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तपते रेगिस्तान में सेना का युद्धाभ्यास गांडीव विजय जारी
Updated Sat, 19 May 2018 09:56 PM IST
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तपते रेगिस्तान में सेना का युद्धाभ्यास
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। श्रीगंगानगर-बीकानेर जिलों की सीमाओं पर सूरतगढ़ के नजदीक तपते रेतीले इलाके में सेना की सप्तशक्ति कमान की चेतक कोर के हजारों जवान इन दिनों भारी हथियार और आधुनिक उपकरणों के साथ युद्धाभ्यास कर रहे हैं। युद्धाभ्यास में शामिल जवानों का उत्साह देखते बन रहा है।
रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष ओझा ने शनिवार को बताया कि महाजन क्षेत्र में विषम मौसम में चल रहे युद्धाभ्यास में एकीकृत युद्ध प्रणाली की अवधारणा के तहत थल, नभ सेना के संयुक्त अभियान, आधुनिक खुफिया प्रणाली, निगरानी तंत्र, सैन्य जासूसी के साथ आक्रामक अभियानों को अंजाम देन का अभ्यास किया जा रहा है। इसमें हजारों सैनिक लड़ाकू उपकरणों के साथ रणनीतिक व्यूह रचना के तहत गहन अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि युद्धाभ्यास में विभिन्न स्थानों पर बिखरे सैनिक सैनिक तय समय और स्थान पर पहुंचकर एकजुट होंगे। जहां से वे सेना की टुकडिय़ां हमलावर दस्ते और यांत्रिक बल वायुसेना की मदद से निर्णायक हमला करके दुश्मन पर पर विजय हासिल करेंगे। युद्धाभ्यास में आक्रामक अभियानों को सैन्य टुकडिय़ां द्वारा सामयिक और सार्थक मदद पहुंचाने की क्षमता भी प्रमाणित होगी। ओझा ने बताया कि युद्धाभ्यास 23 मई को समाप्त होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। श्रीगंगानगर-बीकानेर जिलों की सीमाओं पर सूरतगढ़ के नजदीक तपते रेतीले इलाके में सेना की सप्तशक्ति कमान की चेतक कोर के हजारों जवान इन दिनों भारी हथियार और आधुनिक उपकरणों के साथ युद्धाभ्यास कर रहे हैं। युद्धाभ्यास में शामिल जवानों का उत्साह देखते बन रहा है।
रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष ओझा ने शनिवार को बताया कि महाजन क्षेत्र में विषम मौसम में चल रहे युद्धाभ्यास में एकीकृत युद्ध प्रणाली की अवधारणा के तहत थल, नभ सेना के संयुक्त अभियान, आधुनिक खुफिया प्रणाली, निगरानी तंत्र, सैन्य जासूसी के साथ आक्रामक अभियानों को अंजाम देन का अभ्यास किया जा रहा है। इसमें हजारों सैनिक लड़ाकू उपकरणों के साथ रणनीतिक व्यूह रचना के तहत गहन अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि युद्धाभ्यास में विभिन्न स्थानों पर बिखरे सैनिक सैनिक तय समय और स्थान पर पहुंचकर एकजुट होंगे। जहां से वे सेना की टुकडिय़ां हमलावर दस्ते और यांत्रिक बल वायुसेना की मदद से निर्णायक हमला करके दुश्मन पर पर विजय हासिल करेंगे। युद्धाभ्यास में आक्रामक अभियानों को सैन्य टुकडिय़ां द्वारा सामयिक और सार्थक मदद पहुंचाने की क्षमता भी प्रमाणित होगी। ओझा ने बताया कि युद्धाभ्यास 23 मई को समाप्त होगा।
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