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गर्भवती जंगली गाय का लोगों ने कराया इलाज, वाइल्ड लाइफ कर्मी सूचना पाकर भी नहीं आए
Updated Sun, 14 Jan 2018 10:21 PM IST
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गर्भवती जंगली गाय का लोगों ने कराया इलाज, वाइल्ड लाइफ कर्मी सूचना पाकर भी नहीं आए
गढ़शंकर (होशियारपुर)। गांव बीनेवाल में जंगली गर्भवती गाय कल रात अपनी साथी गायों से अलग होकर सडक़ के किनारे वने गड्डे में गिर कर घायल हो गई। जिसे पशु पालन विभाग की ओर से इलाज करने के बाद गांव वासियों ने उसे गाड़ी में लाद कर गोशाला रुड़की पहुंचा दिया। लेकिन वाइल्ड लाइफ विभाग ने लोगों द्वारा सूचना देने के बावजूद मौके पर पहुंच कर गाय को देखना मुनासिब भी नहीं समझा। ग्रामीणों को फोन ही कहते रहे कि हमारी जिम्मेदारी जंगली जानवरों की है। यह तो आम गाय है। न ही वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रशासनिक या किसी गो सेवक संस्था को संबंधित विभाग को सूचना देना जायज समझा। लोगों ने पशु पालन विभाग के एसवीओ डॉ. हरजीत सिंह से संपर्क किया तो उन्होंने विभाग के डा. संदीप कुमार व अन्य कर्मचारियों को मौके पर भेजा। जिन्होंने गाय को प्राथमिक इलाज करने के बाद उसे सुरक्षित घोषित किया। जिसके बाद गौ सेवा मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी कृष्णा नंद जी दुारा गाय को रुड़की गोशाला में ले जाने के लिए गाड़ी भेज दी तो लोगों ने गाय को गाड़ी में लाद कर उसे गोशाला पहुंचा दिया।
वाइल्ड लाइफ के ब्लाक अफसर सौरभ: लोगों ने जैस गाय का हुलिया बताया जिससे साफ है कि गाय आम है जंगली नहीं। तो हमारी कोई डयुटी नहीं बनती उसकी देखभाल करने की वैसे भी मेरी ड्यूटी बलाचौर है। वाइल्ड लाइफ अफसर गढ़शंकर हरजिंदर सिंह सौरभ को फोन करने पर मुझे भी लोगों ने फोन किया था। लेकिन लोगो ने जैसे बताया उससे साफ है कि गाय आम है। जंगली नहीं तो लोगों को पशु पालन विभाग से संपर्क करना चाहिए।
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गढ़शंकर (होशियारपुर)। गांव बीनेवाल में जंगली गर्भवती गाय कल रात अपनी साथी गायों से अलग होकर सडक़ के किनारे वने गड्डे में गिर कर घायल हो गई। जिसे पशु पालन विभाग की ओर से इलाज करने के बाद गांव वासियों ने उसे गाड़ी में लाद कर गोशाला रुड़की पहुंचा दिया। लेकिन वाइल्ड लाइफ विभाग ने लोगों द्वारा सूचना देने के बावजूद मौके पर पहुंच कर गाय को देखना मुनासिब भी नहीं समझा। ग्रामीणों को फोन ही कहते रहे कि हमारी जिम्मेदारी जंगली जानवरों की है। यह तो आम गाय है। न ही वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रशासनिक या किसी गो सेवक संस्था को संबंधित विभाग को सूचना देना जायज समझा। लोगों ने पशु पालन विभाग के एसवीओ डॉ. हरजीत सिंह से संपर्क किया तो उन्होंने विभाग के डा. संदीप कुमार व अन्य कर्मचारियों को मौके पर भेजा। जिन्होंने गाय को प्राथमिक इलाज करने के बाद उसे सुरक्षित घोषित किया। जिसके बाद गौ सेवा मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी कृष्णा नंद जी दुारा गाय को रुड़की गोशाला में ले जाने के लिए गाड़ी भेज दी तो लोगों ने गाय को गाड़ी में लाद कर उसे गोशाला पहुंचा दिया।
वाइल्ड लाइफ के ब्लाक अफसर सौरभ: लोगों ने जैस गाय का हुलिया बताया जिससे साफ है कि गाय आम है जंगली नहीं। तो हमारी कोई डयुटी नहीं बनती उसकी देखभाल करने की वैसे भी मेरी ड्यूटी बलाचौर है। वाइल्ड लाइफ अफसर गढ़शंकर हरजिंदर सिंह सौरभ को फोन करने पर मुझे भी लोगों ने फोन किया था। लेकिन लोगो ने जैसे बताया उससे साफ है कि गाय आम है। जंगली नहीं तो लोगों को पशु पालन विभाग से संपर्क करना चाहिए।
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