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फॉसवेक ने गारबेज कलेकटर और स्ट्रीट वेंडर पर रुख साफ किया रुख
Updated Thu, 13 Dec 2018 01:59 AM IST
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फोटो सहित
निगम डोर-टु-डोर गारबेज कलेक्टरों को थोपना बंद करे : फॉसवेक
फॉसवेक ने नगर निगम और प्रशासन को जनहित में काम करने की सलाह दी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। फेडरेशन ऑफ सेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन चंडीगढ़ (फॉसवेक) ने बुधवार को डोर-टु-डोर गारबेज कलेक्शन और स्ट्रीट वेंडर्स के मुद्दों पर अपना रुख साफ किया। सेक्टर-43 में प्रेसवार्ता में फॉसवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि जिस प्रकार चंडीगढ़ में डोर-टु-डोर गारबेज कलेक्शन सिस्टम और स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट को प्रशासन और नगर निगम की ओर से मनमाने ढंग से लागू किया जा रहा है, उससे न तो चंडीगढ़ के निवासी खुश हैं और न ही वेलफेयर संस्थाएं। स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत पहले उन वेंडर्स को एडजस्ट किया जाना चाहिए, जो लंबे समय से चंडीगढ़ में रह रहे हैं और विभिन्न सेक्टरों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं, न कि उनको जो कुछ समय पहले ही चंडीगढ़ में आकर बसे हैं या रोज दूसरे शहरों से चंडीगढ़ में आ-जा रहे हैं।
फॉसवेक के मुख्य प्रवक्ता पंकज गुप्ता ने कहा कि जब प्राइवेट गारबेज कलेक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशनों के साथ मिलकर अच्छा काम कर रहे हैं तो नगर निगम क्यों लोगों पर जबरन अपने कर्मी थोपना चाहता है। जहां तक बात ऑन-द-स्पॉट सेग्रिगेशन की है तो इसके लिए प्राइवेट गारबेज कलेक्टर्स की वर्कशॉप आयोजित करके उन्हें प्रशिक्षित किया जा सकता है और लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए आरडब्ल्यूए की मदद ली जा सकती है।
महासचिव जेएस गोगिया ने कहा कि नगर निगम की नजरें लोगों के हित पर नहीं बल्कि गारबेज कलेक्शन से होने वाली आमदनी पर है। स्ट्रीट वेंडर्स के मुद्दे पर उन्होंने अपने विचार रखते हुए कहा कि इन लोगों को सभी सेक्टरों में फैलाया जाए और न कि कुछ सेक्टरों में इनका केंद्रीयकरण किया जाए। मुख्य सलाहकार कमलजीत सिंह पंछी ने कहा कि अधिकांश स्ट्रीट वेंडर्स वे हैं, जो दुकानों के सामने बैठकर व्यापार कर रहे हैं और दुकानदारों की रोजी-रोटी पर डाका डाल रहे हैं।
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निगम डोर-टु-डोर गारबेज कलेक्टरों को थोपना बंद करे : फॉसवेक
फॉसवेक ने नगर निगम और प्रशासन को जनहित में काम करने की सलाह दी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। फेडरेशन ऑफ सेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन चंडीगढ़ (फॉसवेक) ने बुधवार को डोर-टु-डोर गारबेज कलेक्शन और स्ट्रीट वेंडर्स के मुद्दों पर अपना रुख साफ किया। सेक्टर-43 में प्रेसवार्ता में फॉसवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि जिस प्रकार चंडीगढ़ में डोर-टु-डोर गारबेज कलेक्शन सिस्टम और स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट को प्रशासन और नगर निगम की ओर से मनमाने ढंग से लागू किया जा रहा है, उससे न तो चंडीगढ़ के निवासी खुश हैं और न ही वेलफेयर संस्थाएं। स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत पहले उन वेंडर्स को एडजस्ट किया जाना चाहिए, जो लंबे समय से चंडीगढ़ में रह रहे हैं और विभिन्न सेक्टरों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं, न कि उनको जो कुछ समय पहले ही चंडीगढ़ में आकर बसे हैं या रोज दूसरे शहरों से चंडीगढ़ में आ-जा रहे हैं।
फॉसवेक के मुख्य प्रवक्ता पंकज गुप्ता ने कहा कि जब प्राइवेट गारबेज कलेक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशनों के साथ मिलकर अच्छा काम कर रहे हैं तो नगर निगम क्यों लोगों पर जबरन अपने कर्मी थोपना चाहता है। जहां तक बात ऑन-द-स्पॉट सेग्रिगेशन की है तो इसके लिए प्राइवेट गारबेज कलेक्टर्स की वर्कशॉप आयोजित करके उन्हें प्रशिक्षित किया जा सकता है और लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए आरडब्ल्यूए की मदद ली जा सकती है।
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महासचिव जेएस गोगिया ने कहा कि नगर निगम की नजरें लोगों के हित पर नहीं बल्कि गारबेज कलेक्शन से होने वाली आमदनी पर है। स्ट्रीट वेंडर्स के मुद्दे पर उन्होंने अपने विचार रखते हुए कहा कि इन लोगों को सभी सेक्टरों में फैलाया जाए और न कि कुछ सेक्टरों में इनका केंद्रीयकरण किया जाए। मुख्य सलाहकार कमलजीत सिंह पंछी ने कहा कि अधिकांश स्ट्रीट वेंडर्स वे हैं, जो दुकानों के सामने बैठकर व्यापार कर रहे हैं और दुकानदारों की रोजी-रोटी पर डाका डाल रहे हैं।
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