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छह महीने में पुलिस और एसटीए ने किए 349 चालान, फिर भी नहीं रूकी वायलेशन
Updated Sun, 09 Jul 2017 01:59 AM IST
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एसटीए और पुलिस ने काटे 349 चालान, नहीं खत्म कर पाए वायलेशन
हादसे के बाद पुलिस और एसटीए आता है हरकत में
योगेंद्र त्रिपाठी
चंडीगढ़।
स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) और पुलिस की ओर से छह माह में बस और ऑटो के 349 चालान किए गए, लेकिन इनकी वायलेशन रोकने में नाकाम रहे। इस कारण स्टूडेंट्स स्कूल बस और ऑटो में सुरक्षित नहीं हैं।
शहर में 114 सरकारी और 71 प्राइवेट स्कूल 71 हैं। इन स्कूलाें में चलने वाली 800 बसें और 400 ऑटो एसटीए के पास रजिस्टर्ड हैं। सरकारी और प्राइवेट स्कूल की बसें कांट्रैक्टर के माध्यम से चलाई जा रही हैं। वायलेशन की चेकिंग हर दिन नहीं होती है। जब कोई स्कूल बस दुर्घटना का शिकार होती है, तब पुलिस और एसटीए हरकत में आता है। उसके पहले वाहनों की चेकिंग नहीं की जाती। इस कारण स्कूल बसों से होने वाले हादसों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस साल जनवरी से जुलाई तक एसटीए द्वारा 79 और पुलिस की ओर से 262 चालान किए गए हैं।
बसों में वायलेशन अधिक
एसटीए की चेकिंग में जो वायलेशन सामने आ रही है, उसमें सबसे ज्यादा गाड़ियों की मेंटेनेंस न होने की है। वहीं, इसके अलावा बिना परमिट बस चलने की है। वहीं स्कूल बसों में कंडक्टर और ड्राइवर बिना वर्दी के मिलते हैं। हाल में माउंट कार्मल स्कूल बस हादसे के बाद एसटीए और पुलिस हरकत में आई। माउंट कार्मल स्कूल में बीते शुक्रवार को तीन चलान किए गए। बस हादसे के बाद भी हालात नहीं सुधरे और स्कूल की बसों में वायलेशन, बिना परमिट चलने की बात सामने आई।
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कोट ---
बसों की चेकिंग स्कूल टाइमिंग में लगातार की जाएगी। अगर इस तरह का वायलेशन पाया जाएगा तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बसों और ऑटो को इंपाउंड किया जाएगा।
- राजीव तिवारी, एडिशनल सेक्रेेटरी, एसटीए।
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हादसे के बाद पुलिस और एसटीए आता है हरकत में
योगेंद्र त्रिपाठी
चंडीगढ़।
स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) और पुलिस की ओर से छह माह में बस और ऑटो के 349 चालान किए गए, लेकिन इनकी वायलेशन रोकने में नाकाम रहे। इस कारण स्टूडेंट्स स्कूल बस और ऑटो में सुरक्षित नहीं हैं।
शहर में 114 सरकारी और 71 प्राइवेट स्कूल 71 हैं। इन स्कूलाें में चलने वाली 800 बसें और 400 ऑटो एसटीए के पास रजिस्टर्ड हैं। सरकारी और प्राइवेट स्कूल की बसें कांट्रैक्टर के माध्यम से चलाई जा रही हैं। वायलेशन की चेकिंग हर दिन नहीं होती है। जब कोई स्कूल बस दुर्घटना का शिकार होती है, तब पुलिस और एसटीए हरकत में आता है। उसके पहले वाहनों की चेकिंग नहीं की जाती। इस कारण स्कूल बसों से होने वाले हादसों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस साल जनवरी से जुलाई तक एसटीए द्वारा 79 और पुलिस की ओर से 262 चालान किए गए हैं।
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बसों में वायलेशन अधिक
एसटीए की चेकिंग में जो वायलेशन सामने आ रही है, उसमें सबसे ज्यादा गाड़ियों की मेंटेनेंस न होने की है। वहीं, इसके अलावा बिना परमिट बस चलने की है। वहीं स्कूल बसों में कंडक्टर और ड्राइवर बिना वर्दी के मिलते हैं। हाल में माउंट कार्मल स्कूल बस हादसे के बाद एसटीए और पुलिस हरकत में आई। माउंट कार्मल स्कूल में बीते शुक्रवार को तीन चलान किए गए। बस हादसे के बाद भी हालात नहीं सुधरे और स्कूल की बसों में वायलेशन, बिना परमिट चलने की बात सामने आई।
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बसों की चेकिंग स्कूल टाइमिंग में लगातार की जाएगी। अगर इस तरह का वायलेशन पाया जाएगा तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बसों और ऑटो को इंपाउंड किया जाएगा।
- राजीव तिवारी, एडिशनल सेक्रेेटरी, एसटीए।