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कतर में मारे गए राकेश का शव डेढ़ माह बाद पहुंचा
Updated Tue, 04 Jul 2017 10:11 PM IST
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कतर में डेढ़ माह बाद आया राकेश का शव
तलवाड़ा (होशियारपुर))। रहस्यमय हालात में दोहा कतर में मृत मिले गांव बेडिंग के राकेश कुमार उर्फ बंटी की लाश मंगलवार को करीब डेढ़ महीने बाद घर आई। कतर से आज दो बजे अमृतसर हवाई अड्डे पर लाश पहुंची। राकेश कुमार का शव आते ही गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी। परिवार पिछले डेढ़ महीने से मृत शरीर का इंतजार कर रहा था।
मृतक राकेश कुमार (28) गांव बेडिंग की दोहा कतर में मई महीने की 19 तारीख को रहस्यमय हालत में मौत हो गई थी । उनका शव कैंप से 12 किलोमीटर दूर झाड़ियों में मिला था। मौत किस तरह हुई अभी तक कुछ साफ पता नहीं चल सका। पुलिस अभी तफतीश ही कर रही है। कंपनी का कहना है कि शव की मेडिकल रिपोट तीन महीने बाद आएगी। तभी साफ पता चल सकेगा। अभी तक हत्या का ही कयास लगाया जा रहा है।
राकेश कुमार का 28 फरवरी को विवाह गांव नंगल की ज्योतिका से हुआ था और 12 अप्रैल को राकेश कुमार वापस चला गया दोहा कतर। फौज से सेवानिवृत्त मृतक के पिता अरुण कुमार 72 ने बताया कि 7 बेटे-बेटियो में राकेश कुमार सबसे छोटा था। कंपनी का कहना है कि तीन महीने तक सब पता चल जाएगा की मौत कैसे हुई है और तब तक कंपनी की तरफ से राकेश का फंड है उसके वारिस के खाते में डाल दिया जाएगा। रीति रिवाज के साथ राकेश कुमार के शव का गांव के शमशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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तलवाड़ा (होशियारपुर))। रहस्यमय हालात में दोहा कतर में मृत मिले गांव बेडिंग के राकेश कुमार उर्फ बंटी की लाश मंगलवार को करीब डेढ़ महीने बाद घर आई। कतर से आज दो बजे अमृतसर हवाई अड्डे पर लाश पहुंची। राकेश कुमार का शव आते ही गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी। परिवार पिछले डेढ़ महीने से मृत शरीर का इंतजार कर रहा था।
मृतक राकेश कुमार (28) गांव बेडिंग की दोहा कतर में मई महीने की 19 तारीख को रहस्यमय हालत में मौत हो गई थी । उनका शव कैंप से 12 किलोमीटर दूर झाड़ियों में मिला था। मौत किस तरह हुई अभी तक कुछ साफ पता नहीं चल सका। पुलिस अभी तफतीश ही कर रही है। कंपनी का कहना है कि शव की मेडिकल रिपोट तीन महीने बाद आएगी। तभी साफ पता चल सकेगा। अभी तक हत्या का ही कयास लगाया जा रहा है।
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राकेश कुमार का 28 फरवरी को विवाह गांव नंगल की ज्योतिका से हुआ था और 12 अप्रैल को राकेश कुमार वापस चला गया दोहा कतर। फौज से सेवानिवृत्त मृतक के पिता अरुण कुमार 72 ने बताया कि 7 बेटे-बेटियो में राकेश कुमार सबसे छोटा था। कंपनी का कहना है कि तीन महीने तक सब पता चल जाएगा की मौत कैसे हुई है और तब तक कंपनी की तरफ से राकेश का फंड है उसके वारिस के खाते में डाल दिया जाएगा। रीति रिवाज के साथ राकेश कुमार के शव का गांव के शमशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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