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साइड स्टोरी
Updated Mon, 26 Feb 2018 02:24 AM IST
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सीमेंट स्टोर और ठेकेदार के खाते में डाले रुपये
सबहेड
बीडीपीओ मालविंदर सिंह गांव झयूरहेड़ी घोटाले में भी है आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
पंचायत समिति खरड़ में हुए लाखों रुपये के घोटाले में बीडीपीओ खरड़ मालविंदर सिंह की भूमिका अहम रही। बीडीपीओ ने सनौर के कौड़ा सिमेंट स्टोर और एक ठेकेदार के खाते में लाखों की रकम ट्रांसफर कर सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाई।
जानकारी के मुताबिक गांव मजातड़ी, टोडर माजरा और मजात गांव की ग्राम पंचायत के नाम पर जो राशि बीडीपीओ खरड़ की ओर से जारी की गई उसे तुरंत कौड़ा सीमेंट स्टोर सनौर को ट्रांसफर कर दिया गया। कौड़ा सीमेंट सनौर को जो राशि ट्रांसफर की गई वह तीनों गांवों को मिलाकर 56 लाख बनती है। डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी इन गांवों में कोई काम नहीं करवाकर राशि का गबन किया गया।
विभाग के वित्त सचिव अनुराग वर्मा ने बताया कि बीडीपीओ खरड़ की ओर 5 दिसंबर 2016 से लेकर 23 मार्च 2017 के बीच सात गांवों बठलाना, चोल्टा खुर्द, कुरड़ी, स्याऊ, गुडाणा, कुरड़ी और मलकपुर के नाम पर 60 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। खास बात यह है कि इसकी डिमांड इन गांवों की पंचायतों द्वारा की ही नहीं गई थी। न ही समिति कीे ओर से कोई प्रस्ताव डाला गया था। सबसे बड़ी बात इसमें यह है कि रिकार्ड के अनुसार यह राशि गांवों की पंचायतों को जारी की गई थी पर कैशबुक के अनुसार 60 लाख की यह रकम ठेकेदार मुखविंदर सिंह को जारी कर दी गई। इस राशि को बीडीपीओ द्वारा ठेकेदार के खाते में ट्रांसफर किया गया था। ऐसा करने से पहले कोई टेंडर तक नहीं निकाला गया। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि करीब नौ माह बीत जाने के बावजूद ठेकेदार द्वारा राशि मिलने के बाद भी गांवों में कोई भी विकास नहीं करवाया गया। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि 60 लाख रुपये के अलावा 91 लाख रुपये की अन्य राशि भी बीडीपीओ द्वारा ठेकेदार को ट्रांसफर की गई है। इस संबंधी भी पंचायत समति रिकार्ड में कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला है। दूसरी ओर जब जांच शुरू की गई तब ठेकेदार की ओर से 36.5 लाख रुपये पंचायत समति खरड़ के खाते में जमा करवा दी गई।
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-बाक्स-
बलौंगी में भी 30 लाख का बोगस खर्च दिखाया
पंचायत समति खरड़ की ओर से गांव बलौंगी कालोनी में विकास कार्यों पर 30 लाख रुपये का खर्च दिखाया गया जबकि बलौंगी कालोनी में पहले ही विकास का काम ग्रांटों से करवाए जा चुके हैं। इसी तरह पंचायत समिति की ओर से यह बोगस खर्च डाला गया है। ठेकेदार मुखविंदर सिंह को भी जारी 1.51 करोड़ रुपये में से 1.23 करोड़ की रकम के बोगस खर्च दिखाए गए हैं।
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बीडीपीओ मालविंदर सिंह गांव झयूरहेड़ी घोटाले में भी है आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
पंचायत समिति खरड़ में हुए लाखों रुपये के घोटाले में बीडीपीओ खरड़ मालविंदर सिंह की भूमिका अहम रही। बीडीपीओ ने सनौर के कौड़ा सिमेंट स्टोर और एक ठेकेदार के खाते में लाखों की रकम ट्रांसफर कर सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाई।
जानकारी के मुताबिक गांव मजातड़ी, टोडर माजरा और मजात गांव की ग्राम पंचायत के नाम पर जो राशि बीडीपीओ खरड़ की ओर से जारी की गई उसे तुरंत कौड़ा सीमेंट स्टोर सनौर को ट्रांसफर कर दिया गया। कौड़ा सीमेंट सनौर को जो राशि ट्रांसफर की गई वह तीनों गांवों को मिलाकर 56 लाख बनती है। डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी इन गांवों में कोई काम नहीं करवाकर राशि का गबन किया गया।
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विभाग के वित्त सचिव अनुराग वर्मा ने बताया कि बीडीपीओ खरड़ की ओर 5 दिसंबर 2016 से लेकर 23 मार्च 2017 के बीच सात गांवों बठलाना, चोल्टा खुर्द, कुरड़ी, स्याऊ, गुडाणा, कुरड़ी और मलकपुर के नाम पर 60 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। खास बात यह है कि इसकी डिमांड इन गांवों की पंचायतों द्वारा की ही नहीं गई थी। न ही समिति कीे ओर से कोई प्रस्ताव डाला गया था। सबसे बड़ी बात इसमें यह है कि रिकार्ड के अनुसार यह राशि गांवों की पंचायतों को जारी की गई थी पर कैशबुक के अनुसार 60 लाख की यह रकम ठेकेदार मुखविंदर सिंह को जारी कर दी गई। इस राशि को बीडीपीओ द्वारा ठेकेदार के खाते में ट्रांसफर किया गया था। ऐसा करने से पहले कोई टेंडर तक नहीं निकाला गया। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि करीब नौ माह बीत जाने के बावजूद ठेकेदार द्वारा राशि मिलने के बाद भी गांवों में कोई भी विकास नहीं करवाया गया। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि 60 लाख रुपये के अलावा 91 लाख रुपये की अन्य राशि भी बीडीपीओ द्वारा ठेकेदार को ट्रांसफर की गई है। इस संबंधी भी पंचायत समति रिकार्ड में कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला है। दूसरी ओर जब जांच शुरू की गई तब ठेकेदार की ओर से 36.5 लाख रुपये पंचायत समति खरड़ के खाते में जमा करवा दी गई।
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बलौंगी में भी 30 लाख का बोगस खर्च दिखाया
पंचायत समति खरड़ की ओर से गांव बलौंगी कालोनी में विकास कार्यों पर 30 लाख रुपये का खर्च दिखाया गया जबकि बलौंगी कालोनी में पहले ही विकास का काम ग्रांटों से करवाए जा चुके हैं। इसी तरह पंचायत समिति की ओर से यह बोगस खर्च डाला गया है। ठेकेदार मुखविंदर सिंह को भी जारी 1.51 करोड़ रुपये में से 1.23 करोड़ की रकम के बोगस खर्च दिखाए गए हैं।