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अग्रिम जमानत याचिका खारिज
Updated Sun, 09 Jul 2017 02:03 AM IST
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अवैध पीजी चलाने वाली महिला की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
- एस्टेट आफिस दो बार कर चुका है घर सील
- जून में घर सीज करने के दौरान हुआ था काफी हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सेक्टर-35 स्थित एक मकान में अवैध रूप से पीजी चलाने की आरोपी महिला की गिरफ्तारी पर रोक लगाने संबंधी अग्रिम जमानत याचिका जिला अदालत ने सुनवाई के बाद खारिज कर दी। आरोपी रूपिंदर कौर पर अवैध रूप से पीजी चलाने का आरोप है। एस्टेट आफिस के इंफोर्समेंट विभाग के एसआई गोपाल सिंह की शिकायत पर रूपिंदर कौर के खिलाफ सेक्टर-36 थाने में आईपीसी की धारा 453 और 120बी के तहत केस दर्ज किया गया था।
मामला दर्ज होने के बाद से रूपिंदर कौर फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तारी से बचने को आरोपी ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इसमें उसका कहना था कि पुलिस को उससे कोई रिकवरी नहीं करनी है। ऐसे में उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने की भी जरूरत नहीं है। इस आधार पर उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए।
याचिका पर सरकारी वकील ने विरोध करते हुए कहा था कि रूपिंदर कौर ने सरकारी सील को तोड़ा है। साथ ही उसे पीजी के तौर पर चलाकर उससे पैसे कमाए हैं। एस्टेट आफिस की ओर से उन्हें नियमों के तहत शोकॉज नोटिस भी भेजा गया था। इसके तहत उन्हें घर के ग्राउंड फ्लोर के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी, लेकिन पहली और दूसरी मंजिल के इस्तेमाल पर रोक थी। इसके बावजूद उन्होंने इसका इस्तेमाल पैसे कमाने के लिए किया। इसलिए आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ करनी जरूरी है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रूपिंदर की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
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ये है मामला
पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार, सेक्टर-35 स्थित मकान नंबर 320 में घर की मालिक रूपिंदर कौर अवैध रूप से पीजी चला रही हैं। शिकायत मिलने पर एस्टेट आफिस ने इसे सील कर दिया था। घर के मालिकाना हक को लेकर रूपिंदर कौर का पति जतिंदर पाल सिंह से विवाद भी चल रहा है। आरोपी ने पति और ससुर के खिलाफ घरेलू विवाद का केस भी दायर किया था। इसे लेकर मामला अदालत में होने पर घर के केवल ग्राउंड फ्लोर के इस्तेमाल की इजाजत दी गई थी। पहली और दूसरी मंजिल को जुलाई 2011 में सील कर दिया गया था, लेकिन रूपिंदर कौर पीछे की तरफ से रास्ता निकालकर अवैध रूप से पीजी चला रही थी। इसमें 25 युवतियां बतौर पीजी रह रही थीं। इसकी शिकायत मिलने पर एस्टेट आफिस ने 17 जून, 2017 को घर के अवैध हिस्से को सील कर दिया था। साथ ही रूपिंदर कौर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी।
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- एस्टेट आफिस दो बार कर चुका है घर सील
- जून में घर सीज करने के दौरान हुआ था काफी हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सेक्टर-35 स्थित एक मकान में अवैध रूप से पीजी चलाने की आरोपी महिला की गिरफ्तारी पर रोक लगाने संबंधी अग्रिम जमानत याचिका जिला अदालत ने सुनवाई के बाद खारिज कर दी। आरोपी रूपिंदर कौर पर अवैध रूप से पीजी चलाने का आरोप है। एस्टेट आफिस के इंफोर्समेंट विभाग के एसआई गोपाल सिंह की शिकायत पर रूपिंदर कौर के खिलाफ सेक्टर-36 थाने में आईपीसी की धारा 453 और 120बी के तहत केस दर्ज किया गया था।
मामला दर्ज होने के बाद से रूपिंदर कौर फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तारी से बचने को आरोपी ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इसमें उसका कहना था कि पुलिस को उससे कोई रिकवरी नहीं करनी है। ऐसे में उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने की भी जरूरत नहीं है। इस आधार पर उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए।
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याचिका पर सरकारी वकील ने विरोध करते हुए कहा था कि रूपिंदर कौर ने सरकारी सील को तोड़ा है। साथ ही उसे पीजी के तौर पर चलाकर उससे पैसे कमाए हैं। एस्टेट आफिस की ओर से उन्हें नियमों के तहत शोकॉज नोटिस भी भेजा गया था। इसके तहत उन्हें घर के ग्राउंड फ्लोर के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी, लेकिन पहली और दूसरी मंजिल के इस्तेमाल पर रोक थी। इसके बावजूद उन्होंने इसका इस्तेमाल पैसे कमाने के लिए किया। इसलिए आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ करनी जरूरी है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रूपिंदर की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
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ये है मामला
पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार, सेक्टर-35 स्थित मकान नंबर 320 में घर की मालिक रूपिंदर कौर अवैध रूप से पीजी चला रही हैं। शिकायत मिलने पर एस्टेट आफिस ने इसे सील कर दिया था। घर के मालिकाना हक को लेकर रूपिंदर कौर का पति जतिंदर पाल सिंह से विवाद भी चल रहा है। आरोपी ने पति और ससुर के खिलाफ घरेलू विवाद का केस भी दायर किया था। इसे लेकर मामला अदालत में होने पर घर के केवल ग्राउंड फ्लोर के इस्तेमाल की इजाजत दी गई थी। पहली और दूसरी मंजिल को जुलाई 2011 में सील कर दिया गया था, लेकिन रूपिंदर कौर पीछे की तरफ से रास्ता निकालकर अवैध रूप से पीजी चला रही थी। इसमें 25 युवतियां बतौर पीजी रह रही थीं। इसकी शिकायत मिलने पर एस्टेट आफिस ने 17 जून, 2017 को घर के अवैध हिस्से को सील कर दिया था। साथ ही रूपिंदर कौर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी।