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नहर टूटने से दो हजार एकड़ में फसलें डूबीं, किसानों ने की मुआवजे की मांग

Sun, 08 Jul 2018 10:12 PM IST
Updated Sun, 08 Jul 2018 10:12 PM IST
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नहर टूटने से दो हजार एकड़ में फसलें डूबीं, किसानों ने की मुआवजे की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
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अबोहर। तेज आंधी और भारी बरसात के बाद हल्का बल्लूआना के गांव रायपुरा के पास मलूकपुरा माइनर में भारी कटाव आ गया। इससे आसपास के गांवों की करीब दो हजार एकड़ भूमि पर नरमा, धान, सब्जियां और हरे चारे की फसलें पूरी तरह से तबाह हो गई। हालात यह है कि खेतों में बनी कई ढाणियां चारों ओर पानी से घिरने के कारण टापू बन गई जबकि दर्जनों ट्यूबवेल पानी में डूब गए। यहां के किसानों ने जिला प्रशासन से नहर टूटने से प्रभावित क्षेत्रों की गिरदावरी करवाकर मुआवजे की मांग की है।
भारतीय किसान यूनियन कादियां के जिला प्रधान बुधराम बिश्नोई सहित अन्य पीड़ित किसान राम सिंह, योगेश, विनोद, रामकुमार, देवी लाल, चंद्रपाल, विजय पाल, सतपाल, सुरेंद्र, महेंद्र, दलीप और दर्शन सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र में नहर की पटरी पहले से ही कमजोर थी। इस बारे में विभागीय अधिकारियों को बार-बार सूचित भी किया जाता रहा लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। किसानों ने बताया कि मंगलवार रात को नहर टूटने के बाद तीसरे दिन तक पानी का बहाव लगातार जारी रहा। इससे करीब 6 किमी क्षेत्र में नरमा, धान, सब्जियों की फसलें पूरी तरह से तबाह हो गई। किसानों ने बताया कि खेतों में बनी ढांणियों को आसपास मिट्टी लगाकर मुश्किल से बचाया जा सका। इसके बाद भी ढाणी रायपुरा निवासी संत कुमार के मकान में दरारें आ गईं। किसानों ने बताया कि खेतों में करीब 4 फुट तक भरा पानी कई महीने नहीं सूखेगा। इससे अगली फसल भी पैदा नहीं की जा सकती। किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार गुहार लगाने पर भी प्रशासन की ओर से कोई राहत व बचाव कार्य शुरू नहीं किए गए। शनिवार को नायब तहसीलदार ने मौके का दौरा किया लेकिन हलका विधायक नत्थूराम ने इस आपदा के 6 दिन बीत जाने के बाद भी पीड़ित किसानों की सुध नहीं ली जिससे किसानों में रोष पाया जा रहा है।
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भाकियू कादियां के जिला प्रधान बुधराम बिश्नोई ने बताया कि सोमवार को वह इस मामले को लेकर एसडीएम पूनम सिंह को एक मांगपत्र सौंपते हुए कृषि विभाग को पांच दिन का समय देंगे और यदि निर्धारित समय में खराब हुई फसलों की गिरदावरी करवाकर मुआवजे का ऐलान न किया तो वे संघर्ष करने पर मजबूर होंगे।
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सिंचाई विभाग के एक्सईएन मुख्तयार सिंह राणा ने बताया कि भारी बरसात और तेज आंधी के कारण विभिन्न नहरों में करीब 20 स्थानों पर कटाव आए थे। इनमें से लगभग सभी की मरम्मत करवाकर पानी छोड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि रायपुरा के सामने आए कटाव को बांधकर मलूकपुरा माइनर में पानी छोड़ दिया गया है। एक-दो दिनों में नहरों में पानी पूरा हो जाएगा।

इस समाचार की फोटो 2 और 3 भेजी जा रही है।
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