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थाना प्रभारी की बदली की मांग
Updated Fri, 08 Jun 2018 09:27 PM IST
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थाना प्रभारी के खिलाफ सड़क पर मजदूर संगठन
डीसी ऑफिस के सामने धरना-प्रदर्शन कर बदली करने की मांग उठाई
थाना प्रभारी पर लगाया आरोपियों के बजाए मजदूरों को पीटने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। थाना धनौला के प्रभारी नायब सिंह की बदली को लेकर शुक्रवार को जिले के पांच मजदूर संगठनों ने डीसी दफ्तर के सामने धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया की थाना प्रभारी ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाए पीड़ित मजदूरों को थाने में बंदकर पिटाई की।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए मजदूर नेता शेर सिंह फरवाही, जगराज सिंह रामा, खुशिया सिंह, गुरप्रीत सिंह रूडेके कलां, भोला सिंह कलाल माजरा इत्यादि ने कहा कि गांव कोटदूना में एक व्यक्ति ने जेसीबी चलाकर गरीब दलित मजदूर परिवार के इलाके में तोड़फोड़ की और तूड़ी के कूप तोड़ दिए गए। इससे गरीबों का भारी आर्थिक नुकसान हुआ। जब गरीब परिवारों ने उस व्यक्ति की धक्केशाही के खिलाफ गांव में धरना लगाया तो उसने अपने साथ गुंडे लेकर परिवारों पर जानलेवा हमला कर दिया और उनके एक मजदूर नेता हरचरण सिंह रूडेके कलां को पीटा। यही नहीं जातिसूचक शब्द भी बोले। उन्होंने कहा कि इस घटना के समय थाना धनौला के प्रभारी नायब सिंह भी मौका पर हाजिर थे। थाना प्रभारी ने उनको रोकने की बजाय मजदूरों की हो पकड़कर थाने बंद कर दिया और पीटा। करने पर थाना धनौला के प्रभारी नायब सिंह ने कहा कि गांव कोटदूना के लोग गंदे पानी की निकासी के लिए खुदाई करवा रहे थे और मजदूर नेता गुरप्रीत सिंह व गुरजंट सिंह जाकर बाधा बनने लगे गए, जिनके खिलाफ पूरा गांव हो गया। सूचना मिलने पर वह पुलिस फोर्स लेकर पहुंचे और मजदूर नेताओं को सुरक्षित निकाला नही तो गांव के लोग उनकी मारपीट करते।
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डीसी ऑफिस के सामने धरना-प्रदर्शन कर बदली करने की मांग उठाई
थाना प्रभारी पर लगाया आरोपियों के बजाए मजदूरों को पीटने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। थाना धनौला के प्रभारी नायब सिंह की बदली को लेकर शुक्रवार को जिले के पांच मजदूर संगठनों ने डीसी दफ्तर के सामने धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया की थाना प्रभारी ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाए पीड़ित मजदूरों को थाने में बंदकर पिटाई की।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए मजदूर नेता शेर सिंह फरवाही, जगराज सिंह रामा, खुशिया सिंह, गुरप्रीत सिंह रूडेके कलां, भोला सिंह कलाल माजरा इत्यादि ने कहा कि गांव कोटदूना में एक व्यक्ति ने जेसीबी चलाकर गरीब दलित मजदूर परिवार के इलाके में तोड़फोड़ की और तूड़ी के कूप तोड़ दिए गए। इससे गरीबों का भारी आर्थिक नुकसान हुआ। जब गरीब परिवारों ने उस व्यक्ति की धक्केशाही के खिलाफ गांव में धरना लगाया तो उसने अपने साथ गुंडे लेकर परिवारों पर जानलेवा हमला कर दिया और उनके एक मजदूर नेता हरचरण सिंह रूडेके कलां को पीटा। यही नहीं जातिसूचक शब्द भी बोले। उन्होंने कहा कि इस घटना के समय थाना धनौला के प्रभारी नायब सिंह भी मौका पर हाजिर थे। थाना प्रभारी ने उनको रोकने की बजाय मजदूरों की हो पकड़कर थाने बंद कर दिया और पीटा। करने पर थाना धनौला के प्रभारी नायब सिंह ने कहा कि गांव कोटदूना के लोग गंदे पानी की निकासी के लिए खुदाई करवा रहे थे और मजदूर नेता गुरप्रीत सिंह व गुरजंट सिंह जाकर बाधा बनने लगे गए, जिनके खिलाफ पूरा गांव हो गया। सूचना मिलने पर वह पुलिस फोर्स लेकर पहुंचे और मजदूर नेताओं को सुरक्षित निकाला नही तो गांव के लोग उनकी मारपीट करते।
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