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भारत व पाक ने समझी सिख श्रद्धालुओं की भावनाएं : लोंगोवाल,प्रधान एसजीपीस
Updated Sun, 09 Sep 2018 09:40 PM IST
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गुरुद्वारा करतारपुर साहिब को देखने की घर घर चली चर्चा
सिख परिवारों में दौड़ी खुशी की लहर, हर परिवार में जगी उत्सुकता
बरनाला। श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के मौके पर पाकिस्तान सरकार द्वारा श्री करतारपुर साहिब का बार्डर खोलने व श्रद्धालुओं को बगैर वीजा के दर्शन करने की सहमति देने का शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने जोरदार स्वागत किया है। वहीं पाकिस्तान सरकार द्वारा बाबा नानक के इस एतिहासिक गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने को लेकर हर सिख परिवार के घर घर में चर्चा चलती रही और सिख परिवारों में भारी खुशी का माहौल था। सिखों के लेकर हर वर्ग उत्सुक था कि श्री गुरु नानक देव जी के इस एतिहासिक गुरुद्वारा साहिब की दर्शन वह जरूर करेंगे। सिखी सरूप में सजी रमनदीप कौर जंडू ने कहा कि गुरु की अरदास में आता है कि श्री ननकाना साहिब से लेकर सभी गुरुधामों के दर्शन दीदार बख्शे जाएं। जबकि गुरसिख गुरप्रीत कौर ने कहा कि अब पाकिस्तान में पड़ते करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए छूट दी जा रही है और जल्द ही गुरुओं की कृपा से पाकिस्तान में पड़ते बाकी गुरुधामों के दर्शनों के लिए भी रास्ता जरूर खुलेगा। उनको ऐसी आस्था है। जबकि सिख परिवारों से सबंधित हरजीत सिंह खालसा, धनवंत सिंह जंडू, हरदीप सिंह खालसा, करनैल सिंह खालसा, बलदेव सिंह खालसा, कर्मजीत कौर खालसा, दिलजीत कौर खालसा इत्यादि सिख परिवारों ने श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के मौके पर पाकिस्तान सरकार द्वारा श्री करतारपुर साहिब का बार्डर खोलने व श्रद्धालुओं को बगैर वीजा के दर्शन करने की सहमति देने का पाकि सरकार का आभार व्यक्त किया है। उधर एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान सरकार ने भारत सरकार की इस मांग को स्वीकार कर लिया है। इसके लिए एसजीपीसी दोनों सरकारों का धन्यवाद करती है। दोनों सरकारों ने सिख श्रद्धालुओं की भावनाओं की कद्र करते हुए उक्त फैसला किया है। उन्होंने कहा कि श्री गुरू नानक देव जी ने अपना अंतिम समय श्री करतारपुर साहिब में व्यतीत किया था और यह पवित्र स्थान श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। एसजीपीसी अपने स्तर पर श्रद्धालुओं को सुविधा देने के हर संभव प्रबंध करेगी।
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सिख परिवारों में दौड़ी खुशी की लहर, हर परिवार में जगी उत्सुकता
बरनाला। श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के मौके पर पाकिस्तान सरकार द्वारा श्री करतारपुर साहिब का बार्डर खोलने व श्रद्धालुओं को बगैर वीजा के दर्शन करने की सहमति देने का शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने जोरदार स्वागत किया है। वहीं पाकिस्तान सरकार द्वारा बाबा नानक के इस एतिहासिक गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने को लेकर हर सिख परिवार के घर घर में चर्चा चलती रही और सिख परिवारों में भारी खुशी का माहौल था। सिखों के लेकर हर वर्ग उत्सुक था कि श्री गुरु नानक देव जी के इस एतिहासिक गुरुद्वारा साहिब की दर्शन वह जरूर करेंगे। सिखी सरूप में सजी रमनदीप कौर जंडू ने कहा कि गुरु की अरदास में आता है कि श्री ननकाना साहिब से लेकर सभी गुरुधामों के दर्शन दीदार बख्शे जाएं। जबकि गुरसिख गुरप्रीत कौर ने कहा कि अब पाकिस्तान में पड़ते करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए छूट दी जा रही है और जल्द ही गुरुओं की कृपा से पाकिस्तान में पड़ते बाकी गुरुधामों के दर्शनों के लिए भी रास्ता जरूर खुलेगा। उनको ऐसी आस्था है। जबकि सिख परिवारों से सबंधित हरजीत सिंह खालसा, धनवंत सिंह जंडू, हरदीप सिंह खालसा, करनैल सिंह खालसा, बलदेव सिंह खालसा, कर्मजीत कौर खालसा, दिलजीत कौर खालसा इत्यादि सिख परिवारों ने श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के मौके पर पाकिस्तान सरकार द्वारा श्री करतारपुर साहिब का बार्डर खोलने व श्रद्धालुओं को बगैर वीजा के दर्शन करने की सहमति देने का पाकि सरकार का आभार व्यक्त किया है। उधर एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान सरकार ने भारत सरकार की इस मांग को स्वीकार कर लिया है। इसके लिए एसजीपीसी दोनों सरकारों का धन्यवाद करती है। दोनों सरकारों ने सिख श्रद्धालुओं की भावनाओं की कद्र करते हुए उक्त फैसला किया है। उन्होंने कहा कि श्री गुरू नानक देव जी ने अपना अंतिम समय श्री करतारपुर साहिब में व्यतीत किया था और यह पवित्र स्थान श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। एसजीपीसी अपने स्तर पर श्रद्धालुओं को सुविधा देने के हर संभव प्रबंध करेगी।