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शिकायतकर्ता पहुंची अदालत कहा आरोपी की जमानत पर नहीं आपति
Updated Sun, 08 Jul 2018 02:08 AM IST
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दिल्ली (द्वारिका) के ध्यानार्थ...........
पांच करोड़ की फिरौती का केस दर्ज करवाने वाली पहुंची अदालत, कहा आरोपी को दे दें जमानत
- शिकायतकर्ता ने कहा, गलतफहमी होने पर गुस्से में कराया था केस दर्ज
- कहा, दोनों पक्षों में हुआ समझौता, हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने के लिए दायर करेगी याचिका
- निजी फोटो और वीडियो सोशल साइट्स पर अपलोड करने की धमकी देकर पांच करोड़ रुपये मांगने का था आरोप
- साइबर सेल ने एयर इंडिया के कर्मी को किया था दिल्ली से गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एनआरआई युवती से ब्लैकमेल कर पांच करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में गिरफ्तार द्वारका (दिल्ली) निवासी आरोपी मनीष लिंगवाल को शनिवार जिला अदालत से जमानत मिल गई। इससे पहले खुद शिकायतकर्ता अदालत पहुंची और अदालत से कहा कि उसका मामले में आरोपी से समझौता हो गया है। उनमें कुछ गलतफहमी हो गई थी, इसलिए उसे आरोपी की जमानत पर कोई आपत्ति नहीं है। वहीं, आरोपी की जमानत याचिका पर दायर जवाब में पुलिस की ओर से उसे जमानत देने का विरोध किया गया था। शिकायतकर्ता के बयान के बाद अदालत ने आरोपी को 30 हजार रुपये के बेल बॉन्ड पर जमानत दे दी।
इससे पहले एडवोकेट जयपाल संधू की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया था कि पुलिस ने उसे केस में गलत फंसाया है। उसका इस केस से कोई लेना-देना नहीं है। जिन सबूतों के आधार पर उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है, उन्हें तोड़ मरोड़ पर पेश किया गया है। वहीं, दोनों पक्षों में कुछ गलतफहमी हो गई थी, लेकिन अब वह दूर हो चुकी है। इस आधार पर उसे जमानत दी जाए।
वहीं, जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान खुद शिकायतकर्ता अदालत में पेश हुई और कहा कि उसे आरोपी की जमानत पर कोई आपत्ति नहीं है। दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे। उनमें अच्छी दोस्ती थी, लेकिन दोनों में कुछ गलतफहमी हो गई थी, इसलिए उसने गुस्से में आकर केस दर्ज करवा दिया था, लेकिन अब वह इस केस को आगे नहीं चलाना चाहती है। क्योंकि उसे कुछ दिनों बाद वापस यूके जाना है।
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इसके अलावा वह हाईकोर्ट में इस एफआईआर को रद्द करने के लिए याचिका भी दायर करेगी। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने एक एफिडेविट भी अदालत में दायर किया है। शिकायतकर्ता के बयान के बाद अदालत ने आरोपी मनीष की जमानत याचिका मंजूर कर दी।
बाक्स
यह है मामला
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-19 निवासी और वर्तमान में यूके बेस एनआरआई युवती ने कहा था कि करीब एक साल पहले उसकी फेसबुक के जरिए मनीष लिंगवाल से दोस्ती हुई थी। दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। इस दौरान उसने उसे इमोशनली ब्लैकमेल कर उससे न्यूड फोटो मंगवाई। युवती ने इनकार किया तो उसने उसे आत्महत्या करने तक की धमकी दी। इसके बाद युवती ने उसे कुछ तस्वीरें भेज दीं। आरोपी मनीष ने उस पर दबाव डालकर उसे दिल्ली साथ रहने के लिए बुला लिया। कुछ समय बाद वह दिल्ली के द्वारिका में उसके साथ लिवइन में रहने लगी। इस दौरान उसने उसे बताए बिना उसकी अश्लील वीडियो बना ली। कुछ समय बाद मनीष की हरकतों से परेशान होकर युवती वापस चंडीगढ़ आ गई। इसके बाद आरोपी ने उसे उसकी वीडियो और फोटोग्राफ्स इंटरनेट पर अपलोड करने की धमकी देकर उससे 5 करोड़ रुपये मांगे। युवती ने पुलिस में इसकी शिकायत दी। साइबर सेल ने दिल्ली द्वारका निवासी मनीष लिंगवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 384, 511, 354डी और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत केस दर्ज कर उसे अगले दिन दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी एयर इंडिया में बतौर सफाईकर्मी कार्यरत है।
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पांच करोड़ की फिरौती का केस दर्ज करवाने वाली पहुंची अदालत, कहा आरोपी को दे दें जमानत
- शिकायतकर्ता ने कहा, गलतफहमी होने पर गुस्से में कराया था केस दर्ज
- कहा, दोनों पक्षों में हुआ समझौता, हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने के लिए दायर करेगी याचिका
- निजी फोटो और वीडियो सोशल साइट्स पर अपलोड करने की धमकी देकर पांच करोड़ रुपये मांगने का था आरोप
- साइबर सेल ने एयर इंडिया के कर्मी को किया था दिल्ली से गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एनआरआई युवती से ब्लैकमेल कर पांच करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में गिरफ्तार द्वारका (दिल्ली) निवासी आरोपी मनीष लिंगवाल को शनिवार जिला अदालत से जमानत मिल गई। इससे पहले खुद शिकायतकर्ता अदालत पहुंची और अदालत से कहा कि उसका मामले में आरोपी से समझौता हो गया है। उनमें कुछ गलतफहमी हो गई थी, इसलिए उसे आरोपी की जमानत पर कोई आपत्ति नहीं है। वहीं, आरोपी की जमानत याचिका पर दायर जवाब में पुलिस की ओर से उसे जमानत देने का विरोध किया गया था। शिकायतकर्ता के बयान के बाद अदालत ने आरोपी को 30 हजार रुपये के बेल बॉन्ड पर जमानत दे दी।
इससे पहले एडवोकेट जयपाल संधू की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया था कि पुलिस ने उसे केस में गलत फंसाया है। उसका इस केस से कोई लेना-देना नहीं है। जिन सबूतों के आधार पर उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है, उन्हें तोड़ मरोड़ पर पेश किया गया है। वहीं, दोनों पक्षों में कुछ गलतफहमी हो गई थी, लेकिन अब वह दूर हो चुकी है। इस आधार पर उसे जमानत दी जाए।
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वहीं, जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान खुद शिकायतकर्ता अदालत में पेश हुई और कहा कि उसे आरोपी की जमानत पर कोई आपत्ति नहीं है। दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे। उनमें अच्छी दोस्ती थी, लेकिन दोनों में कुछ गलतफहमी हो गई थी, इसलिए उसने गुस्से में आकर केस दर्ज करवा दिया था, लेकिन अब वह इस केस को आगे नहीं चलाना चाहती है। क्योंकि उसे कुछ दिनों बाद वापस यूके जाना है।
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इसके अलावा वह हाईकोर्ट में इस एफआईआर को रद्द करने के लिए याचिका भी दायर करेगी। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने एक एफिडेविट भी अदालत में दायर किया है। शिकायतकर्ता के बयान के बाद अदालत ने आरोपी मनीष की जमानत याचिका मंजूर कर दी।
बाक्स
यह है मामला
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-19 निवासी और वर्तमान में यूके बेस एनआरआई युवती ने कहा था कि करीब एक साल पहले उसकी फेसबुक के जरिए मनीष लिंगवाल से दोस्ती हुई थी। दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। इस दौरान उसने उसे इमोशनली ब्लैकमेल कर उससे न्यूड फोटो मंगवाई। युवती ने इनकार किया तो उसने उसे आत्महत्या करने तक की धमकी दी। इसके बाद युवती ने उसे कुछ तस्वीरें भेज दीं। आरोपी मनीष ने उस पर दबाव डालकर उसे दिल्ली साथ रहने के लिए बुला लिया। कुछ समय बाद वह दिल्ली के द्वारिका में उसके साथ लिवइन में रहने लगी। इस दौरान उसने उसे बताए बिना उसकी अश्लील वीडियो बना ली। कुछ समय बाद मनीष की हरकतों से परेशान होकर युवती वापस चंडीगढ़ आ गई। इसके बाद आरोपी ने उसे उसकी वीडियो और फोटोग्राफ्स इंटरनेट पर अपलोड करने की धमकी देकर उससे 5 करोड़ रुपये मांगे। युवती ने पुलिस में इसकी शिकायत दी। साइबर सेल ने दिल्ली द्वारका निवासी मनीष लिंगवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 384, 511, 354डी और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत केस दर्ज कर उसे अगले दिन दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी एयर इंडिया में बतौर सफाईकर्मी कार्यरत है।