फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   इंटरनेशनल फ्राड में तीन हैकर्स गिरफ्तार

इंटरनेशनल फ्राड में तीन हैकर्स गिरफ्तार

Thu, 15 Jun 2017 01:39 AM IST
Updated Thu, 15 Jun 2017 01:39 AM IST
विज्ञापन
इंटरनेशनल फ्राड में तीन हैकर्स गिरफ्तार
इंटरनेशनल फ्राड में तीन हैकर्स गिरफ्तार
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
विदेश में बैठे लोगों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन होटल, फ्लाइट आदि की बुकिंग के बदले कमीशन हासिल कर ठगी करने वाले हैकर्स गिरोह के तीन सदस्यों को यूटी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के साइबर सेल ने तीनों को मंगलवार को देर रात सेक्टर-35 के होटल से गिरफ्तार किया है। उनसे एक लैपटॉप और चार मोबाइल भी बरामद हुए हैं। जिस समय उन्हें गिरफ्तार किया गया, उस समय वह लोगों के कार्ड हैक कर ट्रांजेक्शन कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह के तार हवाला और देश विरोधी ताकतों को फंडिंग करने से तो जुड़े ही हैं, वहीं मनी लांड्रिंग के नजरिये से भी पुलिस जांच कर रही है। जरूरत पड़ी तो अन्य एजेंसियों से भी इसकी मदद ले सकते हैं।
पकड़े गए तीनों आरोपियों की पहचान नई दिल्ली के बदरपुर बार्डर निवासी अंकुर शर्मा (23), जीरकपुर निवासी राजेश शर्मा (43) और गाजियाबाद निवासी पवन सिंह (31) के तौर पर हुई है। पुलिस के अनुसार राजेश लाइजनिंग का काम करता था, जबकि अंकुर और पवन हैकर्स हैं।
विज्ञापन

सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में डीआईजी आलोक कुमार, डीएसपी साइबर रश्मि यादव और इंस्पेक्टर हरेंद्र शेखों ने बताया कि इन हैकर्स के तार हवाला और देश विरोधी गतिविधियों से जुड़ रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये पैसे जमा कर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वालों को फंडिंग करते हैं। ये एक एनजीओ के माध्यम से पैसा ट्रांसफर करते थे। इसका पता चलने पर सरकार ने उस एनजीओ को बंद करवा दिया था। उसकी भी जांच चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक शहर में ज्यादा वक्त नहीं रहते थे
डीआईजी के अनुसार ये तीनों हैकर्स देशभर में अलग-अलग शहरों से वारदात को अंजाम देते थे। ये एक शहर में ज्यादा वक्त नहीं रहते थे। साथ ही यह प्रॉक्सी आईपी एड्रेस का इस्तेमाल करते थे, ताकि किसी की पकड़ में न आ सकें। फिलहाल पुलिस ने तीनों को जिला अदालत में पेश कर वहां से 10 दिन का रिमांड हासिल किया है।
ऐसे करते थे ठगी :
इंस्पेक्टर शेखों के अनुसार अंकुर और पवन विदेशों में प्रचलित डार्क साइट्स (हैकर्स की साइट्स) के माध्यम से लोगों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड का डाटा खरीदते थे। कहीं से पकड़े जाने की गुंजाइश न हो इसके लिए वह ऑनलाइन करेंसी बिटक्वाइन से पेमेंट करते थे। इसके बाद ये होटल्स, फ्लाइट बुकिंग कंपनियों, ऑनलाइन रिटेल आदि से संपर्क करते थे। इस काम को उनके गिरोह के अन्य सदस्य अंजाम देते थे। उन्हें बिजनेस देने के बदले वे कैश कमीशन की मांग करते थे। फिर होता था इनका खेल शुरू। ये क्रेडिट कार्ड के डाटा का इस्तेमाल कर ऑनलाइन पेमेंट करते थे। पेमेंट होने के बाद फौरन होटल या अन्य जगह से कैश में कमीशन लेते थे और वहां से गायब हो जाते। यही काम यह विदेशों में भी करते थे। विदेश का पैसा यहां ये हवाला के जरिये मंगाते थे।

पांच साल से काम कर रहे थे, एक दिन में 10 लाख तक की करते थे पेमेंट
इंस्पेक्टर शेखो के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये लोग पांच साल से ये काम कर रहे थे। अमूमन तौर पर ये एक दिन में 10 लाख रुपये का पेमेंट लोगों के कार्ड से करते थे। सिंगापुर निवासी एक पीड़ित से इस मामले में यूटी पुलिस से संपर्क किया है। पुलिस के अनुसार वह दो दिन बाद शहर उनसे खास इसी काम के लिए मिलने आ रहे हैं। उनके वहां होटल बताए जा रहे हैं, जिनसे इनकी बिजनेस देने के नाम पर डील हुई थी और आरोपियों ने उन्हें भी शिकार बना लिया था।
- हवाला और देश विरोधी गतिविधियों से जुड़ रहे गिरोह के तार
- यूटी पुलिस के साइबर सेल ने सेक्टर-35 के होटल से पकड़ा, जिला अदालत में पेश कर 10 दिन का रिमांड लिया
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed