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बिल में संशोधन को लेकर राष्टपति से मिले
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ट्रांसजेंडर बिल में संशोधन को लेकर राष्ट्रपति से मिले
मनीमाजरा। समस्या-समाधान टीम के सीनियर अध्यक्ष और ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड के धनंजय चौहान अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। उन्होंने ट्रांसजेंडर वेलफेयर एक्ट 2014 में संशोधन की मांग की। धनंजय चौहान ने बताया कि बिल को लोकसभा में पास कर दिया गया है, लेकिन वह अधूरा है। इसे लागू होने पर भी ट्रांसजेंडर को पूरा लाभ नहीं मिल सकेगा। उन्होंने कुछ सुझाव देते हुए बिल को राज्यसभा से वापस दोबारा लोकसभा में लाने की मांग की। धनंजय चौहान लंबे समय से चंडीगढ़ में ट्रांसजेंडर के लिए काम कर रहे हैं। उनके प्रयास से ही चंडीगढ़ में पहली बार ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड बना। उन्होंने बताया कि बिल में ट्रांसजेंडर के स्क्रीनिंग की मांग की गई है। उन्होंने राष्ट्रपति से चंडीगढ़ में काम कर रही संस्था समस्या-समाधान टीम के बारे में भी बताया। धनजंय चौहान ट्रांसजेंडर होने के कारण खुद की शिक्षा को पूरा करना और ट्रांसजेंडरों को शिक्षा व नौकरी दिलाने के लिए लंबा संघर्ष किया। धनजंय चौहान की सबसे बड़ी उपलब्धि पंजाब यूनिवर्सिटी में ट्रांसजेंडरों के लिए अलग से शौचालय का निर्माण करवाना है। देश में पहली बार किसी यूनिवर्सिटी में ट्रांसजेंडर शौचालय का निर्माण किया गया है।
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ट्रांसजेंडर बिल में संशोधन को लेकर राष्ट्रपति से मिले
मनीमाजरा। समस्या-समाधान टीम के सीनियर अध्यक्ष और ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड के धनंजय चौहान अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। उन्होंने ट्रांसजेंडर वेलफेयर एक्ट 2014 में संशोधन की मांग की। धनंजय चौहान ने बताया कि बिल को लोकसभा में पास कर दिया गया है, लेकिन वह अधूरा है। इसे लागू होने पर भी ट्रांसजेंडर को पूरा लाभ नहीं मिल सकेगा। उन्होंने कुछ सुझाव देते हुए बिल को राज्यसभा से वापस दोबारा लोकसभा में लाने की मांग की। धनंजय चौहान लंबे समय से चंडीगढ़ में ट्रांसजेंडर के लिए काम कर रहे हैं। उनके प्रयास से ही चंडीगढ़ में पहली बार ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड बना। उन्होंने बताया कि बिल में ट्रांसजेंडर के स्क्रीनिंग की मांग की गई है। उन्होंने राष्ट्रपति से चंडीगढ़ में काम कर रही संस्था समस्या-समाधान टीम के बारे में भी बताया। धनजंय चौहान ट्रांसजेंडर होने के कारण खुद की शिक्षा को पूरा करना और ट्रांसजेंडरों को शिक्षा व नौकरी दिलाने के लिए लंबा संघर्ष किया। धनजंय चौहान की सबसे बड़ी उपलब्धि पंजाब यूनिवर्सिटी में ट्रांसजेंडरों के लिए अलग से शौचालय का निर्माण करवाना है। देश में पहली बार किसी यूनिवर्सिटी में ट्रांसजेंडर शौचालय का निर्माण किया गया है।