रोक लगाई गई है। इस ब्रेड का प्रयोग सैंडविच आदि के लिए किया जाता है। इससे भी बॉडी को नुकसान पहुंचता है।

वर्जन---
क्या कहते हैं स्टूडेंट्स लीडर

जंक फूड सिर्फ नाम का बैन
कैंपस में जंक फूड सिर्फ नाम का बैन है। हर चीज खुलेआम बिक रही है। स्टूडेंट सेंटर को मार्केट बना दिया गया है। सामान काफी महंगा भी है। जंक फूड तो हॉस्टल में भी बिकता है, कोई चेक करने वाला नही है। - परविंदर सिंह, सेक्रेटरी, एबीवीपी

काफी महंगे हैं जूस और फ्रूट चाट
जंक फूड बैन करना समस्या का हल नहीं है। सवाल है कि जो विकल्प है वह इतना महंगा है कि स्टूडेंट्स उन्हें अफोर्ड नहीं कर सकते। जूस, शेक और फ्रूट चाट काफी महंगा है। स्टूडेंट्स के पास जंग फूड खाने के अलावा कोई विकल्प ही नहीं है। - कनुप्रिया, प्रेजिडेंट, पीयूसीएससी


रोजाना की जाती है चेकिंग
स्टूडेंट सेंटर में फास्ट फूड पूरी तरह से बंद किया गया है। रोजाना चेकिंग की जाती है। पीयू के मार्केट्स में अगर चिप्स, कुरकुरे आदि बिक रहे हैं तो वह मेरे अंडर नहीं आता है। - इमैनुएल नाहर, डीएसडब्ल्यू
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