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जीएसटी के विरोध में कपड़ा व्यापारियों ने कामकाज बंद रख निकाली रैली
Updated Fri, 07 Jul 2017 10:43 PM IST
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कपड़ा व्यापारियों ने निकाली रैली
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
कपडे़ पर 5 प्रतिशत तथा टेलरिंग पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने के विरोध में शहर के कपड़ा व्यापारियों, टेलरों ने शुक्रवार को अपना कामकाज बंद रखकर शहर में रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने केेंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वित्तमंत्री के नाम एसडीएम को मांगपत्र सौंपा।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे कपड़ा व्यापारी, टेलर, हैंडलूम व्यापारी गली नंबर 8 स्थित गीता मंदिर में एकत्र हुए। यहां कपड़ा व्यापारी एसोसिएशन के प्रधान जगत वर्मा ने आजादी के बाद अभी तक किसी भी सरकार ने कपड़े पर टैक्स नहीं लगाया। मोदी सरकार ने कपडे़ पर टैक्स लगाकर कपड़ा व्यापारियों एवं टेलरों को खत्म करने की नीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि कपड़े के बिना इंसानी जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इतना ही नहीं कफन पर टैक्स लगा दिया। उन्होंने कहा रोटी, कपड़ा और मकान टैक्स से बाहर होने चाहिए।
कपड़ा व्यापारी ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि छोटे व्यापारियों को जीएसटी से बाहर रखना चाहिए। उन्होंने शहर के सभी कपड़ा व्यापारियों को इस संघर्ष में सहयोग देने का आह्वान किया। इसके बाद कपड़ा व्यापारियों ने शहर में रोष मार्च निकालते हुए एसडीएम पूनम सिंह को सरकार के नाम पर एक मांगपत्र सौंपा और पूरा दिन अपना कारोबार पूरी तरह से ठप रखा। इस मौके पर ओम प्रकाश शर्मा, सतीश ख्ुाराना, राजेश गुप्ता, मेहर चंद तनेजा, राजेश कुमार, बॉबी खुराना, दीशी भठेजा, शांति स्वरूप जैन मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
कपडे़ पर 5 प्रतिशत तथा टेलरिंग पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने के विरोध में शहर के कपड़ा व्यापारियों, टेलरों ने शुक्रवार को अपना कामकाज बंद रखकर शहर में रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने केेंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वित्तमंत्री के नाम एसडीएम को मांगपत्र सौंपा।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे कपड़ा व्यापारी, टेलर, हैंडलूम व्यापारी गली नंबर 8 स्थित गीता मंदिर में एकत्र हुए। यहां कपड़ा व्यापारी एसोसिएशन के प्रधान जगत वर्मा ने आजादी के बाद अभी तक किसी भी सरकार ने कपड़े पर टैक्स नहीं लगाया। मोदी सरकार ने कपडे़ पर टैक्स लगाकर कपड़ा व्यापारियों एवं टेलरों को खत्म करने की नीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि कपड़े के बिना इंसानी जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इतना ही नहीं कफन पर टैक्स लगा दिया। उन्होंने कहा रोटी, कपड़ा और मकान टैक्स से बाहर होने चाहिए।
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कपड़ा व्यापारी ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि छोटे व्यापारियों को जीएसटी से बाहर रखना चाहिए। उन्होंने शहर के सभी कपड़ा व्यापारियों को इस संघर्ष में सहयोग देने का आह्वान किया। इसके बाद कपड़ा व्यापारियों ने शहर में रोष मार्च निकालते हुए एसडीएम पूनम सिंह को सरकार के नाम पर एक मांगपत्र सौंपा और पूरा दिन अपना कारोबार पूरी तरह से ठप रखा। इस मौके पर ओम प्रकाश शर्मा, सतीश ख्ुाराना, राजेश गुप्ता, मेहर चंद तनेजा, राजेश कुमार, बॉबी खुराना, दीशी भठेजा, शांति स्वरूप जैन मौजूद थे।
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