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मामला साउदी अरब में बरनाला के नौजवान की हुई संदिग्ध हालत में मौत का
Updated Mon, 12 Mar 2018 10:20 PM IST
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बेटे के शव के लिए भटक रही बूढ़ी मां
सऊदी अरब में मौत के 45 दिन बाद भी घर नहीं पहुंचा शव
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
जिला के कस्बे धनौला की बुजुर्ग महिला का बलविंदर कौर के 48 वर्ष के पुत्र बलजीत सिंह की 28 जनवरी को सऊदी अरब में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। अंतिम दर्शनों के लिए बलविंदर कौर अपने बेटे का शव मंगवाने के लिए नेताओं की चौखटों पर धक्के खा रही है।
बुजुर्ग मां बलवदिंर कौर ने रोते हुए बताया कि उसके बेटे की मौत की सूचना घटना के अगले दिन उन्हें कंपनी से मिली थी। तब से उसकी लाश वहां के एक फ्रिज में रखी है। उन्हें सबसे बड़ी निराशा इस बात को लेकर है कि मौत के 45 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक उसकी लाश उसके घर नहीं आ सकी। अपने बेटे को आखिरी बार देखने के लिए वह दर-दर की ठोकरें खा रही हैं। बलबिंदर कौर ने बताया कि वह करीब एक महीना पहले लोकसभा हलका संगरूर से सांसद भगवंत मान से मिली थी। भगवंत मान ने उन्हें 10 दिन के भीतर बेटे की लाश वापस भारत लेकर आने का वादा किया था। उन्होंने कई बार फोन किया हर बार यही जवाब मिलता है कि काम प्रोसेस में है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया से भी उनके रिश्तेदार फतेह सिंह रामगढ़ ने संपर्क किया था। वहां से भी कोई कामयाबी नहीं मिली। संपर्क करने पर सांसद भगवंत मान के निजी सचिव अमरीश जभोतना ने कहा कि इस मामले में हमारी टीम पूरी ताकत से काम कर रही है। पिछले महीने ही सऊदी अरब के 5 केस हल करवाए हैं। इस दुखद मसले का हल कर दिया जाएगा।
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मृतक के भाई गुरमीत सिंह ने बताया कि बलजीत सिंह 28 वर्ष पहले सऊदी अरब गया था। तब से वह वहीं पर काम कर रहा था। वह पिछले वर्ष अक्टूबर के अंत में ही यहां फिर सऊदी अरब वापस गया था। उसके भाई की बेटी दिसंबर में कनाडा गई है। उसके कागजात बनवाने के लिए ही भाई बलजीत सिंह घर आया था। उसका बेटा दसवीं कक्षा में पढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि उसका एक वर्ष का वीजा अभी बाकी पड़ा था। भाई बलजीत सिंह जाते वक्त उसे बोल कर गया था कि अब बच्चे बड़े हो गए है। इस बार अपना वीजा पूरा करके वह वापस नहीं जाएगा। उन्हें नहीं पता था कि वह आखिरी बार जा रहा है और कभी भी वापस नहीं आएगा।
मामला मेरे ध्यान में नहीं है। पीड़ित परिवार उनसे आकर मिलता है तो वह नियमों के अनुसार उनकी पूरी मदद करेंगे। - घनश्याम थोरी, डिप्टी कमिश्नर बरनाला
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सऊदी अरब में मौत के 45 दिन बाद भी घर नहीं पहुंचा शव
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
जिला के कस्बे धनौला की बुजुर्ग महिला का बलविंदर कौर के 48 वर्ष के पुत्र बलजीत सिंह की 28 जनवरी को सऊदी अरब में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। अंतिम दर्शनों के लिए बलविंदर कौर अपने बेटे का शव मंगवाने के लिए नेताओं की चौखटों पर धक्के खा रही है।
बुजुर्ग मां बलवदिंर कौर ने रोते हुए बताया कि उसके बेटे की मौत की सूचना घटना के अगले दिन उन्हें कंपनी से मिली थी। तब से उसकी लाश वहां के एक फ्रिज में रखी है। उन्हें सबसे बड़ी निराशा इस बात को लेकर है कि मौत के 45 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक उसकी लाश उसके घर नहीं आ सकी। अपने बेटे को आखिरी बार देखने के लिए वह दर-दर की ठोकरें खा रही हैं। बलबिंदर कौर ने बताया कि वह करीब एक महीना पहले लोकसभा हलका संगरूर से सांसद भगवंत मान से मिली थी। भगवंत मान ने उन्हें 10 दिन के भीतर बेटे की लाश वापस भारत लेकर आने का वादा किया था। उन्होंने कई बार फोन किया हर बार यही जवाब मिलता है कि काम प्रोसेस में है।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया से भी उनके रिश्तेदार फतेह सिंह रामगढ़ ने संपर्क किया था। वहां से भी कोई कामयाबी नहीं मिली। संपर्क करने पर सांसद भगवंत मान के निजी सचिव अमरीश जभोतना ने कहा कि इस मामले में हमारी टीम पूरी ताकत से काम कर रही है। पिछले महीने ही सऊदी अरब के 5 केस हल करवाए हैं। इस दुखद मसले का हल कर दिया जाएगा।
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मृतक के भाई गुरमीत सिंह ने बताया कि बलजीत सिंह 28 वर्ष पहले सऊदी अरब गया था। तब से वह वहीं पर काम कर रहा था। वह पिछले वर्ष अक्टूबर के अंत में ही यहां फिर सऊदी अरब वापस गया था। उसके भाई की बेटी दिसंबर में कनाडा गई है। उसके कागजात बनवाने के लिए ही भाई बलजीत सिंह घर आया था। उसका बेटा दसवीं कक्षा में पढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि उसका एक वर्ष का वीजा अभी बाकी पड़ा था। भाई बलजीत सिंह जाते वक्त उसे बोल कर गया था कि अब बच्चे बड़े हो गए है। इस बार अपना वीजा पूरा करके वह वापस नहीं जाएगा। उन्हें नहीं पता था कि वह आखिरी बार जा रहा है और कभी भी वापस नहीं आएगा।
मामला मेरे ध्यान में नहीं है। पीड़ित परिवार उनसे आकर मिलता है तो वह नियमों के अनुसार उनकी पूरी मदद करेंगे। - घनश्याम थोरी, डिप्टी कमिश्नर बरनाला