फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   पीयू की मेहरबानी से फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे हैं चार शिक्षक

पीयू की मेहरबानी से फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे हैं चार शिक्षक

Sat, 08 Jun 2019 01:56 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 08 Jun 2019 01:56 AM IST
विज्ञापन
पीयू की मेहरबानी से फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे हैं चार शिक्षक
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के अधीन चल रहे तीन कॉलेजों में तैनात चार टीचरों की पीएचडी की डिग्री फर्जी हैं, लेकिन पीयू प्रशासन उन पर कार्रवाई नहीं कर रहा है जबकि पिछले साल कमेटी ने जांच रिपोर्ट सौंपी थी। सिंडिकेट व सीनेट के कुछ सदस्यों ने पीयू प्रशासन पर इन शिक्षकों को बचाने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन

पूर्व वीसी प्रो. एके ग्रोवर के कार्यकाल में डीएवी कॉलेज में दो शिक्षकों की भर्तियां की गई थी। यह शिक्षक कंप्यूटर साइंस विषय के लिए रखे गए थे। इसके अलावा एक शिक्षक पंजाब के खन्ना कॉलेज में रखा गया और एक शिक्षक अन्य विद्यालय में तैनात किया गया। इन शिक्षकों ने सीएमजे यूनिवर्सिटी मेघालय से पीएचडी की डिग्री ली थी और उसी आधार पर इनकी नौकरी लगी। आरोप है कि जब इन शिक्षकों की नौकरी लग रही थी उस समय मेघालय सरकार ने इस विश्वविद्यालय की पीएचडी की तमाम डिग्रियां फर्जी बताई थी। इसकी चिट्ठी पीयू प्रशासन को भी भेजी गई लेकिन उस समय इन आदेशों का दरकिनार कर शिक्षकों को लाभ दिया गया। दूसरे शिक्षकों को यह बात पता चली तो पीयू सिंडिकेट में मामला उठा और सिंडिकेट ने डॉ. प्रभजीत सिंह, कंट्रोलर प्रो. परविंदर सिंह व अशोक गोयल को जांच के लिए मेघालय के इस विश्वविद्यालय में भेजा। साथ ही मेघालय सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों से जांच टीम ने संपर्क किया। वहां से जांच टीम ने आकर पीयू प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी और उस रिपोर्ट को सिंडिकेट ने एक्सेप्ट कर लिया। आरोप है कि पीयू प्रशासन को इस मामले में शिक्षकों पर कार्रवाई करने के बजाय उसे कानूनी राय के लिए आगे भेज दिया गया।
विज्ञापन


सिंडिकेट और सीनेट सदस्यों मांगा जवाब, पीयू प्रशासन ने साधी चुप्पी

जांच रिपोर्ट आए छह माह बीत गए, न तो शिक्षकों पर कार्रवाई हुई और न कानूनी राय का पता लग पा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इन शिक्षकों को बचाने के लिए पीयू प्रशासन पूरी ताकत लगा रहा है। साथ ही सिंडिकेट व सीनेट के कुछ सदस्य भी इस मामले में कार्रवाई नहीं चाहते। सीनेट की पिछले माह हुई बैठक में कुछ सदस्यों ने यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पीयू की ओर से अब तक की गई कार्रवाई के बारे में बताया जाए लेकिन कुछ नहीं बताया गया। सूत्रों का कहना है कि अगली सीनेट की बैठक में इसको लेकर हंगामा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्जन---
फोटो-
यह मामला कानूनी राय के लिए भेजा गया है, अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। जैसे ही रिपोर्ट आएगी उसके बाद शिक्षकों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
--- प्रो. करमजीत सिंह, रजिस्ट्रार पीयू
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed