{"_id":"5b0598224f1c1bda408b7689","slug":"15270932756300-ropar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नूरपुरबेदी में 300 झुग्गियों में लगी आग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नूरपुरबेदी में 300 झुग्गियों में लगी आग
Updated Wed, 23 May 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
सभी केंद्र (संशोधित) (सिलेंडर को सिलिंडर किया गया है)
नूरपुरबेदी में 300 झुग्गियों में लगी आग, सिलिंडरों में हुए धमाके
पीड़ितों की सहयता के लिए एसएसपीजी आगे आई, लंगरों पर रहने के किये प्रबंध
अमर उजाला ब्यूरो
नूरपुरबेदी(रोपड़)। नूरपुरबेदी बस स्टैंड के समीप भारतीय थल सेना की जमीन पर लंबे समय से अस्थायी तौर झुग्गियां बनाकर रह रहे मजदूरों की झुग्गियों में शाम करीब चार बजे आग गई। आग इतनी भीषण थी और इतनी तेजी से फैली कि आग ने 300 से ज्यादा झुग्गियों को अपनी चपेट ले लिया। आग ने झुग्गियों के साथ लगती दस दुकानों को भी चपेट में ले लिया। जलती झुग्गियां और झुग्गियों के पास महिलाओं का विलाप तथा अभिभावकों का अपने बच्चों को ढूंढने का क्रम अभी तक जारी है। समाचार लिखे जाने तक किसी जानी नुकसान की पुष्टि नहीं हो पाई थी।
इस घटना के कारण 300 परिवार बेघर हो गए। घटना में पांच-छह बच्चों के लापता होने की सूचना भी है। अफरातफरी के कारण अभी तक बच्चों का कुछ पता नहीं लग सका है। आग पर काबू पाने के लिए रोपड़ तथा नंगल से पांच फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद देर शाम तक आग पर काबू पाया जा सका। आग के कारणों का अभी तक पता नहीं लग सका है। गौरतलब है कि क्षेत्र के 137 गांवों के लिए एक भी फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं है जिस कारण इन झुग्गियों में लगी आग पर काबू पाने के लिए देरी हो गई। जबकि एसजीपीसी ने बचाव कार्य में आगे आकर पीड़त परिवारों के लिए लंगरों और रिहायश की व्यवस्था कर रही है। एसजीपीसी के प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल के कहने पर तख्त श्री केसगढ़ साहिब के मैनेजर जसवीर सिंह की अगुवाई में एसजीपीसी के मुलाजिम राहत कार्यों के लिए पहुंचे। घटना की जानकारी मिलने पर जिला के एसएसपी राजबचन सिंह संधू भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया।
सिलिंडरों के टुकड़े 300 मीटर दूर जाकर गिरे
आग करीब चार बजे लगी और अचानक ही चारों तरफ झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के बाद एक के बाद एक दर्जन धमाके हुए। यानी झुग्गियों में रखे गैस सिलिंडरों आग की चपेट में आने के बाद विस्फोटक बन गए। सिलिंडरों के अवशेष 300-300 मीटर की दूरी पर जाकर गिरे। इसके बाद तो आग ने विकराल रूप ले लिया। पहले लोगों को कुछ नहीं सुझा। लोगों ने मजदूरों की झुग्गियों में फंसे परिवारों को बाहर निकाला तथा उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। आग के दौरान झुग्गियों में रहने वाले लोग अपने परिवारों से बिछुड़ गए और कई घंटों की तलाश के बाद अपने परिवारों को मिले।
विज्ञापन
लाखों रुपये स्वाहा
पीड़ित परिवारों विमला पत्नी जगदीश राम, प्रवीण कुमार पत्नी विजय, राम सरूप पुत्र मुकंदी, प्रवेश कुमार पुत्र श्रीराम ने बताया कि इस आग में उनका घरेलू इस्तेमाल का सामान जाकर राख हो गया। उनकी कमाई गई राशि, अनाज आग की चपेट में आ गए। उन्होंने साल भर के लिए अनाज खरीदकर रखा हुआ था। आग की घटना ने जिंदगी भर का दर्द तथा और जख्म उन्हें दिया है। अग्निकांड में किसी का 20 हजार रुपये, किसी का 10 हजार रुपये जल गए।
दुकानदारों में भी मचा हड़कंप
दस दुकानों को आग ने चपेट लिया तो दुकानदारों में हड़कंप मच गया। दुकानदार पंकज कुमार आदि ने बताया कि जैसे ही आग लगी वो दुकानों को खाली करने में जुट गए। बता दें कि झुग्गियों के सामने सड़क के पार डाकघर, सेवा केंद्र और पुलिस स्टेशन स्थित है। अगर लोगों द्वारा आग को बढ़ने से रोका न जाता तो आग इन स्थानों को की तरफ बढ़ सकती थी।
आग लगने के कारणों नहीं लगा पता
उधर, अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं लग सका है। न ही किसी के जानी नुकसान होने की पुष्टि हुई है। मौके पर पहुंचे एसडीएम राकेश गर्ग और नायब तहसीलदार अमनदीप चावला ने बताया कि आधा दर्जन से अधिक फायरब्रिगेड की गाड़ियां आग बुझाने में लगी हुई हैं। जानी नुकसान की अभी सूचना नहीं है। प्रशासन अपनी टीमों के जरिये मजदूरों को साथ लेकर लापता लोगों का पता लगा रहा है।
विज्ञापन
नूरपुरबेदी में 300 झुग्गियों में लगी आग, सिलिंडरों में हुए धमाके
पीड़ितों की सहयता के लिए एसएसपीजी आगे आई, लंगरों पर रहने के किये प्रबंध
अमर उजाला ब्यूरो
नूरपुरबेदी(रोपड़)। नूरपुरबेदी बस स्टैंड के समीप भारतीय थल सेना की जमीन पर लंबे समय से अस्थायी तौर झुग्गियां बनाकर रह रहे मजदूरों की झुग्गियों में शाम करीब चार बजे आग गई। आग इतनी भीषण थी और इतनी तेजी से फैली कि आग ने 300 से ज्यादा झुग्गियों को अपनी चपेट ले लिया। आग ने झुग्गियों के साथ लगती दस दुकानों को भी चपेट में ले लिया। जलती झुग्गियां और झुग्गियों के पास महिलाओं का विलाप तथा अभिभावकों का अपने बच्चों को ढूंढने का क्रम अभी तक जारी है। समाचार लिखे जाने तक किसी जानी नुकसान की पुष्टि नहीं हो पाई थी।
इस घटना के कारण 300 परिवार बेघर हो गए। घटना में पांच-छह बच्चों के लापता होने की सूचना भी है। अफरातफरी के कारण अभी तक बच्चों का कुछ पता नहीं लग सका है। आग पर काबू पाने के लिए रोपड़ तथा नंगल से पांच फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद देर शाम तक आग पर काबू पाया जा सका। आग के कारणों का अभी तक पता नहीं लग सका है। गौरतलब है कि क्षेत्र के 137 गांवों के लिए एक भी फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं है जिस कारण इन झुग्गियों में लगी आग पर काबू पाने के लिए देरी हो गई। जबकि एसजीपीसी ने बचाव कार्य में आगे आकर पीड़त परिवारों के लिए लंगरों और रिहायश की व्यवस्था कर रही है। एसजीपीसी के प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल के कहने पर तख्त श्री केसगढ़ साहिब के मैनेजर जसवीर सिंह की अगुवाई में एसजीपीसी के मुलाजिम राहत कार्यों के लिए पहुंचे। घटना की जानकारी मिलने पर जिला के एसएसपी राजबचन सिंह संधू भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया।
विज्ञापन
सिलिंडरों के टुकड़े 300 मीटर दूर जाकर गिरे
आग करीब चार बजे लगी और अचानक ही चारों तरफ झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के बाद एक के बाद एक दर्जन धमाके हुए। यानी झुग्गियों में रखे गैस सिलिंडरों आग की चपेट में आने के बाद विस्फोटक बन गए। सिलिंडरों के अवशेष 300-300 मीटर की दूरी पर जाकर गिरे। इसके बाद तो आग ने विकराल रूप ले लिया। पहले लोगों को कुछ नहीं सुझा। लोगों ने मजदूरों की झुग्गियों में फंसे परिवारों को बाहर निकाला तथा उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। आग के दौरान झुग्गियों में रहने वाले लोग अपने परिवारों से बिछुड़ गए और कई घंटों की तलाश के बाद अपने परिवारों को मिले।
विज्ञापन
लाखों रुपये स्वाहा
पीड़ित परिवारों विमला पत्नी जगदीश राम, प्रवीण कुमार पत्नी विजय, राम सरूप पुत्र मुकंदी, प्रवेश कुमार पुत्र श्रीराम ने बताया कि इस आग में उनका घरेलू इस्तेमाल का सामान जाकर राख हो गया। उनकी कमाई गई राशि, अनाज आग की चपेट में आ गए। उन्होंने साल भर के लिए अनाज खरीदकर रखा हुआ था। आग की घटना ने जिंदगी भर का दर्द तथा और जख्म उन्हें दिया है। अग्निकांड में किसी का 20 हजार रुपये, किसी का 10 हजार रुपये जल गए।
दुकानदारों में भी मचा हड़कंप
दस दुकानों को आग ने चपेट लिया तो दुकानदारों में हड़कंप मच गया। दुकानदार पंकज कुमार आदि ने बताया कि जैसे ही आग लगी वो दुकानों को खाली करने में जुट गए। बता दें कि झुग्गियों के सामने सड़क के पार डाकघर, सेवा केंद्र और पुलिस स्टेशन स्थित है। अगर लोगों द्वारा आग को बढ़ने से रोका न जाता तो आग इन स्थानों को की तरफ बढ़ सकती थी।
आग लगने के कारणों नहीं लगा पता
उधर, अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं लग सका है। न ही किसी के जानी नुकसान होने की पुष्टि हुई है। मौके पर पहुंचे एसडीएम राकेश गर्ग और नायब तहसीलदार अमनदीप चावला ने बताया कि आधा दर्जन से अधिक फायरब्रिगेड की गाड़ियां आग बुझाने में लगी हुई हैं। जानी नुकसान की अभी सूचना नहीं है। प्रशासन अपनी टीमों के जरिये मजदूरों को साथ लेकर लापता लोगों का पता लगा रहा है।